नालागढ़, 1 सितंबर।
हिम नयन न्यूज/ब्यूरो/वर्मा।

नालागढ़ के माजरा में उद्योगों के कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए स्थापित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के विरोध में मंगलवार को पंजाब और माजरा क्षेत्र के लोगों ने नालागढ़ में विरोध रैली निकाली। रैली नालागढ़ बाजार से होते हुए रविदास गुरुद्वारा पहुंची, जहां यह जनसभा में तब्दील हो गई।

रैली और जनसभा में नालागढ़ की राजनीति से जुड़े लखविंदर सिंह राणा, के.एल. ठाकुर, हरप्रीत सिंह सैनी सहित बीडीसी सदस्यों, पंचायत प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों, माजरा गांव की महिला मंडलों तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।


इस दौरान पंजाब के किसान संगठनों और विभिन्न जत्थेबंदियों के प्रतिनिधियों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। वक्ताओं ने हिमाचल प्रशासन से माजरा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को बंद करवाने की मांग उठाते हुए आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करने की बात कही।

प्लांट के विरोध में जुटे लोगों का मुख्य आरोप है कि क्षेत्र के पानी और पर्यावरण पर इसके संचालन का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि, आंदोलनकारियों की ओर से इस संबंध में वैज्ञानिक जांच अथवा प्रमाणों को सार्वजनिक किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। इसके बावजूद स्थानीय लोग पानी के संभावित प्रदूषण के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।


दूसरी ओर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट से जुड़े पक्ष का कहना है कि यहां हिमाचल प्रदेश के उद्योगों से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाता है। प्लांट निर्धारित पर्यावरणीय एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप संचालित होने का दावा किया जा रहा है।

ऐसे में अब क्षेत्रवासियों द्वारा लगाए जा रहे प्रदूषण संबंधी आरोपों की वास्तविकता सामने लाने के लिए संबंधित विभागों द्वारा वैज्ञानिक जांच और निरीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एक उद्योग से जुड़े प्रदूषण के आरोपों के बाद तेज हुआ मुद्दा
माजरा प्लांट को लेकर चल रहा विरोध उस समय और चर्चा में आया, जब नालागढ़ क्षेत्र में संचालित एक उद्योग से कथित प्रदूषण के कारण लोगों को परेशानी होने की शिकायतें सामने आईं। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उद्योगों से निकलने वाले कचरे और कथित रूप से नदियों-नालों में छोड़े जा रहे गंदे पानी की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। आने वाले दिनों में बद्दी क्षेत्र में भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन शुरू होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
उधर स्थानीय प्रशासन का कहना है कि प्रदूषण से संबंधित शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

माजरा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब नालागढ़ की राजनीति और सामाजिक हलकों में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि प्रशासन आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाता है और क्या यह आंदोलन माजरा से आगे बढ़कर पूरे बीबीएन औद्योगिक क्षेत्र में पर्यावरण के मुद्दे को लेकर व्यापक रूप लेता है।










