/पीजीआईएमईआर में नवजात तंत्रिका रोगों पर राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू।

पीजीआईएमईआर में नवजात तंत्रिका रोगों पर राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू।

चंडीगढ़, 4 अप्रैल,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा

Post Graduate Institute of Medical Education and Research के एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर के ऑडिटोरियम में “नियोनेटल न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर्स” विषय पर सिंगल थीम वर्कशॉप का शुभारंभ हुआ। संस्थान के निदेशक Prof Vivek Lal ने कार्यशाला का उद्घाटन किया, जबकि पूर्व विभागाध्यक्ष Prof O N Bhakoo भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

निदेशक प्रो. विवेक लाल ने इस जटिल विषय पर कार्यशाला आयोजित करने के लिए नियोनेटलॉजी यूनिट की सराहना करते हुए कहा कि क्लीनिकल ज्ञान और आधुनिक जांच तकनीकों का समन्वय बेहद आवश्यक है। विभागाध्यक्ष एवं कार्यशाला के चेयरपर्सन Prof Praveen Kumar ने बताया कि इस प्रकार की हैंड्स-ऑन कार्यशालाएं प्रतिभागियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। आयोजन सचिव Prof Sourabh Dutta ने बताया कि यह 10वीं सिंगल थीम वर्कशॉप है, जिसमें हर बार अगले विषय का चयन प्रतिभागियों द्वारा किया जाता है।

संयुक्त आयोजन सचिव Dr Jogender Kumar ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।


कार्यशाला के वैज्ञानिक सत्र की शुरुआत Dr Supreet Khurana द्वारा नवजात के सामान्य न्यूरोलॉजिकल परीक्षण पर व्याख्यान से हुई।

इसके बाद Dr Naveen Jain ने नवजात में मस्तिष्क संबंधी समस्याओं के प्रबंधन पर प्रकाश डाला। प्रो. सौरभ दत्ता ने नवजात मेनिन्जाइटिस के निदान और उपचार में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की, जबकि Prof Deepak Chawla ने जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी से होने वाले मस्तिष्क क्षति के निदान और उपचार की जानकारी दी। दिल्ली से आए Dr Naveen Prakash Gupta ने प्रीमैच्योर शिशुओं में ब्रेन ब्लीडिंग पर व्याख्यान दिया।

Dr Chirag Ahuja ने MRI और CT स्कैन पढ़ने की तकनीक सिखाई।

पहले दिन की मुख्य आकर्षण तीन प्रैक्टिकल सत्र रहे, जिनमें प्रतिभागियों को नवजातों में Whole-body cooling, Head ultrasound और EEG (ब्रेन वेव्स) की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई।

इसके बाद वास्तविक केस स्टडी पर आधारित समूह चर्चा में विशेषज्ञों के साथ प्रतिभागियों को सीधे संवाद का अवसर मिला।

यह कार्यशाला नवजात शिशुओं में मस्तिष्क संबंधी जटिल बीमारियों के बेहतर निदान और उपचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।