/PGIMER में दुकानदारों पर सख्ती, नियम तोड़ने पर अब 50 हजार रुपये तक जुर्माना

PGIMER में दुकानदारों पर सख्ती, नियम तोड़ने पर अब 50 हजार रुपये तक जुर्माना


एक्सपायरी और नकली सामान बेचने पर लाइसेंस भी हो सकता है रद्द, मरीजों और तीमारदारों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए संस्थान का बड़ा फैसला

चंडीगढ़, 5 नवंबर
हिम नयन न्यूज़ ब्यूरो वर्मा।

पीजीआईएमईआर (PGIMER) चंडीगढ़ ने संस्थान परिसर में संचालित दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए जुर्माने के प्रावधानों में बड़ी बढ़ोतरी की है। मरीजों और उनके तीमारदारों के हितों की रक्षा तथा बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिए गए इस फैसले के तहत ओवरचार्जिंग, एक्सपायरी डेट के सामान की बिक्री, गंदगी और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा। गंभीर और बार-बार उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित या रद्द भी किए जा सकते हैं।
पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि अस्पताल परिसर में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर वातावरण मिलना चाहिए। परिसर में संचालित प्रत्येक व्यावसायिक प्रतिष्ठान की जिम्मेदारी है कि वह मरीजों की सुविधाओं में सहयोग करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उचित मूल्य, स्वच्छता और पारदर्शिता के मानकों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संस्थान की ओर से गठित समिति ने 16 अक्टूबर 2026 को उपनिदेशक (प्रशासन) पंकज राय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मौजूदा जुर्माना प्रावधानों की समीक्षा की थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर जुर्माने की राशि में उल्लेखनीय वृद्धि को मंजूरी दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत दुकानों में रेट लिस्ट और छूट संबंधी जानकारी प्रदर्शित नहीं करने पर जुर्माना 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार ग्राहकों से निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने पर भी अब 50 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। दुकानों में गंदगी और अस्वच्छता पाए जाने पर जुर्माना 5 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है।
सबसे सख्त प्रावधान नकली, गंदे, क्षतिग्रस्त और एक्सपायरी डेट के उत्पाद बेचने वालों के लिए किया गया है। ऐसे प्रत्येक उल्लंघन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त संबंधित दुकान का लाइसेंस निलंबित या रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
पीजीआईएमईआर के उपनिदेशक (प्रशासन) पंकज राय ने कहा कि प्रतिदिन हजारों मरीज और तीमारदार संस्थान परिसर की दुकानों तथा अन्य सुविधाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में उन्हें अधिक कीमत वसूले जाने, असुरक्षित उत्पाद मिलने या गंदगी जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए। नई व्यवस्था का उद्देश्य दुकानदारों को अधिक जिम्मेदार बनाना और मरीजों को उचित एवं भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध करवाना है।
संशोधित नियमों में रेट लिस्ट प्रदर्शित करने, बिल जारी करने, उचित मूल्य वसूलने, स्वच्छता बनाए रखने, कचरे का उचित निपटान, अतिक्रमण रोकने, अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने और धूम्रपान पर रोक जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। गंभीर मामलों में पीजीआई प्रशासन द्वारा जुर्माने के अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
संस्थान प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुविधा, उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। नए प्रावधानों के माध्यम से परिसर में संचालित सभी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने का संदेश दिया गया है।