1500 करोड़ रुपये की विशेष राहत राशि की घोषणा
कांगड़ा/शिमला, 9 सितम्बर
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हिमाचल प्रदेश के बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के बाद कांगड़ा में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें प्रदेश में राहत व पुनर्वास कार्यों की प्रगति और क्षति का आकलन किया गया।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के लिए 1500 करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता की घोषणा की।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि राज्य को एसडीआरएफ (State Disaster Response Fund) की दूसरी किस्त अग्रिम रूप से जारी की जाएगी।

इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त, पीएम आवास योजना के तहत क्षतिग्रस्त मकानों का जियो-टैगिंग कर शीघ्र सहायता, राष्ट्रीय राजमार्गों की बहाली, पीड़ित परिवारों को पीएमएनआरएफ से मदद तथा पशुपालकों के लिए मिनी किट्स उपलब्ध कराए जाएंगे।

कृषि समुदाय की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कहा कि बिजली कनेक्शन से वंचित किसानों को अतिरिक्त सहायता दी जाएगी, ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित रहे।

इसी प्रकार क्षतिग्रस्त स्कूलों का भी जियो-टैगिंग किया जाएगा, जिससे समय रहते सहायता दी जा सके और विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।

जल संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री ने जल संग्रहण एवं भूजल स्तर सुधारने के लिए रिचार्ज संरचनाओं के निर्माण का भी आश्वासन दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने आपदा में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि तथा घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

गग्गल एयरपोर्ट पर उन्होंने प्रभावित परिवारों से मिलकर उनका दुख-दर्द साझा किया और आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इस कठिन समय में राज्य के साथ खड़ी है।

प्रधानमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, आपदा मित्र स्वयंसेवकों और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी अथक मेहनत से राहत व बचाव कार्य समय पर पूरे हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आगे भी राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी और केंद्रीय टीमों की विस्तृत रिपोर्ट मिलने पर और मदद पर विचार किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य में आपदाएं चुनौतीपूर्ण होती हैं, लेकिन सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत न केवल राहत व पुनर्वास पर तेजी से काम करेगी बल्कि बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण को भी प्राथमिकता देगी।










