शिमला 7 अगस्त
हिम नयन ्रनयूज/ ब्यूरो/ वर्मा
उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ राजकुमार की अध्यक्षता में गत सांय भारी वर्षा के कारण कुम्हारहट्टी के समीप नालागढ़-रामशहर मार्ग पर हुए भूस्खलन के दृष्टिगत एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग नालागढ़ के सहायक अभियंता ने जानकारी दी कि भारी वर्षा के चलते नालागढ़ उपमंडल के कोईडी गांव में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है। इसके परिणामस्वरूप समीपवर्ती खड्ड में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे लगभग एक किलोमीटर लंबा और 30 से 35 फीट गहरा एक कृत्रिम जलाशय बन गया था। इसके अतिरिक्त, पहाड़ी से निरंतर पत्थरों के गिरने की वजह से आसपास के घरों और भूमि को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

इसके अतिरिक्त, कुम्हारहट्टी के पास रामशहर-नालागढ़-शिमला मार्ग तथा मित्तियां–क्वारनी सड़क पर लगभग 300 मीटर क्षेत्र में सड़क धंसने के कारण दोनों मार्गों को यातायात के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि रामशहर की ओर से आने वाले वाहनों को क्वारनी–मित्तियां–बहरूर–वैद का जोहड़–नालागढ़ होते हुए वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है। यह व्यवस्था दोनों दिशाओं के यातायात पर लागू रहेगी।
उपमंडलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को स्थिति पर सतत निगरानी रखने तथा आम जनता की सुरक्षा हेतु वैकल्पिक मार्गों के प्रयोग की अपील करने के निर्देश दिए। साथ ही, पुलिस विभाग को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के दोनों छोर पर पुलिस बल तैनात करने के आदेश दिए गए ताकि कोई भी व्यक्ति इस खतरनाक क्षेत्र में प्रवेश न कर सके। आपात स्थिति में सायरन के माध्यम से लोगों को सतर्क करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
जल शक्ति विभाग को कृत्रिम जलाशय की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, नगर परिषद नालागढ़ को आपात स्थिति में प्रभावित लोगों के अस्थायी ठहराव हेतु रैन बसेरा को तैयार रखने के निर्देश भी दिए । उन्होंने कहा कि घटनास्थल से सटे एक मकान को एहतियातन खाली करवाया गया है। उन्होंने राजस्व विभाग नालागढ़ को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत राशि प्रदान की जाए। इसके साथ ही, जरूरतमंदों को तिरपाल आदि आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई जाए तथा जिन परिवारों को खतरा है, उन्हें शीघ्र सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर वहां मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
ताजा जानकारी देते हुए उपमंडलाधिकारी ने बताया कि आज 7 अगस्त 2025 को मौसम में सुधार होने के कारण कृत्रिम जलाशय में जलस्तर और जलप्रवाह में कमी आई है, जिससे आसपास के गांव फिलहाल खतरे से बाहर हैं। फिर भी उन्होंने एहतियात बरतने की सलाह दी तथा आगामी दिनों में भी संबंधित विभागों को सतर्क एवं तैयार रहने के निर्देश दिए।
उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि खराब मौसम की स्थिति में अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें तथा नदियों, नालों एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें।
इस अवसर पर तहसीलदार नालागढ़
हुसन चंद, नायब तहसीलदार नालागढ़
रणदीप ठाकुर, राज कुमार सहायक अभियंता, हि०प्र० लोक निर्माण विभाग नालागढ़, जसविंदर सिंह सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग नालागढ़, राकेश राय थाना प्रभारी नालागढ़, भाग सिंह कंपनी कमांडर, गृह रक्षा विभाग नालागढ़, राजेन्द्र सिंह व विनोद शर्मा,अग्निशमन विभाग नालागढ़, धनंजय कुमार, यशपाल सिंह, एनडीआरएफ नालागढ़ तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।









