चंडीगढ़ में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, वॉकाथॉन से शुरुआत
चंडीगढ़, 24 मार्च |
हिम नयन न्यूज़ / ब्यूरो / वर्मा
चंडीगढ़ में मंगलवार को गैर-संचारी रोगों पर केंद्रित 11वें अंतरराष्ट्रीय सीएमई का आयोजन किया गया। “Tackling Cardiovascular Diseases: A Public Health Perspective” विषय पर हुए इस कार्यक्रम की शुरुआत पीजीआईएमईआर से सुखना लेक तक निकाली गई वॉकाथॉन से हुई, जिसमें डॉक्टरों, छात्रों और आम लोगों ने भाग लिया।

यह सम्मेलन World NCD Federation, PGIMER चंडीगढ़ और NINE के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञों ने हृदय रोगों की रोकथाम और नियंत्रण पर विचार साझा किए।
चार तकनीकी सत्रों में हृदय रोगों की बदलती स्थिति, जोखिम कारकों और नई तकनीकों पर चर्चा हुई। प्रो. राजेश विजयवर्गीय ने बढ़ते बोझ और डेटा-आधारित रणनीतियों पर जोर दिया, जबकि प्रो. मंफूल सिंह ने एआई और आधुनिक इमेजिंग की भूमिका बताई। डॉ. कविता नारंग ने स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सिंग स्टाफ की अहम भूमिका को रेखांकित किया।

अन्य सत्रों में CHIP जैसे नए जोखिम कारकों, STEMI रजिस्ट्रियों, महिलाओं में हृदय रोगों की पहचान तथा रूमेटिक हृदय रोग की चुनौतियों पर चर्चा हुई। साथ ही, एआई आधारित इलाज, कार्डियक रिहैबिलिटेशन और होम-बेस्ड केयर मॉडल पर भी मंथन किया गया।

पैनल चर्चा में ट्रांस-फैट नियंत्रण, खानपान सुधार और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स जैसे मुद्दों पर विचार रखे गए। कार्यक्रम में पब्लिक फोरम के जरिए लोगों को जागरूक किया गया।
विशेषज्ञों ने निष्कर्ष में कहा कि हृदय रोगों से बचाव के लिए जागरूकता, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली बेहद जरूरी है।
