बीबीएन, 6 जुलाई,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा।
मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शांति गौतम ने शिमला स्थित कांग्रेस कार्यालय में संवाद भारत के पत्रकारों के साथ कथित रूप से हुए अभद्र व्यवहार की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ माना जाता है और पत्रकारों का दायित्व निष्पक्ष रूप से जनता तक तथ्य एवं सच्चाई पहुंचाना है। यदि पत्रकारों को अपने कर्तव्यों के निर्वहन से रोका जाता है या उनके लिए भय और दबाव का माहौल बनाया जाता है, तो यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है।
शांति गौतम ने पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता की सुरक्षा प्रत्येक सरकार की जिम्मेदारी है। किसी भी पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार या उत्पीड़न किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।










