/पीजीआईएमईआर में डॉ. विद्या रतन ने संभाला ओरल हेल्थ साइंसेज सेंटर के प्रमुख का कार्यभार।

पीजीआईएमईआर में डॉ. विद्या रतन ने संभाला ओरल हेल्थ साइंसेज सेंटर के प्रमुख का कार्यभार।

चंडीगढ़, 1 सितंबर
— हिम नयन न्यूज/ब्यूरो/वर्मा।

प्रसिद्ध ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. विद्या रतन ने पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ के ओरल हेल्थ साइंसेज सेंटर (OHSC) के नए प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने सेवानिवृत्त हुए प्रो. सतिंदर पाल सिंह का स्थान लिया है।


डॉ. विद्या रतन को जटिल टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट (TMJ) सर्जरी, चेहरे एवं जबड़े की विकृतियों के सुधार तथा ओरल एवं फेशियल ट्रॉमा के उपचार में दशकों का अनुभव है। वह Journal of Oral Biology and Craniofacial Research के प्रधान संपादक हैं। इसके अलावा वह इंडियन बोर्ड ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के चेयरमैन रह चुके हैं और वर्तमान में एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया के चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष हैं।


डॉ. रतन ने PGIMER में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन किया है। वह बायोमेडिकल इनोवेशन हब के चेयरमैन के रूप में भी संस्थान के महत्वपूर्ण कार्यों से जुड़े रहे हैं।
उन्हें ऑर्थोग्नैथिक सर्जरी, TMJ विकारों, कटे होंठ एवं तालू के उपचार, ओरल ऑन्कोलॉजी और जटिल डेंटल इंप्लांटोलॉजी के क्षेत्र में विशेष पहचान प्राप्त है। उन्होंने TMJ एंकिलोसिस की पुनरावृत्ति की संभावना को समाप्त करने वाली सर्जिकल तकनीक विकसित की है।

वहीं, जबड़े में होने वाले जाइंट सेल लीजंस के उपचार में इंट्रालेजिनल डेनोसुमैब इंजेक्शन के उनके नवाचार ने कई मामलों में विकृत करने वाली सर्जरी की आवश्यकता को समाप्त करने में मदद की है।


एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् के रूप में डॉ. रतन ने मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के पाठ्यक्रम को विकसित करने और देशभर में नई पीढ़ी के मैक्सिलोफेशियल सर्जनों को प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नाम 170 से अधिक शोध प्रकाशन और पुस्तक अध्याय हैं, जो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पीयर-रिव्यू जर्नल्स में प्रकाशित हुए हैं।


कार्यभार संभालने के बाद डॉ. विद्या रतन ने सुलभ मरीज सेवाओं और बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सेंटर के लक्ष्यों को इस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा कि ओरल हेल्थ साइंसेज सेंटर मरीजों की देखभाल, डेंटल शिक्षा, शोध और सामुदायिक सेवाओं के क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ केंद्र बने।