/पीजीआईएमईआर में 16 अंगदाता परिवारों को सम्मान।

पीजीआईएमईआर में 16 अंगदाता परिवारों को सम्मान।

80 मरीजों को मिला नया जीवन

चंडीगढ़ 14 मार्च,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो /वर्मा।

पीजीआईएमईआर (PGIMER) चंडीगढ़ में आयोजित एक भावुक समारोह में अंगदान करने वाले 16 बहादुर परिवारों को सम्मानित किया गया, जिनके निर्णय से 80 मरीजों के जीवन में नई उम्मीद जगी। इन परिवारों के अंगदान से 52 गंभीर अंग विफलता से जूझ रहे मरीजों को नया जीवन मिला, जबकि 28 कॉर्निया प्रत्यारोपण के माध्यम से दृष्टिहीन लोगों को रोशनी मिली।

यह सम्मान समारोह ROTTO नॉर्थ, PGIMER चंडीगढ़ द्वारा आयोजित CME-cum-Workshop “SAMARTHAN 2026” के उद्घाटन सत्र के दौरान आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में चिकित्सा जगत और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

“जीवन के इस महान उपहार को मापने का कोई पैमाना नहीं”

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि PGIMER के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने अंगदाता परिवारों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पीजीआईएमईआर को अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में जो पहचान मिली है, वह इन परिवारों के साहस और निस्वार्थ निर्णय के कारण संभव हो पाई है।

उन्होंने कहा, “जीवन के इस महान उपहार को मापने का कोई पैमाना नहीं है। इन परिवारों ने अपने सबसे कठिन समय में दूसरों को जीवन देने का निर्णय लिया, जो मानवता की सबसे बड़ी मिसाल है।”

अंगदान की संस्कृति विकसित करना जरूरी
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) के निदेशक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि अंगों की कमी और आवश्यकता के बीच की दूरी को कम करने का एकमात्र स्थायी उपाय स्वैच्छिक मृत अंगदान की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

उन्होंने छात्रों और युवाओं को इस अभियान का “परिवर्तन का दूत” बनने का आह्वान किया।
वहीं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अमरजीत कौर ने कहा कि SAMARTHAN 2026 का उद्देश्य अंगदान से जुड़ी सही जानकारी को लोगों तक पहुंचाना और इस आंदोलन को और मजबूत बनाना है।

16 परिवारों को मिला सम्मान सम्मानित परिवारों में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के दिवंगत अंगदाताओं के परिवार शामिल थे, जिनमें सुखविंदर सिंह (संगरूर), जतिंदर सिंह (फतेहगढ़ साहिब), रविंदर सिंह (चंडीगढ़), हरप्रीत कौर (बस्सी पठाना), नवनीत ठाकुर (कांगड़ा), मेजर सिंह (राजपुरा), परवीन कुमार (पंचकूला), नरेश कुमार (कैथल) सहित अन्य परिवार शामिल रहे।

इसके अलावा भारतीय सेना के चार दिवंगत अंगदाताओं के परिवारों को भी उनके प्रेरणादायक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।


विशेषज्ञों की कार्यशाला भी आयोजित उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित अकादमिक कार्यशाला में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रमों को मजबूत बनाने, समन्वय बढ़ाने और जागरूकता फैलाने पर विस्तृत चर्चा की।