/राज्य स्तरीय वन महोत्सव 14 अगस्त को घुमारवीं के निहारी में, मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ

राज्य स्तरीय वन महोत्सव 14 अगस्त को घुमारवीं के निहारी में, मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ

शिमला, 11 अगस्त,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा।

हिमाचल प्रदेश का राज्य स्तरीय वन महोत्सव 14 अगस्त को बिलासपुर जिले के घुमारवीं उपमंडल के निहारी में आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री स्कूली बच्चों एवं वन संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को पौधे भी वितरित करेंगे।

यह जानकारी वन बल प्रमुख एवं जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक डॉ. संजय सूद ने दी। उन्होंने बताया कि वन महोत्सव के सफल आयोजन के लिए वन वृत्त बिलासपुर और वन मंडल बिलासपुर को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। हाल ही में उन्होंने प्रदेश के सभी वन मंडलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक कर पौधरोपण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश भी दिए हैं।

डॉ. संजय सूद ने बताया कि वर्ष 2026 में हिमाचल प्रदेश वन विभाग ने 7 से 8 हजार हेक्टेयर भूमि पर 50 लाख से अधिक पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें लगभग 4 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत पौधरोपण किया जाएगा। बरसात के मौसम में प्रदेश के विभिन्न वन मंडलों में पौधरोपण अभियान तेजी से चल रहा है।

स्थानीय भौगोलिक एवं जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप चिनार सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं। इस वर्ष पहली बार चिनार के पौधों के रोपण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वन विभाग ने वर्ष 2030 तक ‘मिशन-32’ के तहत प्रदेश के हरित आवरण को 32 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए विभाग व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है।

जाइका वानिकी परियोजना ने इस वर्ष 500 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2018 से 2025 के बीच परियोजना ने प्रदेश के 22 वन मंडलों में 8,343 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर हरित आवरण बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वहीं, मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना के तहत पिछले वर्ष परियोजना ने 124 हेक्टेयर भूमि पर सफलतापूर्वक पौधरोपण किया था।

डॉ. संजय सूद ने प्रदेशवासियों से वन महोत्सव एवं पौधरोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और वन संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही मिशन-32 के लक्ष्य को सफल बनाया जा सकता है।