शिमला 17 मार्च,
हिम नयन न्यूज/ ब्यूरो /नयना वर्मा
हमाचल का वार्षिक बजट विधान सभा में पारित किया गया जि से के मुख्य अन्श इस प्रकार से है । मुख्य मन्त्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का यह पहला बजट है ।
नई सरकार का पहला बजट व्यवस्था परिवर्तन की ओर एक
महत्वप ूर्ण कदम है। सरकारी निवेष के साथ-साथ निजी निवेष को
भी महत्व दिया गया है जिससे सरकारी तथा निजी क्षेत्रो ं मे ं प ्रदेष
के युवाओं को रोज़गार प ्राप्त होगा। पिछले कुछ बजटों से हटकर
इस बजट मे ं अतिरिक्त संसाधन जुटाने पर बल दिया गया है।
इसमे ं सभी सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए एक विस्तृत
कार्ययोजना के साथ स्पश्ट सोच की झलक मिलती है।
- नदारी विरासत में मिली है। पिछली
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सरकार की नीतियों के कारण आज प्रत्येक
हिमाचलवासी पर 92 हज़ार 833 रुपये का कर्ज हो
गया है। जून, 2022 के बाद ळैज् मुआवज़ा बन्द होने
से राज्य के बजट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है जो
आगामी कुछ वर्शों तक रहेगा। केन्द्र सरकार से मिलने
वाला राजस्व घाटा अनुदान 2022-23 में 9 हज़ार 3
सौ 77 करोड़ रुपये से घटता-घटता 2025-26 में
मात्र 3 हज़ार 2 सौ 57 करोड़ रुपये रह जाएगा।
इन सभी चुनौतियों के बावजूद प्रदेष के विकास की
गति में कमी नहीं आने दी जाएगी।
- मैं हिमाचल प्रदेष के लोगों को आष्वस्त
करना चाहता हूँ कि हमारी सरकार पूर्ण निश्ठा के साथ
कार्य करेगी। वर्तमान कांग्रेस सरकार की विकास
नीतियों को लागू करने के लिए ”कांग्रेस प्रतिज्ञा पत्र“
का च्वसपबल क्वबनउमदज के रूप में अनुसरण किया
जाएगा। प्रदेष की जनता ने कांग्रेस प्रतिज्ञा पत्र,
2022 में निहित गारंटियों में पूर्ण विष्वास व्यक्त
किया है, जिनको लागू करने के लिए हम कृतसंकल्प
हैं। - हम जनता की अपेक्षाओं पर सही उतरेंगे और
उनसे किए गए वायदों को पूरा करेंगे। हिमाचल प्रदेष
के चुनाव नतीजे प्रदेष और देष के राजनीतिक
परिदृष्य में एक नई षुरुआत का संकेत हैं। हिमाचल
की जनता ने कांग्रेस की धर्म-निरपेक्ष, सहभागी और
लोकतान्त्रिक नीतियों के पक्ष में अपना मत दिया है।
हम प्रदेष के तीव्र विकास तथा उसका लाभ सभी
क्षेत्रों तथा सभी वर्गों को एक समान पहुँचाने के लिए
प्रतिबद्ध हैं। - हिमाचल प्रदेष वर्श 1948 में अस्तित्व में
आया था और वर्श 1971 में हमें पूर्ण राज्य का दर्जा
मिला। हिमाचल प्रदेष को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने
में भारत की तत्कालीन प्रधानमन्त्री श्रीमति इन्दिरा
गांधी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
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हिमाचल प्रदेष के प्रथम मुख्य मन्त्री डॉ0 यषवन्त
सिंह परमार के समय से हिमाचल विकास के पथ पर
अग्रसर है। वर्तमान परिस्थितियों तथा भविश्य की
चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक नई व्यवस्था
स्थापित की जाएगी। हमारी सरकार सŸाा-सुख के लिए
नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए काम कर रही
है।
- षिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर षपथ
ग्रहण करने के तुरन्त बाद सचिवालय जाने की परम्परा
को तोड़ते हुए मैंने टूटीकण्डी स्थित बालिका आश्रम में
जाकर वहाँ रह रहे बच्चों के साथ विषेश भेंट की।
उनसे बातचीत के दौरान मुझे बहुत कुछ सीखने को
मिला तथा उनकी समस्याओं को जान पाया। मैनें
उनके उत्थान के लिए ”मुख्य मन्त्री सुख-आश्रय
योजना’’ का षुभारम्भ किया। - हमारी सरकार ने सत्ता ग्रहण करते ही ‘‘पुरानी
पैंषन योजना 1⁄4व्च्ै1⁄2’’ बहाल करने की घोशणा की है।
इसका लाभ 1 लाख 36 हज़ार छच्ै कर्मचारियों को
मिलेगा। 8,000 करोड़ रुपये की छच्ै राषि जो
भारत सरकार के पास पड़ी है, उसे प्रदेष को लौटाने
हेतु मंत्रीमण्डल द्वारा प्रस्ताव पारित किया गया है।
इस राषि को केन्द्र सरकार से जारी करवाने के लिए
विपक्ष के माननीय सदस्यांे से मेरा अनुग्रह रहेगा। - हमें आज के समय की वास्तविकताओं को
समझते हुए, आने वाली परिस्थितियों के लिए विकास
की अवधारणा को बदलना होगा। यह सच है कि
हिमाचल ने षिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और अन्य
अनेक क्षेत्रों में राश्टंीय मानकों के आधार पर श्रेश्ठ
प्रदर्षन किया है और अन्य राज्यों की तुलना में
संतुलित और समग्र विकास का आदर्ष बना है। आज
हमारे सामने मुख्य चुनौती विभिन्न क्षेत्रों में सिर्फ
ढाँचागत विस्तार की नहीं, अपितु ुनंसपजल ेमतअपबमे प्रदान
करने की भी है। बिना अध्यापकों के स्कूल, बिना
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डॉक्टर के अस्पताल, बिना कर्मचारियों के कार्यालय-
यह हिमाचल के विकास का आदर्ष नहीं हो सकता।
- बिजली, पानी और सड़क सहित अन्य
सुविधाओं को लोगों तक समय पर बिना किसी बाधा
के पहुँचाने के लिए केवल नए दफ़्तर खोलने की
बजाए लोक सेवा के लक्ष्य निर्धारित करके उन्हें
निष्चित समय सीमा में पूरा करने की आवष्यकता है।
हमें समझना होगा कि जनसेवा के लिए ळववक
ळवअमतदउमदज के साथ ळववक ळवअमतदंदबम की ज़रूरत है। - वर्तमान समय तकनीक और सूचना क्रांति का
समय है। प्दवितउंजपवद ज्मबीदवसवहलए ।तजपपिबपंस
प्दजमससपहमदबमए डंबीपदम स्मंतदपदह जैसे जववसए काम करने
की गति को कई गुणा बढ़ा देते हैं और खर्चे को कई
गुणा कम कर देते हैं। आज हर क्षेत्र में समय के
अनुसार बदलाव लाना होगा। अनावष्यक खर्चों को
कम करके विकास कार्यों की ओर ध्यान देना होगा।
सीमित साधनों में ही प्राथमिकता तय करके हमें आगे
बढ़ना होगा। व्यवस्था परिवर्तन के बिना प्रदेष के
समृद्ध भविश्य की कल्पना सम्भव नहीं होगी। - आज पूरी दुनिया ळतममद ज्मबीदवसवहल की ओर
बढ़ रही है। पूरी दुनिया में ऊर्जा उपयोग के नए
विकल्पों पर तेज़ी से काम चल रहा है। बहुत सी
पददवअंजपवदे हर क्षेत्र मंे नई सोच उत्पन्न कर रही हैं,
और कामकाज के परम्परागत तौर तरीकों को बदल
रही हैं। - अध्यक्ष महोदय, मेरा यह बजट अभिभाशण
इन्हीं बिन्दुओं पर आधारित है और हिमाचल प्रदेष के
विकास को तीव्र गति देने और बहुमुखी तथा समग्र
बनाने की दिषा में एक नई व्यवस्था की पहल है। - अध्यक्ष महोदय, भारत सरकार के आर्थिक
सर्वेक्षण 2022-23 में दर्षाए गए प्दजमतदंजपवदंस
पर्यटन
विस्तार कार्य में गति लाई जाएगी। काँगड़ा हवाई अड्डे
के रनवे की लम्बाई को वर्तमान 1 हज़ार 372 मीटर
