/खेड़ा में राज कूहल बंद होने से जल निकासी बाधित।

खेड़ा में राज कूहल बंद होने से जल निकासी बाधित।

बारिश का पानी खुले में आने से लोग परेशान।

नालागढ़, 11 अगस्त,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा।

नालागढ़ उपमंडल की ग्राम पंचायत खेड़ा में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग (आईपीएच) की राज कूहल को कथित रूप से अवैज्ञानिक तरीके से बंद किए जाने के बाद बरसात का पानी लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने लगा है।

जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, समस्या के समाधान को लेकर गत दिवस पंचायत के वर्तमान प्रधान कुलवंत सिंह, पूर्व प्रधान अवतार सिंह सैनी,बीडीसी सदस्य तथा स्थानीय वार्ड सदस्य ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनीं।

खुर्शीद जिनके आगे बिना चैंबर बनाए राज कूहल को अवैज्ञानिक तरीके से बंद कर दिया गया है उन्हें अब पानी के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।खुर्शीद की माने तो राज कूहल को बंद करने से भविष्य में इसके पूरे तरह जाम होने की भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। हिमाचल जल शक्ति विभाग द्वारा राज कूहल को बिना ग्रेविटी और अवैज्ञानिक तरीके से बिना किसी चैंबर के बंद किए जाने से यह समस्या पैदा हो गई है जो भविष्य में किसी बड़ी समस्या का कारण भी बन सकती है ।

लोगों ने मांग की कि फोरलेन का पानी साथ लगती खेड़ा नदी में पहुंचाया जाये जिस से किसी की संपत्ति का नुकसान न हो।पंचायत प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि बीबीएनडीए (BBNDA) के सहयोग से सड़क और सिद्धार्थ मिल क्षेत्र से आने वाले वर्षा जल की निकासी सीधे खेड़ा खड़ में करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल ही में स्थानीय विधायक के सहयोग से राज कूहल में आने वाले बाहरी पानी को ह्यूम पाइप बिछाकर बंद कर दिया गया। हालांकि, पाइप लाइन में आवश्यक चैंबर नहीं बनाए जाने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई है और बारिश का पानी प्राइवेट प्रॉपर्टी और रिहायशी क्षेत्रों की ओर मुड़ने लगा है।

ग्रामीणों ने पंचायत और बीबीएनडीए प्रशासन से मांग की है कि सड़क तथा सड़क के दूसरी ओर से आने वाले वर्षा जल की निकासी सीधे खेड़ा खड़ में सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों के घरों और संपत्तियों को नुकसान से बचाया जा सके तथा भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।