/क्षमायाचना करना सर्वोत्तम मानवीय व्यवहार : सत्य पाल जैन

क्षमायाचना करना सर्वोत्तम मानवीय व्यवहार : सत्य पाल जैन

चंडीगढ़ 16 सितम्बर,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/स्वस्तिक गौतम।

चंडीगढ़ के पूर्व सांसद एवं भारत सरकार के अपर महासॉलिसिटर सत्य पाल जैन ने कहा कि दूसरों की गलतियों को माफ करना और अपने द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए क्षमायाचना करना सर्वोत्तम मानवीय विचार और व्यवहार है।

वे सेक्टर-27 बी स्थित जैनश्री दिगंबर जैन मंदिर में जैन समाज द्वारा आयोजित ‘क्षमावाणी’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। जैन ने कहा कि यदि समय रहते आपसी मनमुटाव दूर कर लिए जाएं तो समाज में मधुरता बढ़ती है और अनावश्यक तनाव कम होता है।

उन्होंने कहा कि क्षमायाचना को सभी धर्मों में श्रेष्ठ माना गया है, किंतु जैन धर्म ने इसे प्रतिवर्ष पर्व के रूप में मनाकर पूरी दुनिया के सामने अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। सामाजिक जीवन में अनजाने में कही गई बातें अक्सर मनमुटाव को जन्म देती हैं, जो समय के साथ शत्रुता का रूप ले लेती हैं। जैन धर्म ने क्षमायाचना पर्व के माध्यम से हर वर्ष एक ऐसा अवसर प्रदान किया है, जब व्यक्ति आपसी शिकायतों को भुलाकर संबंधों में नई शुरुआत करता है।

इस अवसर पर जैन समाज ने सत्य पाल जैन को सम्मानित भी किया।