/सुन्नी बांध परियोजना के तहत 72.82 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी।

सुन्नी बांध परियोजना के तहत 72.82 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी।

लोक निर्माण विभाग और एसजेवीएनएल के बीच एग्रिमेंट सतलुज नदी पर बनेगा 152 मीटर लंबा पुल

शिमला 28 अक्टूबर,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा।

शिमला जिले के सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजना के तहत शिमला ग्रामीण क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 72.82 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे।

इस संबंध में बुधवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग और एसजेवीएनएल के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह की उपस्थिति में हुए इस समझौते का उद्देश्य परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना है।

382 मेगावाट क्षमता वाली सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजना की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आरएंडआर) योजना के तहत इन कार्यों को पूरा किया जाएगा। समझौते पर लोक निर्माण विभाग की ओर से अधीक्षण अभियंता दीपक राज चौहान तथा एसजेवीएनएल के कार्यकारी निदेशक विकास शर्मा ने हस्ताक्षर किए।

समझौते के तहत खैरा से ओगली तक एमडीआर-22 सड़क का उन्नयन एवं विस्तारीकरण किया जाएगा।

इसके अलावा सतलुज नदी पर ओगली-परलोग में 152 मीटर स्पैन के पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है। इन कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर होगा और स्थानीय लोगों को सुरक्षित व सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी।

इस दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने एसजेवीएनएल और संबंधित विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में जल शक्ति विभाग के सुन्नी मंडल से जुड़े मुद्दों और परियोजना प्राधिकरणों से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को विकास कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस पहल से विशेषकर शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में सड़क संपर्क सहित अन्य विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी। विभिन्न विभागों और परियोजना प्राधिकरणों के बीच बेहतर समन्वय से विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि परियोजनाओं से प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल और सिंचाई जैसी आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ कर लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना सरकार की प्राथमिकता है।

इस अवसर पर विशेष सचिव लोक निर्माण हरबंस सिंह ब्रसकोन, अतिरिक्त सचिव लोक निर्माण शिल्पी बेक्टा, उपमंडलाधिकारी सुन्नी राजेश वर्मा, मुख्य अभियंता लोक निर्माण एस.पी. जगोता सहित लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और एसजेवीएनएल के अधिकारी उपस्थित रहे।