/नालागढ़ में उद्योगों के खिलाफ बढ़ता जनाक्रोश।

नालागढ़ में उद्योगों के खिलाफ बढ़ता जनाक्रोश।

क्या बीबीएन में बदल रहा है माहौल?

नालागढ़, 28 सितंबर ,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा

औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के नालागढ़ में उद्योगों के प्रति स्थानीय लोगों का बढ़ता विरोध अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के समर्थन से यह मुद्दा लगातार गति पकड़ रहा है, जबकि बीबीएन के ही बद्दी-बरोटीवाला क्षेत्र में हजारों उद्योग होने के बावजूद ऐसा व्यापक विरोध देखने को नहीं मिला है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी मुख्य चिंता उद्योगों से होने वाला प्रदूषण है।

पर्यावरण कार्यकर्ता बालकिशन शर्मा के अनुसार, यदि उद्योग प्रदूषण फैलाना बंद कर दें और पर्यावरण मानकों का पालन करें तो लोगों को उद्योगों से कोई आपत्ति नहीं है।

पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों का भी मानना है कि जो उद्योग सरकारी मानकों का पालन कर रहे हैं, उनका विरोध उचित नहीं है। उनका कहना है कि उद्योगों की चिमनियों की निर्धारित ऊंचाई और अन्य प्रदूषण नियंत्रण उपायों का उद्देश्य आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव कम करना है।

हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर चिमनियों से धुआं वातावरण में ही फैल रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ रही हैं।

इसी बीच कुछ लोगों का यह भी कहना है कि यदि प्रदूषण की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में लोग उद्योगों को भगा कर अपने पुश्तैनी व्यवसायों की ओर लौटने को मजबूर हो सकते हैं।

फिलहाल नालागढ़ में बहस इस बात पर केंद्रित है कि प्राथमिकता उद्योगों को बंद कराने की होनी चाहिए या उन्हें पर्यावरणीय मानकों का पूरी तरह पालन करने के लिए बाध्य करने की।

यही सवाल आने वाले दिनों में इस पूरे आंदोलन की दिशा तय कर सकता है।