/बिना लाईसैंस के दवाईयां रखने के आरोप में कुमारेश आध्या को तीन महीने का कारावास व पांच हजार रूपए जुर्माना ।

बिना लाईसैंस के दवाईयां रखने के आरोप में कुमारेश आध्या को तीन महीने का कारावास व पांच हजार रूपए जुर्माना ।

सोलन 21 अप्रैल,
हिम नयन न्यूज /ब्यूरो/ वर्मा

जिला सोलन, हि.प्र. के एल. सेशन जज श्री अरविन मल्होत्रा ​​ने कुमारेश आध्या पुत्र श्री चित्त रंजन आध्या निवासी ग्राम ढाका पाड़ा, पीएस गायघाटा, जिला 24-पीजीएस (उत्तर), पश्चिम बंगाल-743245 से आ कर हिमाचल के वीपीओ ममलीग तहसील कंडाघाट, जिला सोलन, हि.प्र. , मेसर्स बंगाली क्लिनिक में बिना पर्चियो व लाईसैस के दवाईयो को रखने के आपराध में तीन महीने के साधारण कारावास और पांच हजार रूपए जुमाना भरने की सजा सुनाई है

यह जानकारी देते हुए जिला अटॉर्नी सोलन ने बताया किआरोपी कुमारेश आध्या पुत्र श्री चित्त रंजन आध्या निवासी ग्राम ढाका पाड़ा, पीएस गायघाटा, जिला 24-पीजीएस (उत्तर), पश्चिम बंगाल-743245 मेसर्स बंगाली क्लिनिक, वीपीओ ममलीग तहसील कंडाघाट, जिला सोलन, हि.प्र. को बिना पर्ची और लाइसेंस के 49 प्रकार की एलोपैथिक दवाइयां रखने के जुर्म में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 27(बी)(ii) और 28 के तहत अपराध करने का दोषी पाया।

दोषी को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 27(बी)(ii) के तहत अपराध करने के लिए 3 महीने के साधारण कारावास और ₹5,000 का जुर्माना भरने की सजा सुनाई गई है।


उन्होने बताया कि उसे अधिनियम की धारा 28 के तहत 3 महीने के साधारण कारावास की सजा भी सुनाई गई है। जिला अटॉर्नी, श्री संजय पंडित ने बताया कि आरोपी उपरोक्त उद्देश्य के लिए ग्राम ममलीग में बंगाली क्लिनिक के नाम और शैली के साथ क्लिनिक चला रहा था और शिकायतकर्ता ड्रग इंस्पेक्टर को आम जनता से 26.07.2011 को शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर ड्रग इंस्पेक्टर ने अन्य अधिकारियों के साथ आरोपी के क्लिनिक में छापा मारा और उपरोक्त एलोपैथिक दवाइयां बरामद कीं।

ड्रग इंस्पेक्टर ने संबंधित गवाहों की उपस्थिति में आरोपी के क्लिनिक में अपेक्षित कार्यवाही की और उसके बाद उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की। एलडी कोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों के आधार पर आरोपी को उपरोक्त अपराध करने के लिए दोषी ठहराया। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।