/हिमाचल में 194 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, 76 जॉब ट्रेनी चिकित्सक भी नियुक्त

हिमाचल में 194 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, 76 जॉब ट्रेनी चिकित्सक भी नियुक्त

सीएचसी नालागढ़ में जॉब ट्रेनी के रूप में डॉ. तमन्ना सूद की नियुक्ति

शिमला 15सितंबर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो /वर्मा।

हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के उद्देश्य से हिमाचलसरकार ने पी जी कोर्स पूरा करने वाले 194 विशेषज्ञ मेडिकल ऑफिसरों की विभिन्न अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में तैनाती के आदेश जारी किए हैं। इनमें 118 चिकित्सकों को नियमित पोस्टिंग दी गई है, जबकि 76 डॉक्टरों को एक वर्ष की अवधि के लिए जॉब ट्रेनी के रूप में नियुक्त किया गया है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सभी संबंधित चिकित्सकों को तत्काल अपने निर्धारित तैनाती स्थल पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों को डॉक्टरों की ज्वाइनिंग सुनिश्चित कर इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजने को कहा गया है।

जॉब ट्रेनी डॉक्टरों को मिलेगा 60 हजार रुपये मासिक मानदेय

एक वर्ष के लिए नियुक्त किए गए 76 जॉब ट्रेनी डॉक्टरों को प्रतिमाह 60 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त उन्हें नियमानुसार प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी।

नालागढ़, सोलन समेत विभिन्न क्षेत्रों में भी तैनाती,
जारी आदेशों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में चिकित्सकों की तैनाती की गई है। इनमें सीएचसी नालागढ़ में डॉ. पंकज चौधरी और डॉ. मधुप अरोड़ा की नियमित पोस्टिंग की गई है।

वहीं सीएचसी नालागढ़ में जॉब ट्रेनी के रूप में डॉ. तमन्ना सूद की नियुक्ति की गई है।

इसके अलावा आरएच सोलन में डॉ. पालवी, सीएच कंडाघाट में डॉ. प्रियंका धीमान तथा प्रदेश के अन्य अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में भी चिकित्सकों को तैनाती दी गई है।

नियमित पोस्टिंग पाने वाले चिकित्सकों को आईजीएमसी शिमला, एआईएमएसएस चमियाना, एसएलबीएस जीएमसी नेरचौक, डॉ. आरपीजीएमसी टांडा, डॉ. वाईएस परमार पीजीएमसी नाहन, मेडिकल कॉलेज खानरी, जिला अस्पतालों तथा विभिन्न सामुदायिक एवं क्षेत्रीय अस्पतालों में तैनात किया गया है।

वहीं जॉब ट्रेनी डॉक्टरों की नियुक्ति भी प्रदेश के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और सीएमओ कार्यालयों में की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के इस निर्णय से प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।