/नशा तस्करों की अवैध कमाई पर शिमला पुलिस का प्रहार। 40 लाख से अधिक की संपत्ति सीज

नशा तस्करों की अवैध कमाई पर शिमला पुलिस का प्रहार। 40 लाख से अधिक की संपत्ति सीज

तीन एनडीपीएस मामलों में वित्तीय जांच के आधार पर वाहन, बैंक खातों और अन्य संपत्तियों पर कार्रवाई

शिमला 1 अक्टूबर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा

नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ शिमला पुलिस ने अब कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए तस्करों की अवैध कमाई और उससे अर्जित संपत्तियों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ एनडीपीएस मामलों में फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन की जा रही है।

इसी प्रक्रिया के तहत तीन एनडीपीएस मामलों में ₹40 लाख से अधिक मूल्य की चल-अचल एवं वित्तीय संपत्तियां सीज की गई हैं। पुलिस के अनुसार बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों का विस्तृत विश्लेषण कर नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी संपत्तियों की पहचान की जा रही है।

बालूगंज मामले में ₹23 लाख की संपत्ति सीज
एफआईआर नंबर 27/2026, पुलिस थाना बालूगंज में 23 फरवरी 2026 को आईएसबीटी शिमला के समीप आरोपी अविनाश चौहान से करीब 7 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था।

जांच के दौरान विशाल यादव, जय प्रकाश यादव और रवि अहिरवार को भी गिरफ्तार किया गया।

वित्तीय जांच में पुलिस के अनुसार विशाल यादव और उसके सहआरोपी भाई जय प्रकाश यादव द्वारा नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से संपत्तियां खरीदे जाने के साक्ष्य सामने आए। जांच में अप्रैल 2026 में विशाल यादव द्वारा जय प्रकाश यादव के नाम पर करीब ₹22 लाख की Mahindra & Mahindra Scorpio-N खरीदे जाने की जानकारी सामने आई।

इसके अलावा विशाल यादव के बैंक खाते में 1 जनवरी 2025 से 26 अगस्त 2026 तक करीब ₹1 करोड़ का लेन-देन पाया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास वैध आय का कोई स्रोत सामने नहीं आया।

वित्तीय जांच के आधार पर वाहन और बैंक खाते में उपलब्ध राशि, कुल करीब ₹23 लाख, को एनडीपीएस एक्ट के तहत सीज किया गया।

रामपुर के दो मामलों में करीब ₹17.5 लाख की संपत्ति सीज
एफआईआर नंबर 52/2025, पुलिस थाना रामपुर में 13 मई 2025 को कुडीधार क्षेत्र में एक किराये के कमरे से 31 ग्राम चिट्टा/हेरोइन और ₹50,400 नकद बरामद किए गए थे।

मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वित्तीय जांच के आधार पर करीब ₹9.5 लाख मूल्य की संपत्तियों, जिसमें एक गाड़ी, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी शामिल है, को सीज किया गया है।

वहीं, एफआईआर नंबर 64/2025, पुलिस थाना रामपुर में 25 जून 2025 को नोगली बाजार स्थित बजीर बावड़ी रैन शेल्टर के पास आरोपी मनसा राम उर्फ मनीष को करीब 2.5 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था।

वित्तीय जांच में उसके बैंक एवं डाकघर खातों तथा अन्य वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण किया गया। पुलिस के अनुसार करीब ₹8 लाख की धनराशि प्रथम दृष्टया नशा तस्करी से जुड़ी पाई गई, जिसे नियमानुसार सीज किया गया।

शिमला पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस मामलों में वित्तीय जांच के माध्यम से ₹12.5 करोड़ से अधिक मूल्य की चल-अचल एवं वित्तीय संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं।

पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 और 2024 के दौरान एनडीपीएस मामलों में इस प्रकार की वित्तीय जांच नहीं की गई थी और इन दोनों वर्षों में नशे के मामलों से जुड़ी अवैध संपत्तियों को सीज करने की कार्रवाई भी नहीं हुई थी।

शिमला पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई में अब तस्करों की आर्थिक गतिविधियों और अवैध संपत्ति को भी जांच के दायरे में शामिल किया जा रहा है।