से बढ़ाकर 3 हज़ार 10 मीटर करने के लिए
आवष्यक भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया को अगले विŸाीय
वर्श के मध्य तक पूरा कर लिया जाएगा। भू-अधिग्रहण
के तुरन्त बाद इसके विस्तार का कार्य आरम्भ कर
दिया जाएगा। इसके लिए 2023-24 में 2,000
करोड़ रुपये व्यय करने का प्रस्ताव है।
- रामपुर, बद्दी, कांगणीधार 1⁄4मण्डी1 मनाली में
हैलीपोर्टस विकसित किए जा रहे हैं। हैली-टैक्सी का
संचालन संजौली और बद्दी हैलीपोर्ट से षीघ्र षुरु
किया जाएगा। हमीरपुर, काँगड़ा, चम्बा, कुल्लू,
लाहौल-स्पिति, किन्नौर एवम् ऊना में नए हैलीपोर्ट का
निर्माण/ विकास किया जाएगा ताकि सभी ज़िले, वर्श
भर हवाई परिवहन से जुड़े रहें। हैलीपोर्टों के निर्माण
और विकास पर 2023-24 में 30 करोड़ रुपये खर्च
किए जाएंगे। - वर्तमान में लोकप्रिय पर्यटक स्थलों को
कमबवदहमेज करने के उद्देष्य से काँगड़ा जिला को
हिमाचल प्रदेष के श्ज्वनतपेउ ब्ंचपजंसश् के रूप में
विकसित किया जाएगा। इसके लिए एक विस्तृत
कार्ययोजना तैयार की जाएगी। काँगड़ा को एक
लोकप्रिय पर्यटक स्थल के रूप मे विकसित करने तथा
पर्यटकों को आकर्शित करने के लिए निम्न बिन्दुओं पर
कार्य किया जाएगाः-
एक पदजमतदंजपवदंस ेजंदकंतक के ‘‘गोल्फ़
कोर्स’’ का निर्माण किया जाएगा।
जिले में 24ग्7 ‘‘पर्यटक ग्राम’’ की स्थापना
की जाएगी जिसमें स्थानीय कला, संस्कृति,
हस्तकला, संगीत इत्यादि को प्रसारित करते
हुए स्थानीय युवाओं को रोज़गार अवसर
प्रदान किए जाएंगे।
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वरिश्ठ नागरिकों के लिए व्सक ।हम भ्वउमे
विकसित किए जाएंगे।
आइस स्केटिंग एवम् रोलर स्केटिंग रिंक का
निर्माण।
पौंग डैम में वॉटर स्पोर्टस, षिकारा, क्रूज़,
यॉट इत्यादि की व्यवस्था।
इन उद्देष्यों की पूर्ति के लिए आवष्यक भूमि
का प्रावधान किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, मैं काँगड़ा जिला के बनखण्डी
में 300 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा
चिड़ियाघर स्थापित करने की घोशणा करता हूँ। इस
चिड़ियाघर का निर्माण 180 हेक्टेयर क्षेत्र में तीन
चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण में इस चिड़ियाघर
के निर्माण के लिए 2023-24 में, मैं 60 करोड़
रुपये के बजट के प्रावधान का प्रस्ताव करता हूँ।
अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से माननीय सदन
को अवगत करवाना चाहता हूँ कि इसके लिए भूमि
का चयन कर लिया गया है तथा षीघ्र ही प्राक्कलन
तैयार कर लिया जाएगा।
षीतकालीन खेलों को वर्श भर सुचारू रूप से
आयोजित करने के उद्देष्य से षिमला आईस स्केटिंग
रिंक का उन्नयन, मनाली में आइस स्केटिंग एवम्
रोलर स्केटिंग रिंक का निर्माण इत्यादि सम्मिलित हैं।
- पर्यटन के विकास के साथ
हमारी सरकार की यह भी प्राथमिकता है कि अधिक
से अधिक स्थानीय युवा इस क्षेत्र से जुडें और रोज़गार
प्राप्त करें। इस उद्देष्य से ‘हिमाचल प्रदेष कौषल
विकास कार्यक्रम’ के अन्तर्गत वाकनाघाट में पर्यटन
और आतिथ्य क्षेत्र में ‘‘उत्कृश्ट केन्द्र’’ की स्थापना की
जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत 68 करोड़
रुपये है। 2023 के अन्त तक इसका निर्माण कार्य
पूरा कर लिया जाएगा। अगले वित्तीय वर्श में पर्यटन
तथा आतिथ्य क्षेत्रों में ऐसी ेापससपदह कक्षाएं प्रारम्भ
करने की मैं घोशणा करता हूँ जिनकी माँग वर्तमान में
सर्वाधिक है। - सरकार का मैडिकल
कॉलेजों को ूवतसक बसंेे उमकपबंस जमबीदवसवहल से लैस
करने का लक्ष्य है। इस क्रम में, प्ळडब् 1⁄4षिमला1⁄2,
चमियाणा 1⁄4षिमला1⁄2, टाण्डा-काँगड़ा, हमीरपुर, नाहन,
चम्बा एवम् नेरचौक स्थित मैडिकल कॉलेजों में-
न्तवसवहलए ळमदमतंस ैनतहमतलए ळलदंमबवसवहलए ब्ंतकपवजीवतंबपब
ैनतहमतल ंदक ळंेजतव ैनतहमतल विभागों मंे चरणबद्ध तरीके
से त्वइवजपब ैनतहमतल की सुविधा उपलब्ध करवाई
जाएगी। इस पर वर्श 2023-24 में लगभग 100
करोड़ रुपये की राषि व्यय की जाएगी। - आगामी विŸाीय वर्श में राजकीय मैडिकल
कॉलेजों हमीरपुर, नाहन एवम् चम्बा के निर्माणाधीन
भवनों का कार्य पूरा करके उनका लोकार्पण कर दिया
जाएगा। इससे प्रदेष की जनता को उच्च गुणवŸाा की
स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकंेगी। इस पर लगभग 100
करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
स्वास्थ्य एवं
परिवार
कल्याण और
चिकित्सा
शिक्षा
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- प्रदेष
के मैडिकल कॉलेजों के बंेनंसजल विभाग में एक बिस्तर
पर एक से अधिक मरीज़ पाए जाते हैं। इस कारण
मरीज़ो को अन्य बीमारियाँ होने की पूरी सम्भावना
रहती है। इस परिस्थिति से निपटने के लिए मैं प्रदेष
के सभी मैडिकल कॉलेजों में बंेनंसजल विभाग को
नचहतंकम करके म्उमतहमदबल डमकपबपदम क्मचंतजउमदज
बनाने की घोशणा करता हूँ। इस योजना के अन्तर्गत
लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से 50 बिस्तरों
की क्षमता के ब्तपजपबंस ब्ंतम ठसवबो ;ब्ब्ठेद्ध का निर्माण
किया जाएगा। इस सेवा को 24ग7 उपलब्ध करवाने
के उद्देष्य से उपयुक्त विषेशज्ञ, मैडिकल अधिकारी,
स्टाफ नर्स एवम् अन्य कर्मियों की उपलब्धता
सुनिष्चित की जाएगी। मरीज़ों की संख्या अधिक होने
की स्थिति में आस-पास के स्वास्थ्य संस्थानों से
समन्वय किया जाएगा। - प्रत्येक विधान सभा चुनाव क्षेत्र में एक
स्वास्थ्य संस्थान को ‘‘आदर्ष स्वास्थ्य संस्थान’’ के रूप
में विकसित किया जाएगा। इनमें विभिन्न विषेशज्ञों और
अन्य स्टाफ़ सहित 134 तरह की लैबोरेटरी जाँच
सुविधाएं तथा आवष्यकतानुसार स्ंजमेज ैजंजम व िजीम ।तज
ज्मबीदवसवहल की डत्प्ए ब्ज् ैबंदए न्सजतंेवनदक और कपहपजंस
ग्.त्ंल सुविधाएं उपलब्ध करवाईं जाएंगी। इन सुविधाओं
के चलते स्थानीय निवासियों की जिला अस्पताल
अथवा मैडिकल कॉलेजों पर निर्भरता कम हो जाएगी। - डॉ राधाकृश्णन मैडिकल कॉलेज, हमीरपुर के
साथ कैंसर केयर के लिए एक ष्ब्मदजतम व िम्गबमससमदबमष्
स्थापित किया जाएगा। मैं हमीरपुर मैडिकल कॉलेज में
छनबसमंत डमकपबपदम क्मचंतजउमदज की स्थापना करने की
घोशणा करता हूँ। 2023-24 में इसके लिए 50
करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
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- नाहन, चम्बा एवम्
हमीरपुर स्थित उमकपबंस बवससमहमे में नर्सिंग कॉलेज
आरम्भ किए जाएंगे। - मैं प्रदेष के सभी मैडिकल कॉलेजों में च्म्ज्
