गणपति भारत प्राइवेट लिमिटेड सहित अंचित ठाकुर पुत्र के.एल. ठाकुर, के खिलाफ मामला दर्ज
बीबीएन, 28 अक्टूबर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा।
एनएच-105 ब्रिज परियोजना के लिए खनन सामग्री की आपूर्ति में कथित फर्जी एम-फॉर्म और ट्रांजिट पास के इस्तेमाल का मामला सामने आया है।
इस संबंध में बद्दी पुलिस ने नालागढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय शिमला में प्राप्त शिकायत पर राजपत्रित पुलिस अधिकारी द्वारा की गई जांच के निष्कर्षों के आधार पर दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान खनन विभाग की सत्यापन रिपोर्ट, जीएसटी रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन, रनिंग अकाउंट बिल और अन्य संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की गई। इसमें काफी संख्या में एम-फॉर्म और ट्रांजिट पास कथित तौर पर फर्जी पाए गए।
जांच में ठाकुर रुहानी स्टोन क्रशर से खनन सामग्री की आपूर्ति और संबंधित दस्तावेजों के बीच संभावित संबंध भी सामने आया है। इसके अलावा, परियोजना स्थल पर दस्तावेजों के सत्यापन में हुई संभावित अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है।
इस मामले में अंचित ठाकुर पुत्र के.एल. ठाकुर, मैसर्स गणपति भारत प्राइवेट लिमिटेड तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत अभियोग दर्ज किया गया है।
इस बात की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। कथित फर्जी दस्तावेज कहां तैयार किए गए, उनका इस्तेमाल किस प्रकार हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही, इसका निर्धारण साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि मामले में नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।









