/हिमाचल को आपदा प्रभावित प्रदेश घोषित करने से क्या बदला ?

हिमाचल को आपदा प्रभावित प्रदेश घोषित करने से क्या बदला ?

शिमला 3 सितम्बर,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो /वर्मा

हिमाचल प्रदेश को मौजूदा बरसात और आपदा की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित प्रदेश घोषित कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को विधानसभा में आपदा से नुकसान पर एक विशेष वक्तव्य में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि जब तक बरसात का दौर चलता रहेगा, तब तक हिमाचल आपदा प्रभावित राज्य रहेगा और मौसम सामान्य होने पर इस आदेश को वापस लिया जाएगा।

आपदा प्रभावित राज्य घोषित होने से अब आपदा से जुड़े नियम लागू हो जाएंगे। साथ ही आपदा राहत पैकेज पूरे प्रदेश को मिलेगा।

इस बीच मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिला और राज्य स्तर पर प्रशासन लगातार राहत व बचाव कार्यों में जुटा है, लेकिन मानसून अब भी सक्रिय है और लगातार भारी बारिश की वजह से आपदा की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में सभी विभागों और एजेंसियों को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

इन आदेश के तहत सभी विभागों को आपदा प्रबंधन कानून 2005 की धारा 24(ई) के प्रावधानों के तहत त्वरित कदम उठाने को कहा गया है।

जिलाधीशों को धारा 34 के तहत आपदा की स्थिति में आवश्यक आदेश जारी करने का अधिकार दिया गया है। लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और बिजली बोर्ड को सड़क, पानी व बिजली सेवाएं तत्काल बहाल करने के आदेश दिए गए हैं। सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को मोबाइल और लैंडलाइन सेवाएं बहाल करने और सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत व पुनर्वास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को हरसंभव सहयोग देने के आदेश दिए गए हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सामान्य जनजीवन प्रभावित होने के कारण अब राहत व बचाव कार्यों में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी और सभी सेवाएं युद्धस्तर पर बहाल करनी होंगी।

आपदा प्रभावित राज्य घोषित होने से अब आपदा से जुड़े नियम लागू होंगे। इसके तहत आपदा राहत पैकेज पूरे प्रदेश को मिलेगा। राज्य सरकार ने आपदा पीड़ितों के लिए पैकेज दिया है जो साल 2023 में भी दिया गया था। इस बार पैकेज के तहत राहत की राशि को 70 हजार रुपये बढ़ाया गया है। पहले जिस प्रभावित का घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाता था, उसे सात लाख दिया जाता था, अब प्रभावित को सात लाख 70 हजार रुपये की राहत राशि रखी गई है।

अब प्रदेश में कहीं भी आपदा से नुकसान होता है, उसे ये राशि दी जाएगी।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में जानकारी दी कि प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ से अब तक 3,056 करोड़ रुपये का प्रारंभिक नुकसान आंका गया है।

इसमें सबसे अधिक क्षति इंजीनियरिंग के तहत बनी सड़कों, पुलों, पेयजल और बिजली की संरचनाओं को हुई है जबकि व्यक्तिगत संपतियों का नुकसान इस से कम अंक गया है।

सबसे प्रभावित जिलों में चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी, शिमला, कांगड़ा और हमीरपुर शामिल हैं।

चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु फंस गए थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 हजार यात्रियों में से अब तक 10 हजार को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचा दिया गया है। शेष यात्रियों के लिए भी लगातार निकासी अभियान चलाया जा रहा है। सरकार ने हेलीकॉप्टर, बसों और अन्य माध्यमों से राहत व बचाव कार्य तेज किए हैं।

उन्होंने कहा है कि 500 श्रद्धालु जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं, उन्हें विशेष व्यवस्था के तहत हेलीकॉप्टर से निकाला जाएगा।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यह भी बताया कि राहत व बचाव कार्यों को तेजी देने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल, पर्वतारोहण संस्थान मनाली की टीम, पुलिस बल और स्वयंसेवी संगठन तैनात किए गए हैं।