पीएमजीएसवाई-4 के दूसरे चरण में 1,659 किलोमीटर लंबी सड़कों का होगा निर्माण
शिमला, 9 अक्टूबर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो /वर्मा।
हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में जल्द ही बड़ी सौगात मिलने जा रही है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-4) के दूसरे चरण के तहत प्रदेश की 340 सड़कों के निर्माण के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये की स्वीकृति शीघ्र मिलने की उम्मीद है।
इन सड़कों की कुल लंबाई 1,659 किलोमीटर होगी। परियोजनाओं से जुड़ी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार सड़क, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि पीएमजीएसवाई-4 के तहत इससे पहले प्रदेश की 290 सड़कों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से 2,300 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। इन सड़कों की कुल लंबाई 1,500 किलोमीटर है और इनके निर्माण कार्य विभिन्न चरणों में चल रहे हैं।
विकास परियोजनाओं के लिए मिले 10 हजार करोड़ रुपये
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में सड़कों, अमृत मिशन, स्वच्छता और पेयजल सहित विभिन्न परियोजनाओं के लिए लगभग 10,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विकास संबंधी आवश्यकताओं और हिमाचल के हितों से जुड़े मुद्दों को वह केंद्र सरकार के समक्ष लगातार उठाते रहेंगे।
पुलों के निर्माण के लिए 128 करोड़ की परियोजनाएं
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए विभिन्न स्थानों पर पुलों का निर्माण भी आवश्यक है। इसके लिए जल्द ही 128 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि जिन क्षेत्रों में अभी तक सड़क सुविधा नहीं पहुंची है, वहां के निवासी गिफ्ट डीड सहित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में सहयोग करें, ताकि ऐसे क्षेत्रों को जल्द सड़क संपर्क से जोड़ा जा सके।
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वार्षिक रखरखाव के तहत लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किए जा रहे हैं। हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों के कारण सड़कों को पक्का करने में इस्तेमाल होने वाले तारकोल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे सड़क पक्की करने के कार्यों में देरी की आशंका है।
उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान और हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए विशेष सहायता की मांग करने के लिए वह जल्द ही केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री से मुलाकात करेंगे।
ब्राजील दौरे से मिली विकास कार्यों की नई जानकारी
अपने हालिया ब्राजील दौरे का उल्लेख करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वहां उन्हें सड़क निर्माण, रखरखाव, उन्नयन और शहरी विकास से जुड़ी आधुनिक तकनीकों, नवाचारों तथा बेहतर कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि ब्राजील में अपनाई जा रही उपयोगी प्रक्रियाओं को हिमाचल प्रदेश में भी लागू करने की संभावनाओं पर काम किया जा सकता है।
उन्होंने दोहराया कि प्रदेश की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को गति देना और दूरदराज के क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।