ैबंद स्थापित करने की घोशणा करता हूँ। इसके लिए
50 करोड़ रुपये व्यय किए जाने प्रस्तावित हैं। - प्रदेष के विभिन्न स्वास्थ्य
संस्थानों के लिए आवष्यक दवाईयाँ तथा आधुनिकतम
मषीनरी एवं उपकरण की खरीद और उचित मूल्य व
समय पर उनकी आपूर्ति सुनिष्चित करने के उद्देष्य से
मैं ष्भ्पउंबींस च्तंकमेी डमकपबंस ैमतअपबमे ब्वतचवतंजपवदष्
की स्थापना की घोशणा करता हूँ। - टाईप-। षुगर से पीड़ित
गर्भवती महिलाओं और बच्चों को प्रतिदिन इंसुलिन
इंजैक्षन लगवाना पड़ता है, जिससे उन्हें किडनी तथा
अन्य अंगों के गंभीर संक्रमण का खतरा बना रहता
है। मैं घोशणा करता हूँ कि इन गर्भवती महिलाओं
और बच्चों को सरकार द्वारा इंसुलिन पम्प उपलब्ध
करवाए जाएंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में कुल 3 हज़ार 139 करोड़
रुपये प्रस्तावित हैं।
- हाल में आए विभिन्न सर्वे
दर्षाते हैं कि कोविड के दौरान विद्यार्थियों की सीखने,
पढ़ने तथा लिखने की क्षमता में गिरावट आई है।
हमारी सरकार षिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए
वचनबद्ध है और इस स्थिति को सुधारने के लिए
विस्तृत कार्ययोजना बनाएगी। - राश्टंीय षिक्षा नीति, 2020 को लागू करते
समय ुनंदजपजंजपअम के साथ-साथ ुनंसपजंजपअम
पउचतवअमउमदज पर ध्यान दिया जाएगा ताकि बच्चों के
समंतदपदह वनजबवउम में बढ़ौतरी हो सके। षैक्षणिक
गुणात्मक
शिक्षा
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संस्थानों में षिक्षकों के खाली पदों को भरने की
प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
- , हमारी सरकार का मानना है
कि और नए स्कूल खोलने या स्कूल अपग्रेड करने के
स्थान पर चल रहे स्कूलों में अध्यापकों, पुस्तकालय,
लैब सुविधा एवम् अच्छे भवनों व खेल मैदानों की
सुविधाएं दी जाएं। वर्श 2021-22 में प्रदेष में
3 हज़ार 148 स्कूलों में केवल सिंगल अध्यापक
उपलब्ध था, जोकि कुल स्कूलों का 30 प्रतिषत् था।
हाल ही में, हमने पाया कि कई संस्थान ऐसे खोले
गए थे, जहाँ बच्चों की संख्या बहुत कम थी जिनमें
गुणवŸाापूर्ण षिक्षा दे पाना सम्भव नहीं था। बच्चों को
सर्वश्रेश्ठ षिक्षा प्रदान करने के लिए व्यवस्था परिवर्तन
करना ही होगा। - कांग्रेस पार्टी की गारंटियों को पूरा करने की
दिषा में आगे बढ़ते हुए, मैं हिमाचल प्रदेष के प्रत्येक
विधान सभा क्षेत्र में ‘‘राजीव गांधी गवरनमेंट मॉडल
डे-बोर्डिंग स्कूल’’ ;त्ंरपअ ळंदकीप ळवअमतदउमदज डवकमस
क्ंल.ठवंतकपदह ैबीववसद्ध खोलने की घोशणा करता हूँ।
इनमें प्री-प्राईमरी से बारहवीं तक की षिक्षा सुविधा के
साथ सभी प्रकार की इन्डोर एवम् आउटडोर खेल
सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। जहाँ पानी की समुचित
उपलब्धता होगी वहाँ स्वीमिंग पूल का भी प्रावधान
किया जाएगा। इस योजना के कार्यान्वयन के लिए
हमारी सरकार चरणबद्ध योजना के तहत 300 करोड़
रुपये व्यय करेगी। - प्रदेष के युवाओं को विभिन्न बवउचमजपजपअम
मगंउे की तैयारी हेतु सुविधा देने के लिए मैं प्रदेष के
ऐसे ब्लॉक में जहाँ पुस्तकालय/वाचनालय उपलब्ध नहीं
हैं, में नेषनल डिज़िटल लाइब्रेरी की ंबबमेे तथा
आवष्यक पुस्तकों सहित पुस्तकालय का निर्माण करने
की घोशणा करता हूँ।
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- युवाओं को रोज़गार उपलब्ध करवाने के उद्देष्य
से हिमाचल प्रदेष के महाविद्यालयों में वर्श में दो बार
रोज़गार मेलों तथा स्पैषल चसंबमउमदज कतपअम का
आयोजन किया जाएगा। - हमारी सरकार स्कूलों में अवबंजपवदंस षिक्षा का
विस्तार करेगी। षिक्षण संस्थाओं में पाठ्यक्रम की
समीक्षा की जाएगी तथा रोज़गार आधारित नवीनतम
कोर्स षुरू किए जाएंगे। - षिक्षा में प्दवितउंजपवद ंदक ब्वउउनदपबंजपवद
ज्मबीदवसवहल ;प्ब्ज्द्ध के उपयोग और गुणवŸाा सुधारने के
लिए निम्न प्रस्तावित हैः-
प्रत्येक सीनियर सैकेण्डरी स्कूल में सपइतंतल
तववउ स्थापित किया जाएगा।
10 हज़ार मेधावी छात्रों के लिए ज्ंइसमजे
दिए जाएंगे।
762 स्कूलों में ‘‘प्ब्ज् योजना’’ के अन्तर्गत
आवष्यक ींतकूंतम तथा ेवजिूंतम प्रदान
किया जाएगा।
17 हज़ार 510 प्राईमरी रेगुलर अध्यापकों
के लिए ज्ंइसमजे दिए जाएंगे।
सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए इस वर्श
40 हज़ार डैस्क दिए जाएंगे।
- अध्यक्ष महोदय, विद्यार्थियों को खेलों में भाग
लेने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देष्य से मैं स्पोर्टस
हॉस्टल में रह रहे खिलाड़ियों की डाइट मनी को
120 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 240 रुपये प्रतिदिन
करने की घोशणा करता हूँ।
षिक्षा क्षेत्र में कुल 8 हज़ार 828 करोड़
रुपये प्रस्तावित हैं।
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- अध्यक्ष महोदय, प्रदेष के युवाओं को रोज़गार
उपलब्ध करवाना हमारी सरकार की प्राथमिकता रहेगी।
इसके लिए आवष्यक है कि प्रदेष के युवाओं के
कौषल को उन क्षेत्रों में उन्नत किया जाए जिन क्षेत्रों
में अधिक रोज़गार के अवसर उपलब्ध हैं। हमारी
सरकार द्वारा तकनीकी षिक्षा में ुनंसपजल और पाठ्यक्रम
को मउचसवलउमदज वतपमदजमक बनाने हेतु 2023-24 से
निम्न नए टंसनम ।ककमक ब्वनतेमे षुरु किए जाएंगेः-
विभिन्न सरकारी संस्थानों में त्वइवजपबेए
ठसवबा.ब्ींपद ज्मबीदवसवहलए ब्लइमत ैमबनतपजलए
ब्सवनक ब्वउचनजपदहए क्ंजं ।दंसलजपबेए ।तजपपिबपंस
प्दजमससपहमदबम और डंबीपदम समंतदपदह के कोर्सण्
हाईडंो इंजीनियरिंग महाविद्यालय, बिलासपुर
में ठ.ज्मबी ब्वउचनजमत ैबपमदबम – म्दहपदममतपदह
;।तजपपिबपंस प्दजमससपहमदबम ंदक क्ंजं ैबपमदबमद्ध
कोर्स।
13 प्ज्प्े, घुमारवीं, गरनोटा, नादौन, सुन्नी,
षाहपुर, पालमपुर, षमषी, नाहन, जुब्बल,
ऊना, पंडोगा, सुन्दरनगर 1⁄4निषक्त व्यक्तियों1⁄2
एवम् नालागढ़ में म्समबजतपब टमीपबसमे
डमबींदपबए डंपदजमदंदबम डमबींदपबए ैवसंत
ज्मबीदपबपंदए क्तवदम ज्मबीदपबपंदए डमबींजतवदपबे
तथा प्दजमतदमज व िज्ीपदहे ;प्वज्ेद्ध ज्मबीदपबपंदे के
कोर्सण् - प्रदेष के 11 प्ज्प्ेए चम्बा, सलियाणा, षिमला,
षमषी, मण्डी 1⁄4महिला1⁄2, नाहन 1⁄4महिला1⁄2, सोलन,
नालागढ़, राजगढ़, रैल और घुमारवीं में कौषल विकास
निगम के माध्यम से क्तवदम ैमतअपबम ज्मबीदपबपंद ब्वनतेम
चरणबद्ध तरीके से षुरु किया जाएगा।
तकनीकी
शिक्षा एवं
कौशल
विकास
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- विष्व बैंक की ैज्त्प्टम् परियोजना में 12 प्ज्प्ेए
