नालागढ़ (बद्दी) 5अगस्त
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/रजनीश ठाकुर
हिमाचल सरकार के विद्युत बोर्ड निगम द्वारा स्मार्ट मीटर का मुद्दा औद्योगिक नगरी बी बी एन में भी उठने लगा है।
लोगों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चुनावी वादों में 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का दावा किया गया था, लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। इसके उलट, सरकार द्वारा शुरू की गई स्मार्ट मीटर योजना ने जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
लोगों की माने तो प्रदेश में बिजली विभाग द्वारा घर-घर में लगाए गए स्मार्ट मीटर के कारण बिजली बिल दोगुने हो गए हैं, जिससे आम जनता में रोष व्याप्त है।
नालागढ़ के निवासियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने से पहले उनके बिजली बिल सामान्य थे, लेकिन अब बिल 2,000-3,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये तक पहुंच गए हैं। नालागढ़ के निवासियों ने बताया कि पुराने मीटर से बिजली बिल उनकी खपत के हिसाब से आता था, और कोई शिकायत नहीं थी। लेकिन स्मार्ट मीटर की रीडिंग पर भरोसा करना मुश्किल हो रहा है।
लोगों ने शक जताया कि इन मीटरों में तकनीकी खराबी हो सकती है, जिसके चलते बिल ज्यादा आ रहा है। कुछ का कहना है कि मीटर तेजी से रीडिंग दर्ज करते हैं, जिससे बिजली की खपत गलत तरीके से ज्यादा दिखाई जा रही है।
सीनियर सिटीजन एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश घई ने बताया कि सरकार ने स्मार्ट मीटर लगाने से पहले कोई ट्रायल नहीं किया, जिसके चलते जनता को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने इसे “जनता की जेब पर डाका” करार देते हुए पुराने मीटर वापस लगाने की मांग की ।
स्थानीय निवासी दर्शन सिंह ने बताया कि स्मार्ट मीटर ने उनके घर का बजट बिगाड़ दिया है। पहले 2,500-3,000 रुपये का बिल आता था, जो अब 6,000 रुपये से अधिक हो गया है।
उन्होंने सरकार पर महंगाई बढ़ाने और वादाखिलाफी का आरोप लगाया। दर्शन सिंह ने कहा कि बिजली विभाग से शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
लोग अब सरकार से स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर लगाने और बिजली बिल में राहत देने की मांग कर रहे हैं।









