नई दिल्ली 15 सितंबर,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा।
भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने वैश्विक शासन व्यवस्था में विकासशील देशों की भूमिका बढ़ाने, आर्थिक सहयोग मजबूत करने और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” विषय पर व्यापक चर्चा हुई।
सम्मेलन के समापन पर जारी नई दिल्ली घोषणा-पत्र में BRICS देशों ने अधिक न्यायपूर्ण, प्रतिनिधित्वपूर्ण और प्रभावी वैश्विक व्यवस्था के लिए सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
घोषणा-पत्र में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और वैश्विक दक्षिण की आवाज को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
भारत की अध्यक्षता के दौरान BRICS से जुड़े 400 से अधिक कार्यक्रम और बैठकें देश के 30 शहरों में आयोजित की गईं। इनमें व्यापार, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल तकनीक, सतत विकास और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाया गया।
आर्थिक क्षेत्र में BRICS देशों ने आपसी व्यापार, निवेश और सीमा-पार भुगतान व्यवस्था को बेहतर बनाने पर चर्चा की। स्थानीय मुद्राओं में व्यापारिक निपटान और सीमा-पार भुगतान की संभावनाओं पर भी काम आगे बढ़ाने की बात कही गई।
भारत ने गुजरात के GIFT City में BRICS Risk Lab स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा।
शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात भी हुई। दोनों देशों ने व्यापार और परिवहन संपर्क बढ़ाने तथा द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
भारत की अध्यक्षता के बाद 2027 में BRICS की अध्यक्षता चीन को मिलेगी और अगला शिखर सम्मेलन चीन में आयोजित किया जाएगा।