अर्की, बगस्याड़, बरठीं, भोरंज, बिलासपुर 1⁄4महिला1⁄2,
दीगल, मण्डी 1⁄4महिला1⁄2, नेहरनपुखर, नूरपुर, सलियाणा,
षिमला तथा ऊना में सुविधाओं और प्दतिंेजतनबजनतम को
उन्नत किया जाएगा। योजना के अन्तर्गत 5 अन्य प्ज्प्ेए
पपलोग, सुन्नी, धर्मषाला, बड़ोह एवम् सुजानपुर में
‘ऑन ग्रिड सौर ऊर्जा संयन्त्र’ की स्थापना की
जाएगी। इन कार्यों पर 20 करोड़ रुपये खर्चे जाएंगे। - 4 इंजीनियरिंग कॉलेजों और 8 पॉलीटेक्निकों
में ‘‘डम्त्प्ज्म् ;डनसजप.क्पेबपचसपदंतल म्कनबंजपवद ंदक
त्मेमंतबी प्उचतवअमउमदज पद ज्मबीदपबंस म्कनबंजपवदद्ध
योजना’’ को आगामी पाँच वर्शों में लागू किया
जाएगा। इसके तहत चयनित इंजीनियरिंग कॉलेज व
पॉलीटेक्निक अगले 5 वर्शों में क्रमषः 10 करोड़ व
5 करोड़ रुपये प्राप्त करने के पात्र होंगे। - कौषल विकास निगम द्वारा डंोन क्षेत्र में
500, म्समबजतपब टमीपबसमे में 500, एवम् सौर ऊर्जा क्षेत्र
मंे 500 युवाओं को प्रषिक्षित किया जाएगा। इसके
अतिरिक्त 5,000 स्नातक छात्रों को म्म्म् ;म्दहसपेीए
म्उचसवलउमदज ंदक म्दजतमचतमदमनतेीपचद्ध का प्रषिक्षण दिया
जाएगा जिससे प्रदेष के युवा अंग्रेजी भाशा तथा
रोज़गार कौषल में दक्ष होंगे तथा आकर्शक रोज़गार
प्राप्त कर सकेंगे। - श्रम एवम् रोज़गार विभाग, तकनीकी षिक्षा
विभाग तथा भ्च्ज्ञटछ के सहयोग से बाज़ार की
आवष्यकता के अनुसार राज्य भर में विभिन्न
प्रषिक्षित/प्रमाणित उम्मीदवारों के लिए हर महीने
रोज़गार मेले आयोजित करेंगे।
तकनीकी षिक्षा क्षेत्र में कुल 361 करोड़
रुपये प्रस्तावित हैं।
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- हमारी सरकार की गारंटियों
में से एक के अन्तर्गत महिलाओं को 1,500 रुपये
प्रतिमाह देने का वायदा किया गया है। हम अपनी
इस गारंटी को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेंगे। मैं
प्रथम चरण में 2 लाख 31 हज़ार महिलाओं को
1,500 रुपये प्रतिमाह देने की घोशणा करता हूँ, जो
अभी 1,000 व 1,150 रुपये की दर से पैंषन ले
रही हैं, जिस पर हमारी सरकार कुल 416 करोड़
रुपये प्रति वर्श खर्च करेगी। - मैं सभी विधवाओं एवम् दिव्यांगजन 1⁄4दिव्यांगता
40-69 प्रतिषत्1⁄2 को पैंषन पाने के लिए आय सीमा
को खत्म करने की घोशणा करता हूँ। इनके लिए ग्राम
सभा से अनुमति की षर्त में छूट देने की भी मैं
घोशणा करता हूँ। इससे दोनों वर्गों को लाभ मिलेगा
और दिव्यांगजन ‘‘राहत भत्ता या ेजना’’ के तहत
9,000 नए लाभार्थियों को लाभ मिलेगा, जिस पर
सरकार 12 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय करेगी।
आगामी वर्श में, मैं 40 हज़ार नए पात्र व्यक्तियों को
सामाजिक सुरक्षा पैंषन देने की घोशणा करता हूँ। - हमारी सरकार देख-भाल की
आवष्यकता वाले बच्चों 1⁄4अनाथ, अर्ध-अनाथ और
विषेश रूप से सक्षम1⁄2 के लिए एक नई योजना
‘‘मुख्य मन्त्री सुख-आश्रय योजना’’ लेकर आई है।
इस योजना के अन्तर्गत लाभान्वित होने वाले 27 वर्श
की आयु तक के अनाथ बच्चे/व्यक्ति ष्ब्ीपसकतमद व िैजंजमष्
कहलाएंगे तथा राज्य सरकार ही इनके लिये ‘सरकार
ही माता – सरकार ही पिता’ का दायित्व निभाएगी।
इस योजना के लिए 101 करोड़ रुपये की
राषि के प्रावधान से ‘मुख्य मन्त्री
सुख-आश्रय कोश’ की स्थापना की गई है।
बच्चों, बेसहारा महिलाओं और बुजुर्ग
व्यक्तियों के लिए आश्रय गृहों को
अत्याधुनिक सुविधाओं सहित अपग्रेड किया
जाएगा अथवा निर्मित किया जाएगा।
सामाजिक
सुरक्षा पैंशन
सुखाश्रय
योजना/
महिला एवं
बाल विकास
एवं कमज़ोर
वर्गों का
कल्याण
20
सुन्दरनगर एवम् ज्वालामुखी में वरिश्ठ
नागरिकों, बच्चों, विषेश रूप से सक्षम
बच्चों और बेसहारा महिलाओं को रहने/
आश्रय देने के लिए 400 की क्षमता वाले
आधुनिक सुविधाओं सहित एकीकृत ‘आदर्ष
ग्राम सुख-आश्रय परिसर’ का निर्माण
किया जाएगा।
अनाथ बच्चों के लिए चलाए जा रहे
सरकारी गृहों में बेहतर फर्नीचर, कपड़े,
बिस्तर, भोजन, अतिरिक्त हाऊस मदर्ज़,
गुणवत्ता षिक्षा, कैरियर परामर्ष आदि
सुविधाओं का प्रावधान किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त अनाथ बच्चों को वर्श में
एक बार राज्य के बाहर षैक्षणिक दौरों पर
भी ले जाया जाएगा। इसमें हवाई यात्रा
तथा वहाँ 3 ैजंत भ्वजमस में उनके रहने की
व्यवस्था भी की जाएगी।
18 से 27 वर्श की आयु वर्ग के अनाथ
व्यक्तियों को षिक्षा, छात्रावास, व्यवसायिक
प्रषिक्षण व कौषल विकास का व्यय राज्य
सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
मैं सभी प्रदेषवासियों से अपील करना चाहता
हूँ कि ब्ीपसकतमद व िैजंजम के कल्याण एवम् उत्थान के
लिए ‘सुख-आश्रय कोश’ में बढ़-चढ़ कर योगदान करें।
- विधवाओं और एकल नारियों को घर बनाने में
सहायता के लिए मैं एक नई योजना ‘‘मुख्य मन्त्री
विधवा एवम् एकल नारी आवास योजना’’ आरम्भ
करने की घोशणा करता हूँ। 2023-24 में 7,000
ऐसी महिलाओं को घर बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपये
की सहायता दी जाएगी। इसके अन्तर्गत निर्मित घरों
में बिजली, पानी सहित समुचित सुविधायें भी प्रदान
की जाएंगी।
21
- मैं प्रदेष के सरकारी संस्थानों में पढ़ रहीं
18 वर्श या उससे अधिक आयु की 20 हज़ार मेधावी
छात्राओं को ष्म्समबजतपब ैबववजलष् खरीदने के लिए
अधिकतम 25 हज़ार रुपये तक का उपदान देने की
घोशणा करता हूँ। इससे न केवल प्रदेष को ष्ळतममद
ैजंजमष् बनाने में सहायता मिलेगी बल्कि लड़कियों को
उच्च षिक्षा के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा। - प्रदेष के गरीब परिवारों के बच्चों, जो
आवष्यक संसाधनों के अभाव में व्यवसायिक और
तकनीकी पढ़ाई नहीं कर पाते हैं, उनको इन कोर्सों के
लिए हमारी सरकार विŸाीय सहायता प्रदान करेगी।
इसके लिए मैं 200 करोड़ रुपये की ‘‘मुख्य मन्त्री
विद्यार्थी प्रोत्साहन या ेजना’’ षुरू करने की घोशणा
करता हूँ। इसके माध्यम से गरीब बच्चों को
म्दहपदममतपदहए डमकपबपदमए डठ।ए च्ीक्ए बवनतेमे तिवउ प्ज्प्ध्
च्वसलजमबीदपबए ठण्च्ींतउंबलए छनतेपदह इत्यादि चतवमिेेपवदंस
बवनतेमे के लिए विŸाीय संस्थानों की सहायता से
1 प्रतिषत् ब्याज़ दर पर ऋण की व्यवस्था की
जाएगी। हमारी सरकार का दृढ़ निष्चय है कि पैसों के
अभाव में कोई भी मेधावी गरीब बच्चा उच्च षिक्षा से
वंचित न रहे। - मैं ”मुख्य मन्त्री सुरक्षित बचपन अभियान“
आरम्भ करने की घोशणा करता हूँ। इसके लिए
अभियान मोड पर एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की
जाएगी। इस अभियान के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेष में
