/राजनीतिक हिंसा की आग में झुलसते परिवार।

राजनीतिक हिंसा की आग में झुलसते परिवार।

पश्चिम बंगाल की गुंडागर्दी रोक पाएगी भाजपा की सरकार

कोलकाता 7 मई,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/वर्मा

पश्चिम बंगाल में लगातार बढ़ रही राजनीतिक हिंसा और पक्ष-विपक्ष के बीच टकराव ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। चुनावी माहौल हो या स्थानीय स्तर की राजनीतिक गतिविधियां, आए दिन सामने आ रही हिंसा, तोड़फोड़ और झड़पों की घटनाओं ने कई परिवारों की जिंदगी को प्रभावित किया है।

राजनीतिक संघर्ष की इस लड़ाई में सबसे ज्यादा नुकसान आम नागरिकों और गरीब परिवारों को उठाना पड़ रहा है।

राज्य के विभिन्न इलाकों से लगातार ऐसी खबरें सामने आती रही हैं, जहां राजनीतिक रंजिश के चलते घरों में तोड़फोड़, आगजनी और मारपीट की घटनाएं हुईं। कई परिवारों को अपना घर छोड़ने तक की नौबत आ गई।

विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है, वहीं सत्तापक्ष इन आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दे रहा है।

भारतीय जनता पार्टी लगातार यह दावा कर रही है कि यदि राज्य में उसकी सरकार बनती है तो राजनीतिक हिंसा और कथित गुंडागर्दी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा नेताओं का कहना है कि पश्चिम Bengal में लोकतंत्र को भय और हिंसा से मुक्त कराने की आवश्यकता है, ताकि लोग बिना डर के अपनी राजनीतिक राय रख सकें।

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि भाजपा राज्य में राजनीतिक माहौल को जानबूझकर तनावपूर्ण बनाने की कोशिश कर रही है और हिंसा की घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या पश्चिम बंगाल में हिंसा और राजनीतिक टकराव का यह दौर थमेगा? और क्या भविष्य में कोई भी सरकार आम जनता को भयमुक्त वातावरण देने में सफल हो पाएगी?

फिलहाल राज्य की जनता शांति, सुरक्षा और स्थिर राजनीतिक माहौल की उम्मीद लगाए बैठी है।