कर्मचारियों को जल्द मिलेगा महंगाई भत्ता
देहरा, 30 अगस्त,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तथा आने वाले समय में कर्मचारियों को महंगाई भत्ता प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने वित्तीय सूझबूझ, राजकोषीय अनुशासन और जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से कर्मचारियों व पेंशनरों को वित्तीय लाभ सुनिश्चित किए हैं।
कांगड़ा जिले के देहरा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 67 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को पूरे बकाया, लीव एनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का भुगतान कर दिया गया है।
उन्होंने घोषणा की कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वेतन बकाया के अतिरिक्त 20 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि श्रेणी-I, II और III के पेंशनरों के लिए बेसिक पे से संबंधित शर्त हटाने के निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके बाद पात्र पेंशनरों को उनके लंबित बकाया का 35 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा।
इससे कर्मचारियों के कुल बकाया का 57 प्रतिशत हिस्सा चुकता हो जाएगा।
800 मछुआरों को 3,500 रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि’ के तहत 800 मछुआरों को 3,500 रुपये प्रति व्यक्ति की वित्तीय सहायता के चेक वितरित किए।
यह राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है।
उन्होंने कहा कि मछली पर रॉयल्टी को 15 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत किया गया है। मछली पकड़ने पर प्रतिबंध की अवधि में मछुआरों को 3,500 रुपये प्रति व्यक्ति की सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के रास्ते बंद करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। भ्रष्टाचार में शामिल लोगों से उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का ब्यौरा मांगा जाएगा और ऐसी संपत्तियों को जब्त कर गरीबों के हित में इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में आम लोगों से सरकार का सहयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किशाऊ बांध परियोजना में हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई लड़ी है, जिससे प्रदेश को हर वर्ष करीब 600 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा।
इसी तरह जेएसडब्ल्यू मामले में सर्वोच्च न्यायालय में राज्य की जीत के बाद हिमाचल को सालाना करीब 150 करोड़ रुपये की आय हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला में भूमिगत यूटिलिटी डक्ट का कार्य शुरू किया गया है और इसी तरह का कार्य देहरा में भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा को हिमाचल प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है। बनखंडी में 619 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का जूलॉजिकल पार्क विकसित किया जा रहा है।
इस परियोजना पर 150 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं तथा 100 करोड़ रुपये और जारी किए गए हैं।
उन्होंने देहरा अस्पताल में एक वर्ष के भीतर अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाएं कार्यान्वयन के अधीन हैं। ओजोन तकनीक आधारित पेयजल परियोजना को भी अगले एक वर्ष के भीतर पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पौंग बांध विस्थापितों की समस्याओं से पूरी तरह अवगत है। उन्होंने बताया कि अब तक 200 विस्थापित परिवारों को मकान बनाने के लिए भूमि उपलब्ध करवाई गई है तथा अन्य पात्र परिवारों को भी समय के साथ इस योजना के दायरे में लाया जाएगा।
विधायक कमलेश ठाकुर ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि’ के तहत सहायता वितरण केवल आर्थिक सहयोग का अवसर नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में मेहनत कर रहे मछुआरा परिवारों के श्रम और योगदान को सम्मान देने का अवसर भी है।
उन्होंने कहा कि मछुआरों की मेहनत स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि देहरा में कई बड़ी विकास परियोजनाएं चल रही हैं और आने वाले वर्षों में देहरा को हिमाचल के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करना सरकार का लक्ष्य है। शिक्षा, सड़क और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हो रहा विकास क्षेत्र में बदलते परिदृश्य का प्रमाण है।
इस अवसर पर राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी पठानिया, विधायक संजय रतन, पूर्व मंत्री एवं हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान, पूर्व विधायक योगराज, विभिन्न बोर्डों एवं निगमों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, सचिव प्रियंका बसु इंग्टी, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।