च्तवजमबजपवद व िब्ीपसकतमद तिवउ ैमगनंस व्ििमदबमे ।बजए 2012
;च्व्ब्ैव्द्ध के प्रावधानों के बारे में प्रदेषवासियों,
विषेशकर बच्चों को जागरूक किया जाएगा। - मैं प्रदेष में नषीली दवाओं और मादक द्रव्यों
के सेवन के दुश्प्रभावों को नियंत्रित करने व बच्चों और
युवाओं में इनके दुश्प्रभाव के बारे में जागरुकता लाने
के लिए ‘‘नषा एवम् मादक पदार्थ मुक्त हिमाचल
अभियान’’ आरम्भ करने की घोशणा करता हूँ।
22
सामाजिक सुरक्षा, महिला, बाल, एवम् अन्य
पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए कुल 2 हज़ार 233
करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
- हिमाचल प्रदेष की अर्थव्यवस्था
में कृशि और सहयोगी क्षेत्रों की अहम भूमिका है तथा
इस पर प्रदेष के 70 प्रतिषत् कामगार निर्भर हैं।
प्रदेष में कृशि और पषु पालन कठिन व्यवसाय बनते
जा रहे हैं और इस परिदृष्य को बदलने की
आवष्यकता है। वर्शों से विभिन्न योजनाओं के द्वारा
नगदी फ़सलों, सब्जी उत्पादन, बे-मौसमी फ़सलों को
बहुत सी छोटी-छोटी योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहन
दिया जाता रहा है परन्तु अभी तक किसानों को पूरा
लाभ नहीं मिल पाया है। प्रदेष में कृशि क्षेत्र के समग्र
विकास के लिए, मैं क्षेत्र आधारित एकीकृत एवम्
समग्र कृशि विकास योजना ”हिम उन्नति“ को षुरू
करने की घोशणा करता हूँ। यह योजना क्लस्टर अप्रोच
के आधार पर चलाई जाएगी जिसमें प्रथम चरण में
पूरे प्रदेष में क्लस्टर चिन्हित किए जाएंगे। - इस नई योजना के अन्तर्गत प्रत्येक क्लस्टर में
स्थानीय जलवायु, भौगोलिक परिस्थितियों जैसे मृदा के
प्रकार इत्यादि के आधार पर कम से कम 40 बीघा
भूमि षामिल की जाएगी। लाभार्थी परिवारों की
आमदनी बढ़ाने के लिए सर्वेक्षण आधारित कार्ययोजना
तैयार की जाएगी। कृशि और पषु पालन विभाग की
सभी वर्तमान योजनाओं को एकीकृत किया जाएगा
तथा इस कार्ययोजना से जोड़ा जाएगा। प्रदेष में क्षेत्र
विषेश की क्षमता के अनुरूप दूध उत्पादन, दालों, मोटे
अनाजों, सब्जियों, फलों, फूलों, नगदी फसलों के
क्लस्टर और प्राकृतिक कृशि के अलग क्लस्टर बनाए
जाएंगे। श्रप्ब्। चरण दो के सभी सब-प्रोजेक्ट भी
”हिम उन्नति“ से जोड़े जाएंगे। प्रथम चरण में वर्श
2023-24 में ‘‘हिम उन्नति’’ के लिए 150 करोड़
रुपये उपलब्ध करवाए जाएंगे।
कृषि/अंसनम
ंककपजपवदध्
पशुपालन
एवं गौ-
संरक्षण
23
- ‘मुख्य मन्त्री खेत संरक्षण
योजना’ के अन्तर्गत जंगली जानवरों से फसलों की
रक्षा के लिए किसानों को जालीदार बाड़ लगाने के
लिए भी उपदान दिया जाएगा। - , ष्ैनइ.डपेेपवद वद ।हतपबनसजनतम
डमबींदप्रंजपवदष् के अन्तर्गत किसानों को टैंक्टर पर
50 प्रतिषत् उपदान दिया जाएगा। - अध्यक्ष महोदय, मैं कृशि, पषुपालन, बागवानी
तथा मत्स्य क्षेत्र में ेजंतज.नचे को प्रोत्साहित करने के
उद्देष्य से किसानों, थ्च्व्े ;थ्ंतउमत च्तवकनबमत
व्तहंदप्रंजपवदेद्ध तथा थ्प्ळे ;थ्ंतउमत प्दजमतमेज ळतवनचेद्ध को
विŸाीय संस्थानों/बैंकों के माध्यम से 2 प्रतिषत् की दर
से ऋण उपलब्ध करवाने की घोशणा करता हूँ। - प्रदेष में दूध आधारित अर्थव्यवस्था को
विकसित करने के लिए मैं ”हिम-गंगा“ नाम से
महत्वाकाँक्षी योजना आरम्भ करने की घोशणा करता
हूँ। इस योजना के तहत पषुपालकों को दूध की जतनम
बवेज इंेमक कीमत दिलायी जाएगी और दूध
चतवबनतमउमदजए चतवबमेेपदह और उंतामजपदह की व्यवस्था
में गुणात्मक सुधार लाया जाएगा। राज्य सरकार यह
सुनिष्चित करेगी कि दूध उत्पादकों को दूध की कीमतों
में क्षेत्रीय और मौसमी उतार-चढ़ाव से बचाया जाए
और विषेश रूप से गरीब वर्ग के दूध उत्पादकों को
दूध की उचित कीमत दिलाई जाए। ‘‘हिम गंगा’’
योजना के लिए 500 करोड़ रुपये की राषि व्यय
करने का प्रस्ताव है। प्रथम चरण में, यह योजना प्रदेष
के कुछ क्षेत्रों के किसानों/पषुपालकों को जोड़ कर
पायलट आधार पर षुरू की जाएगी। इसके परिणामों
के आधार पर इसका विस्तार प्रदेष के अन्य क्षेत्रों में
किया जाएगा। - प्रदेष के किसानों की आय में वृद्धि हेतु
आवष्यकतानुसार दुग्ध उत्पादक सहकारी सभाओं का
24
गठन किया जाएगा। इन सहकारी सभाओं के माध्यम
से दूध व उत्पादों का प्रभावी तरीके से विपणन
सुनिष्चित किया जाएगा।
- ‘‘हिम-गंगा’’ योजना को सफल बनाने के
लिए प्रदेष मंे नए मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए
जाएंगे तथा वर्तमान में स्थापित प्लांट नचहतंकम किए
जाएंगे। सभी आवष्यक पदतिंेजतनबजनतम ंदक ेनचचसल बींपद
को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। - चिन्हित पषु अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं
प्रदान की जाएंगी। इसी क्रम में, 2023-24 में प्रदेष
में 44 मोबाइल अंदे के माध्यम से पषु चिकित्सा
सेवा आरम्भ की जाएगी। - कांग्रेस सरकार द्वारा 2007 में षुरु की गई
दालों व खाद्यान्न तेल पर दी जा रही अनुदान राषि पर
हमारी सरकार आगामी वर्श में 265 करोड़ रुपये खर्च
करेगी। - नागरिक आपूर्ति निगम आगामी सीज़न में गेहूं
की खरीद करेगा। गेहूं खरीद का लक्ष्य 30 हज़ार
मीटिंक टन रखा गया है। - प्रदेष में बागवानों की आय
बढ़ाने के लिए राज्य सरकार जागरूक और प्रतिबद्ध
है। इसके लिए नई बागवानी नीति लाई जाएगी। - हमारी सरकार 1 हज़ार 292 करोड़ रुपये की
लागत से आगामी पाँच वर्शों में ”हिमाचल प्रदेष षिवा
परियोजना“ के अन्तर्गत 7 जिलों 1⁄4बिलासपुर, हमीरपुर,
काँगड़ा, मण्डी, सिरमौर, सोलन, एवम् ऊना1⁄2 के
28 विकास खण्डों में 6 हज़ार हेक्टेयर क्षेत्रफल में दो
चरणों में बागवानी का विकास करेगी। इसके अन्तर्गत
15 हज़ार से अधिक बागवान परिवार लाभान्वित होंगे।
परियोजना के अन्तर्गत किसानों की निजी भूमि पर
‘एक फसल एक क्लस्टर’ एप्रोच में संतरा, अमरूद,
अनार, लीची, प्लम, पीकन नट, परसीमोन, आम,
खाद्य सुरक्षा
बागवानी
25
आदि फलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।
परियोजना में एक करोड़ पौधे रोपित किए जाने का
लक्ष्य है। परियोजना के तहत टंसनम ब्ींपद
प्दतिंेजतनबजनतम विकसित करके च्वेज भ्ंतअमेज स्वेेमे को
कम किया जाएगा।
- बागवानों के उत्पाद की भ्च्डब् द्वारा न्यूनतम
समर्थन मूल्य पर खरीद करने के लिए ऑनलाइन
व्यवस्था की स्थापना की जाएगी। इसके माध्यम से
भ्च्डब् के ब्। ेजवतमे की बुकिंग के लिए भी सुविधा
प्रदान की जाएगी। बागवान घर बैठे भ्च्डब् को बेचे
जाने वाले उत्पाद का प्रबन्धन कर सकेंगे। व्यवस्था के
