काठमांडू, 31 अगस्त
हिम नयन न्यूज़ / एजेंसी।
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के ताजा आंकड़ों के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़कर 903 हो गई है, जबकि 4,247 से अधिक लोग अभी भी लापता है।
मिली जानकारी के मुताबिक राहत और बचाव अभियान में नेपाल पुलिस, नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल के 20,800 से अधिक जवान जुटे हैं।
अब तक 10,459 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
हेलीकॉप्टरों के माध्यम से भी दुर्गम इलाकों में लगातार राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है।
सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने की चुनौती
सबसे बड़ी चिंता जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को लेकर है।
रेस्क्यू टीमें मलबा हटाकर और नियंत्रित ब्लास्टिंग के जरिए सुरंगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार सैकड़ों श्रमिकों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है।
अमेरिकी भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार यह आपदा नेपाल के लांगटांग क्षेत्र में ग्लेशियर से जुड़ी तेज ढलान विफलता/मलबा प्रवाह से शुरू हुई और पानी-मलबे की धारा करीब 100 किलोमीटर तक नीचे की ओर पहुंची।
इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित प्रमुख जिले: रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, नवलपरासी पूर्व-पश्चिम, तनहूं और चितवन है।
स्थिति अभी भी बेहद नाजुक है, क्योंकि कई इलाकों में भूस्खलन और खराब मौसम के कारण राहत दलों की पहुंच प्रभावित हो रही है।










