/सहजयोगा के आन्दोलन में हम सब का क्या योगदान है ?

सहजयोगा के आन्दोलन में हम सब का क्या योगदान है ?


शिमला 28 नवम्बर,
हिम नयन न्यूज /ब्यूरो/ नयना वर्मा

वर्तमान में श्री माता जी निर्मला देवी द्वारा स्थापित सहजयोगा को विदेशो में लोगो द्वारा गहराई से अपनाया जा रहा है । फ्रांस जैसे देश ने सहजयोगा को अलग धर्म के रूप में मान्यता प्रदान कर दी है लेकिन हम भारतीय आज भी इसी विरोधाभास में फंसे है कि हम सहजयोगा को सार्वजनिक रूप में कैसे माने ।

हिमाचल प्रदेश में आज भी सहजयोगा करने वाले सीमित परिवार है और वह भी इस बात को सार्वजनिक करने से हिचकिचाते है कि वह सहजयोगा करते है । श्री माता जी ने अपने पूर्वजो जिन्हे हम सभी अपने दवी देवताओ के रूप में मानते है को मानने से कहीं भी इनकार नही किया है लेकिन इसे इस तरह माने जैसे हम अपने परिजनो को मानते है । सहजयोगा को प्रसारित करने के लिए कलियुग में इस संदेश को घर घर तक पहुचाने में हम सभी का क्या योगदान है इस पर विचार करना ही पडेगा । इस बारे में श्री माता जी ने भी अपने एक प्रवचन के दौरान सभी सहजयोगियो को सम्बोधित करते हुए कहा था कि सहजयोग के इस आंदोलन में आपका क्या योगदान है, श्री माता जी के 19 नवम्बर 2001 को दिए गए प्रवचन में जो कहा है उसका कुछ अंश आपके समक्ष पेश है ।

” मैं आप सभी को अपने हृदय से आशीर्वाद देती हूँ और मेरी इच्छा है कि कि आप अपना सम्मान करें, और समझें कि आपके इस संस्था में होने का, या हम कह सकते हैं कि सहजयोग के इस आंदोलन में आपका क्या स्थान (योगदान) है। हम इसे किस तरह से कार्यान्वित कर रहे हैं / आपका चित्त इन सब बेकार और तुच्छ चीज़ों से हटकर अपने ऊपर आ जाना चाहिए। यह ( चित्त ) एक अत्यंत गतिशील शक्ति होना चाहिए।”

हम सहजयोगी है श्री माता जी हमें हर पल संरक्षण दिए हुए है ,हमें अपने अच्छे व बूरे कर्मो का ज्ञान हो रहा है । हम अपनी स्थिति को सुधार सकते है, हमे किसी तीसरे विद्वान की आवश्यकता नही है ,हमें अल्प मृत्यु का भय नही है ,हमे अपने शत्रुओ पर विजय पाने के लिए किसी अन्य शक्ति की आवश्यकता नही है । फिर हम क्या चाहते है ? हम सहजयोगो के प्रचार के लिए क्या कर रहे है ? इस पर विचार करने की आवश्यकता है । हिमाचल में सहजयोगा का प्रचार प्रसार करने के लिए हम कम है लेकिन हम अपने समय का कितना हिस्सा लगा पा रहे है इस पर विचार करना पडेगा । आओ हम सभी कुछ नही कर सकते तो मां से प्रार्थना करे कि हिमाचल में भी सहजयोगा का प्रचार हो और यहां सत्य के साधको को श्री माता जी का सानिध्य मिले ।

आज से प्रण ले कि सुबह शाम या जब भी कभी हम ध्यान में बैठते है हम श्री माता जी से प्रार्थना करे कि मां हम से भी सहजयोगा का कार्य करवा ले । हिमाचल में भी सत्य के साधको को सहजयोग मिले और इस में हमारी भूमिका भी हो । जय श्री माता जी ।