अन्तर्गत बागवान, भ्च्डब् द्वारा बेचे जाने वाले
उपकरणों एवम् अन्य सामग्री की बुकिंग भी करवा
सकेंगे। - राज्य के किसान/बागवानों के फलों के उत्पादन
को बढ़ाने हेतु फल क्लस्टर/हब विकसित किए जाएंगे,
जिनमें भ्पही क्मदेपजल च्संदजंजपवद ंदक डपबतव प्ततपहंजपवद
ैलेजमउ इत्यादि के माध्यम से डैंगन फ्रूट, ब्लूबेरी,
एवोकाडो आदि नई फसलों की षुरूआत की जाएगी। - उद्यान विभाग द्वारा विभिन्न राज्य प्रायोजित
योजनाओं में दक्षता लाने के लिए इनका विलय कर
इन्हें अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। - थ्च्व्े के सहयोग से ग्रेडिंग/पैकिंग हाऊस,
सी0ए0 व कोल्ड स्टोर, भावानगर 1⁄4किन्नौर1⁄2, संदासु
1⁄4चिड़गाँव1⁄2, अणु 1⁄4जुब्बल1⁄2, चौपाल 1⁄4षिमला1⁄2, जाबली
1⁄4सोलन1⁄2, सुन्दरनगर 1⁄4मण्डी1⁄2, दत्तनगर 1⁄4रामपुर बुषैहर1⁄2
व खड़ापत्थर 1⁄4षिमला1⁄2 में स्थापित किए जाएंगे। - 60 थ्च्व्े का गठन किया जाएगा जिससे
बागवानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर किया जाएगा।
26
- , हिमाचल प्रदेष में मत्स्य
पालन के क्षेत्र में अपार सम्भावनाएं हैं जिनके दोहन
से आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सकता है। इसके लिए
पिेी ंितउपदह को प्रोत्साहन की आवष्यकता है। इस
दृश्टि से प्रदेष में ठंबालंतक थ्पेी थ्ंतउपदहए ब्ंहम ब्नसजनतमए
त्म.बपतबनसंजवतल ।ुनंबनसजनतम ैलेजमउ ;त्।ैद्ध तथा अन्य नईं
तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय को बढ़ाने
के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। - निजि क्षेत्र में 20 हेक्टेयर नए मत्स्य पालन
तालाबों का निर्माण किया जाएगा। किसानों की आय
बढ़ाने के लिए मैं मछली पालन के लिए तालाब
निर्माण हेतु 80 प्रतिषत् उपदान देने की घोशणा करता
हूँ। - मत्स्य पालन क्षेत्र की क्षमता को बढ़ाने के
लिए 120 नई टंाउट इकाईयों का निर्माण किया
जाएगा। - 5 लघु बायोफ्लॉक मत्स्य पालन इकाईयां,
2 टंाउट हैचरीज़, 3 मछली फीड मिलें और 1 बर्फ
संयन्त्र भी स्थापित किए जायेगें। - प्रदेष में मछली पालन से जुड़े किसानों एवम्
अन्य व्यक्तियों को प्रषिक्षण की सुविधा के लिए ब्ंतच
थ्ंतउ गगरेट, ऊना में 5 करोड़ रुपये की लागत से
एक प्रषिक्षण केन्द्र की स्थापना की जाएगी। इस केन्द्र
के माध्यम से प्रति वर्श लगभग 600 मछुआरों को
प्रषिक्षण दिया जाएगा। - राज्य के मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले नदीय
मछलियों पर आश्रित मछुआरों को 1,000 फैंकवा
जाल ;ब्ंेज छमजद्ध उपदान पर आबंटित किए जाएंगे। - प्रदेष में लगभग 12 हज़ार परिवार विभिन्न
जलाषयों, नदियों एवम् तालाबों इत्यादि से मछली
पकड़ने व पालने का कार्य करते हैं। इस क्षेत्र में, युवा
मत्स्य
पालन
27
वर्ग के लिए स्वरोज़गार उत्पन्न करने की बहुत
सम्भावनाएं हैं। 2023-24 में 500 युवाओं को
स्वरोज़गार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
- हमारी सरकार द्वारा नवगठित
पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से पंचायत घर बनाए
जाएंगे। इसके लिए 2023-24 में 10 करोड़ रुपये
उपलब्ध करवाए जाएंगे। - हमारी सरकार ग्राम पंचायत के सुचारू
कामकाज के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत
सचिव उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। आगामी
वर्श में 210 पंचायत सचिवों व तकनीकी सहायकों के
164 पद एक पिगमक ंउवनदज पर भरे जाएंगे। - ‘महात्मा गांधी राश्टंीय ग्रामीण
रोज़गार गारंटी योजना 1⁄4मनरेगा1⁄2’ कांग्रेस की केन्द्र
सरकार द्वारा षुरू की गई ग्रामीण क्षेत्रों में सुनिष्चित
रोज़गार देने के लिए सफल और लोकप्रिय योजना है।
2014 में भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार ने
इसकी खूब निंदा की थी। कोविड महामारी में इसी
योजना के माध्यम से राज्य सरकारों द्वारा ग्रामीण
क्षेत्रों में व्यापक रूप से रोज़गार उपलब्ध करवाया
गया। मैं प्रदेष के सभी क्षेत्रों में वर्तमान में मिल रही
मनरेगा दिहाड़ी को 212 रुपये से बढ़ाकर
240 रुपये करने की घोशणा करता हूँ। इसी तरह
जनजातीय क्षेत्रों में मिलने वाली दिहाड़ी को
266 रुपये से बढ़ाकर 294 रुपये किया जाएगा।
इससे लगभग 9 लाख मनरेगा मज़दूरों, जिनमें
लगभग 65 प्रतिषत महिलाएं हैं, को बढ़ी हुई दिहाड़ी
का लाभ मिलेगा। बढ़ी हुई दिहाड़ी पर होने वाला
लगभग 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय राज्य
सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। - ‘महात्मा गांधी राश्टंीय ग्रामीण रोजगार गारंटी
योजना 1⁄4मनरेगा1⁄2’ के तहत विभिन्न कार्य किए जा रहे
हैं। इन कार्यों के निरीक्षण के लिए एक सहायक की
28
सेवाएं ली जाएंगी। इससे कार्यों की गुणवŸाा सुनिष्चित
होगी और लगभग 25 से 30 हज़ार व्यक्ति लाभान्वित
होंगे।
- सभी विभागों की योजनाओं में समन्वय
स्थापित किया जाएगा ताकि मनरेगा और अन्य
योजनाओं का लाभ सभी वर्गों तक पहुँचे। - प्रदेष के 26 विकास खण्डों में 132 ब्नेजवउ
भ्पतपदह ब्मदजतम बनाए जाएंगे। इन केन्द्रों को स्वयं
सहायता समूहों द्वारा संचालित किया जाएगा और
इनके द्वारा खेती के उपकरणों को किराए पर दिया
जाएगा। - प्रदेष में 50 ‘हिम-ईरा’ आदर्ष दुकानें स्थापित
की जाएंगी। ये दुकानें प्रदेष के स्वयं सहायता समूहों
के उत्पादों की बिक्री के लिए एक मंच प्रदान करेंगी।
प्रदेष में इन समूहों की सुविधा के लिए आजीविका
भवनों का प्रावधान किया जाएगा। - मैं छोटे दुकानदारों/व्यापारियों को 50 हज़ार
रुपये तक के ऋण पर लगने वाले ब्याज़ का
50 प्रतिषत् उपदान देने के लिए एक नई योजना
‘‘मुख्य मन्त्री लघु दुकानदार कल्याण योजना’’ आरम्भ
करने की घोशणा करता हूँ। पात्र लाभार्थियों में दर्जी,
नाई, चाय वाले, रेड़ी-फड़ी वाले, किरयाना इत्यादि
सम्मिलित होंगे। विŸाीय संस्थानों की सहायता से
चलने वाली इस योजना के अन्तर्गत लगभग
75 हज़ार दुकानदारों को इसका लाभ मिलेगा। - स्वच्छ भारत मिषन के अन्तर्गत ग्रामीण
गौषालाओं की आय बढ़ाने के लिए पायलट आधार
पर, सभी जिलों में 4 गोबर्धन संयन्त्र संचालित किए
जाएंगे। साथ ही प्रत्येक ब्लॉक में श्च्संेजपब ॅंेजम
डंदंहमउमदज न्दपज ;च्ॅडन्द्धश् की स्थापना की जाएगी।
हर जिले में स्वच्छ भारत मिषन 1⁄4ग्रामीण1⁄2 और ब्ैत्
फण्ड का उपयोग करके 1 ग्राम पंचायत को मॉडल
29
ग्राम पंचायत के रूप में विकसित किया जाएगा और
इस मॉडल को अन्य ग्राम पंचायतों में दोहराया
