चंडीगढ़, 24 अगस्त,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो /वर्मा।
पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ का एडवांस्ड आई सेंटर बाल ग्लूकोमा उपचार के क्षेत्र में देश और विदेश में प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यहां 7,269 बच्चों का उपचार किया गया, जिनमें 602 नए मरीज शामिल हैं।
पीजीआईएमईआर निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि संस्थान उन्नत उपचार के साथ अनुसंधान और नवाचार को जोड़कर बाल्यावस्था के रोके जा सकने वाले अंधत्व की रोकथाम में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
वर्ष 2012 में शुरू हुई पीडियाट्रिक ग्लूकोमा सेवा अब व्यापक विशेषज्ञ केंद्र बन चुकी है।
सेवा की प्रमुख उपलब्धियों में बच्चों में गोनियोटॉमी की पहली भारतीय रिपोर्ट, कम लागत वाले ग्लूकोमा ड्रेनेज डिवाइस का विकास, आधुनिक इमेजिंग तकनीकों का उपयोग और आनुवंशिक अध्ययनों में योगदान शामिल है।
सेवा द्वारा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में 84 शोध पत्र प्रकाशित किए जा चुके हैं।
डॉ. सुष्मिता कौशिक ने कहा कि समय पर निदान और उचित उपचार से बाल ग्लूकोमा के कारण होने वाले स्थायी अंधत्व को रोका जा सकता है।
पीजीआईएमईआर की सेवा अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क और पीडियाट्रिक ग्लूकोमा रजिस्ट्रियों में भी सक्रिय रूप से भाग ले रही है।









