जनता पर बढ़ाया जा रहा आर्थिक बोझ: जयराम ठाकुर
शिमला, 12 अगस्त,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर जनता पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है।
शिमला से जारी बयान में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुख के नाम पर शुल्क की सरकार चला रहे हैं और बिना सोचे-समझे विभिन्न कर एवं शुल्क लगाकर आम लोगों का जीवन कठिन बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार सत्ता में आने के बाद डीजल पर दो बार वैट बढ़ा चुकी है और अब पेट्रोल व डीजल पर 60 पैसे का सेस भी लगा दिया गया है।
उनका आरोप है कि विधानसभा में इस प्रावधान को लागू न करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन सरकार अपने वादे से पीछे हट गई।
जयराम ठाकुर ने कहा कि अनाथ एवं विधवा सेस के नाम पर लोगों से धन वसूला जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में ईंधन पर अतिरिक्त कर का सीधा असर परिवहन और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय ने भी सरकार को कर लगाने में संवेदनशीलता और विवेक बरतने की नसीहत दी है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित की योजनाओं को बंद कर रही है। उन्होंने कहा कि केवाईसी और तकनीकी कारणों का हवाला देकर वृद्धावस्था पेंशन रोकी जा रही है तथा सहारा योजना के लाभार्थियों को भी परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं महंगी होती जा रही हैं।
विश्वविद्यालयों में फीस वृद्धि के विरोध में छात्र आंदोलन कर रहे हैं, जबकि अस्पतालों में दवाओं की कमी, हिमकेयर कार्ड के प्रभावी संचालन में दिक्कतें तथा इलाज और जांच के लिए लंबा इंतजार लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी में राहत दिए जाने के बावजूद राज्य सरकार विभिन्न शुल्क बढ़ाकर आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से जनता पर नए शुल्क लगाने के बजाय जनकल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।