जाएगा।
- हिमाचल प्रदेष में कुल 1,800 अमृत सरोवर
प्रस्तावित हैं, जिनमें से लगभग 760 का निर्माण पूरा
कर लिया गया है। षेश बचे अमृत सरोवर
15 अगस्त, 2023 तक तैयार कर लिए जाएंगे। - पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों का
मानदेय बढ़ाने की मैं सहर्श निम्न घोशणा करता हूँः-
अध्यक्ष, जिला परिशद को 5,000 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 20,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
उपाध्यक्ष, जिला परिशद को 5,000 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 15,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
सदस्य, जिला परिशद को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 6,500 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
अध्यक्ष, पंचायत समिति को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 9,500 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
उपाध्यक्ष, पंचायत समिति को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 7,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
सदस्य, पंचायत समिति को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 6,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
प्रधान, ग्राम पंचायत को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 6,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
30
उप-प्रधान, ग्राम पंचायत को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 4,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
सदस्य, ग्राम पंचायत को 200 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 500 रुपये प्रति ग्राम
पंचायत बैठक हेतु मानदेय मिलेगा।
ग्रामीण विकास एवम् पंचायती राज के लिए कुल
1 हज़ार 916 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
- विभिन्न यूटिलिटी लाइनों जैसे
बिजली की तारें, दूरसंचार तारें, व्थ्ब् इत्यादि को एक
कॉमन यूटिलिटी डक्ट में बिछाने के लिए नीति बनाई
जाएगी। इस नीति के तहत सेवा दाताओं को इन तारों
को बिछाने और उनके रख-रखाव के लिए सरकार
द्वारा अनुमति दी जाएगी जिससे बार-बार सड़क की
खुदाई करने की आवष्यकता से निज़ात मिलेगी।
पायलट आधार पर षिमला षहर में इस कनबज का
निर्माण किया जाएगा जिस पर प्रथम चरण में
25 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। - मैं स्थानीय नगर निकायों के प्रतिनिधियों को
प्रतिमाह दिये जाने वाले मानदेय को निम्न प्रकार से
बढ़ाने की सहर्श घोशणा करता हूँः-
महापौर, नगर निगम को 5,000 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 20,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
उप-महापौर, नगर निगम को 5,000
रुपये बढ़ौतरी के साथ 15,000 रुपये
प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।
काउंसलर, नगर निगम को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 7,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
शहरी
विकास
31
अध्यक्ष, नगर परिशद को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 8,500 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
उपाध्यक्ष, नगर परिशद को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 7,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
पार्शद, नगर परिशद को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 3,500 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
प्रधान, नगर पंचायत को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 7,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
उप-प्रधान, नगर पंचायत को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 5,500 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
सदस्य, नगर पंचायत को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 3,500 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
- षहरों में ेंदपजंतल ूंेजम की विकराल समस्या
पैदा हो रही है। षहरी स्थानीय निकायों में प्रदूशण
नियंत्रण बोर्ड के सहयोग से सैनिटरी इनसिनरेटर
;ैंदपजंतल प्दबपदमतंजवतद्ध स्थापित किए जाएंगे। - षहरी क्षेत्रों में पार्किंग की विकराल समस्या
को देखते हुए षहरी स्थानीय निकायों में लगभग
1,000 म्ब्ै ;म्ुनपअंसमदज ब्ंत ैचंबमद्ध पार्किंग क्षमता के
स्थल विकसित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त बड़े
पार्किंग स्थलों का निर्माण च्च्च् डवकम में किया जाएगा। - षहरी निकायों में ऑनलाईन सम्पति कर
भुगतान प्रणाली षुरु की जाएगी।
32
- जाठिया देवी, षिमला में
भारत सरकार के सहयोग से हिमुडा द्वारा नया षहर
स्थापित करने का कार्य षुरु किया जाएगा। इसके
लिए 1 हज़ार 373 करोड़ रुपये की डी0पी0आर0
डपदपेजतल व िभ्वनेपदह ंदक न्तइंद ।ििंपतेए ळवअमतदउमदज व
िप्दकपं को प्रेशित की गई है। - अध्यक्ष महोदय, वर्श 2023-24 में 250
‘आयुश वैलनेस केन्द्र’ संचालित किए जाएंगे जिनमें
विभिन्न प्रकार के उपचार च्ंबांहमे के रूप में उपलब्ध
करवाए जाएंगे। ग्रामीण विकास, पंचायती राज, षिक्षा,
और वन विभागों के साथ मिलकर 500 नई हर्बल
वाटिकाएं भी स्थापित की जाएंगी। - ‘राश्टंीय आयुश मिषन’ में औशधीय पौधों के
क्लस्टर बनाकर इनकी खेती के लिए किसानों को
प्रोत्साहित किया जाएगा। - प्रदेष में वर्शा जल संग्रहण के
माध्यम से भू-जल स्त्रोतों तथा अन्य जल स्त्रोतों के
तमअपअंस की अपार सम्भावनाएं हैं। खड्डों पर छोटे-छोटे
चैकडैम बनाकर न केवल पानी को रोका जा सकता है
बल्कि इकट्ठे किए गए पानी के रिसाव से भू-जल के
स्तर में वृद्धि भी की जा सकती है। प्राकृतिक रूप से
विद्यमान विषाल गड्ढों को भी जल संग्रहण ताल के
रूप में विकसित किया जा सकता है। हमारी सरकार
प्रदेष की विभिन्न खड्डों तथा चिन्हित प्राकृतिक गड्ढों में
जल संग्रहण के माध्यम से भूमिगत जल स्तर को
बढ़ाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगी। - सभी पेयजल एवम् सिंचाई परियोजनाओं के
जल स्त्रोतों को लम्बे समय तक बनाए रखने के लिए
हमारी सरकार सुनिष्चित करेगी कि भविश्य में जिन
भी योजनाओं का प्राक्कलन तैयार किया जाए उनमें
ेवनतबम ेनेजंपदंइपसपजल के लिए कुल परियोजना लागत
का 10 प्रतिषत् प्रावधान किया जाए।
आवासीय
