/पंचायत चुनाव में पत्रकारों की एंट्री ने छेड़ी नई बहस।

पंचायत चुनाव में पत्रकारों की एंट्री ने छेड़ी नई बहस।

बीबीएन में दिखा राजनीति और पत्रकारिता का नया समीकरण

बीबीएन 3 जून,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ वर्मा

औद्योगिक नगरी बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) में संपन्न हुए पंचायत चुनावों के दौरान पत्रकारिता और राजनीति का अनोखा संगम देखने को मिला। वर्षों से समाज और जनहित के मुद्दों को उठाने वाले कई पत्रकार इस बार सीधे चुनावी मैदान में उतरे, जिससे क्षेत्र में नई चर्चा और बहस का दौर शुरू हो गया है।

पत्रकारिता और राजनीति का संबंध कोई नया नहीं है, लेकिन बदलते समय के साथ दोनों क्षेत्रों का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। पंचायत चुनावों में पत्रकारों की सक्रिय भागीदारी ने इस बदलाव को और स्पष्ट कर दिया।

चुनाव परिणाम चाहे जो रहे हों, लेकिन जनता द्वारा पत्रकार उम्मीदवारों को मिला समर्थन इस बात का संकेत है कि लोगों का भरोसा आज भी पत्रकारों पर कायम है।

बीबीएन की पत्रकारिता प्रदेश के अन्य हिस्सों से कुछ अलग मानी जाती है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इस क्षेत्र में उद्योग, व्यापार और सामाजिक गतिविधियों के कारण समाज सेवा के अनेक अवसर मौजूद हैं।

इसके बावजूद कई पत्रकारों ने प्रत्यक्ष राजनीति को जनसेवा का अधिक प्रभावी माध्यम मानते हुए चुनावी राजनीति में कदम रखा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पत्रकारों के चुनावी मैदान में उतरने से स्थानीय राजनीति में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को नई मजबूती मिल सकती है। वहीं कुछ लोग इसे पत्रकारिता की निष्पक्षता से भी जोड़कर देख रहे हैं, जिससे इस विषय पर व्यापक बहस छिड़ गई है।

बीबीएन के पंचायत चुनावों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब बीबी एन के पत्रकार भी केवल खबरों तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि नीति निर्माण और विकास कार्यों में भी प्रत्यक्ष भागीदारी निभाने की इच्छा रखते हैं।

आने वाले समय में यह रुझान स्थानीय राजनीति और पत्रकारिता दोनों की दिशा को प्रभावित कर सकता है।