सुविधा
आयुष
जल शक्ति
33
- हमारी सरकार जल संसाधनों के सतत् उपयोग
के लिए ष्ॅंजमत त्महनसंजपवद ंदक डंदंहमउमदज ठपससष् लाने
की दिषा में समुचित पग उठाएगी। पेयजल योजनाओं
का सेवा स्तर सुधारने के लिए चरणबद्ध ढंग से
24×7 जल आपूर्ति उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया
जाएगा। प्रथम चरण में, पायलट आधार पर नदी/डैम
के साथ लगतीं कुछ नगर पंचायतों/नगर परिशदों में
पेयजल योजनाओं को 24×7 जल आपूर्ति योजनाओं में
नचहतंकम किया जाएगा। - प्रदेषवासियों के अच्छे स्वास्थ्य
के लिए निर्मल पीने का पानी उपलब्ध करवाना हमारी
सरकार की प्राथमिकता है। जहाँ पर च्मतबवसंजपवद
ूमससध्ेचतपदह इंेमक पेयजल योजनाओं में बवदजंउपदंजपवद
की सम्भावना है, वहाँ पर पिसजमत नदपज स्थापित किए
जाएंगे। नवीनतम तकनीक जैसे कि न्टध्नसजतं
पिसजतंजपवदध्व्रवदपेंजपवद इत्यादि को आवष्यकता अनुसार
चरणबद्ध तरीके से उपयोग में लाया जाएगा। जल
उपचार में इसमंबीपदह चवूकमत के स्थान पर ळंेमवने
ब्ीसवतपदंजपवद ैलेजमउ व ैवकपनउ भ्लचव ब्ीसवतपजम ैलेजमउ
का यथासंभव उपयोग किया जाएगा। इसके लिए
2023-24 में 25 करोड़ रुपये खर्चे जाएंगे। - प्रदेष के पाँच षहरों मनाली, बिलासपुर,
पालमपुर, नाहन और करसोग में स्वच्छता सुविधाओं
का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मनाली व
पालमपुर में पेयजल आपूर्ति का सुधार भी किया
जाएगा। फ्रांस के क्मअमसवचउमदज ठंदा . ।थ्क् ;।हमदबम
थ्तंदप्रंपेम कम क्मअमसवचउमदजद्ध के माध्यम से इस
परियोजना पर लगभग 817 करोड़ रुपये व्यय किए
जाएंगे। - जल परीक्षण हेतु उपभोक्तताओं को प्रेरित करने
के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम जल स्वच्छता
समिति ;टॅैब्द्ध से प्रषिक्षित महिलाओं को कम से
34
कम 50 जल नमूनों के परीक्षण व परिणाम अपलोड
करने के लिए 3,300 रुपये प्रति ग्राम पंचायत
प्रोत्साहन राषि के रूप में दी जाएगी।
- विभिन्न टैन्डर कार्यों में ।तइपजतंजपवद विवाद के
कारण न केवल कार्यों को पूरा करने में देरी होती है
बल्कि सरकार पर अतिरिक्त विŸाीय बोझ भी पड़ता है।
इन परिस्थितियों से बचने के लिए मैं घोशणा करता हूँ
कि आगामी विŸाीय वर्श में अनुबन्ध धाराओं से
।तइपजतंजपवद ब्संनेम को पूर्ण रूप से हटा दिया जाएगा। - मैं जल षक्ति विभाग में पेयजल, सिंचाई तथा
सीवरेज स्कीमों के रख-रखाव एवम् परिचालन के लिए
विभिन्न श्रेणियों के 5,000 पद भरने की घोशणा करता
हूँ। - हमारी सरकार ने 2023-24
में राज्य की सड़कों की लम्बाई को बढ़ाकर 41 हज़ार
किलोमीटर से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। - 2023-24 में ‘प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क
योजना ;च्डळैल्द्ध.प् व प्प्’ के अन्तर्गत निम्न कार्य सम्पन्न
किए जाएंगेः-
150 किलोमीटर नई क्नेक्टिविटी।
650 किलोमीटर उन्नयन कार्य।
200 किलोमीटर क्रॉस डंेनेज़।
9 पुलों का निर्माण।
20 बस्तियों को सड़कों से जोड़ना।
- सरकार द्वारा च्डळैल्-प्प्प् के अन्तर्गत सभी
ब्लॉकों के ळप्ै सर्वेक्षण के बाद 422 करोड़ रुपये की
लागत से 440 किलोमीटर लम्बी 45 सड़कों के
प्रस्तावों पर भारत सरकार की स्वीकृति प्राप्त की गई
सड़कें एवम्
पुल
35
है। 2 हज़ार 685 किलोमीटर लम्बी सड़कांे के लिए
फेज़ वाईज़ डी0पी0आर0 भारत सरकार की स्वीकृति
हेतु भेज दी गई है। 2023-24 में, च्डळैल्-प्प्प् के
अन्तर्गत 300 किलोमीटर सड़कों को उन्नत करने का
लक्ष्य रखा गया है।
- हमारी सरकार 178
किलोमीटर लम्बाई के निम्न पाँच राश्टंीय उच्च
राजमार्गों को दो लेन से चार लेन नचहतंकम करने के
लिए 4 हज़ार 700 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केन्द्र
सरकार को भेज रही हैः-
899 करोड़ रुपये की लागत से बिड़ू से
लठयाणी।
600 करोड़ रुपये की लागत से नालागढ़
से स्वारघाट।
1,200 करोड़ रुपये की लागत से काला
अम्ब से पाँवटा साहिब से देहरादून।
1,500 करोड़ रुपये की लागत से अम्ब
से ऊना और पंजाब बॉर्डर से नादौन।
500 करोड़ रुपये की लागत से ऊना
बाईपास।
- आगामी वर्श में नाबार्ड ;त्प्क्थ्द्ध के अन्तर्गत
205 किलोमीटर नई सड़कों, 305 किलोमीटर क्रॉस
डंेनेज़, 425 किलोमीटर पक्की सड़कों और 27 पुलों
का निर्माण प्रस्तावित है। - राज्य सरकार द्वारा केन्द्रीय सड़क अवसंरचना
निधि ;ब्त्प्थ्द्ध से वित्त पोशण के लिए भारत सरकार को
500 करोड़ रुपये की 5 सड़कें/पुल परियोजनाएं भेजी
गई हैं। मेरी सरकार इन सभी योजनाओं को स्वीकृत
करवाने हेतु निरन्तर प्रयासरत रहेगी।
36
- प्रदेष की सड़कों पर होने
वाले हादसों में कमी लाने के लिए, सड़क सुरक्षा की
दृश्टि से निम्न योजनाएं प्रस्तावित हैंः-
5 कवनइसम संदम सड़कों पर 474 करोड़
रुपये की लागत से 77 किलोमीटर सड़कों
पर कार्य।
पायलट आधार पर 50 करोड़ रुपये की
लागत से काँगड़ा जिला 1⁄4षिला चौक से
पालमपुर एवम् दो सपदा तवंकेद्ध में 43
किलोमीटर स्टंेच को ैंमि ब्वततपकवत
क्मउवदेजतंजपवद च्तवरमबज ;ैब्क्च्द्ध के अन्तर्गत
ेंमि बवततपकवत का विकास।
पायलट की सफलता के आधार पर राज्य
में सभी राश्टंीय राजमार्गों और प्रमुख
जिला सड़कों ;डक्त्द्ध के लिए ैंमि
ब्वततपकवत क्मउवदेजतंजपवद च्तवहतंउउम का
कार्यान्वयन।
- इस प्रकार 2023-24 में निम्न लक्ष्य प्राप्त
किए जाएंगेः-
1 हज़ार 60 किलोमीटर नई सड़कों का
निर्माण।
1 हज़ार 505 किलोमीटर लम्बी सड़कों
की मैटलिंग व टारिंग।
990 किलोमीटर सड़कों पर क्रॉस डंेनेज़
एवम् जल निकासी से सम्बन्धित कार्य।
70 नए पुलों का निर्माण।
70 गाँवों की क्नेक्टिविटी।
37
- प्रदेष में उत्कृश्ट गुणवŸाा की सड़कें उपलब्ध
करवाने के उद्देष्य से मैं एक नई योजना ‘‘मुख्य
मन्त्री सड़क एवम् रख-रखाव योजना’’ आरम्भ करने
की घोशणा करता हूँ। इसके अन्तर्गत 2023-24 में
200 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। - , प्रदेष के युवाओं को
स्वरोजगार एवं स्टार्ट अप सहायता प्रदान करने हेतु
कांग्रेस सरकार द्वारा गारंटी दी गई है। मैं एक नई
‘‘राजीव गांधी स्वरोज़गार योजना’’ आरम्भ करने की
घोशणा करता हूँ। इस योजना के अन्तर्गत विभिन्न
उद्यमों के साथ-साथ क्मदजंस ब्सपदपबे में मषीनरी एवम्
औज़ार, मत्स्य इकाईयों, म.जंगप तथा 1 मैगावाट तक
के सोलर पावर प्रोजैक्टस को भी सम्मिलित किया
जाएगा। मैं म.जंगप पर मिलने वाले उपदान को सभी
वर्गों के लिए समान रूप से 50 प्रतिषत् करने की
घोशणा करता हूँ। - राश्टंीय और अन्तर्राश्टंीय स्तर पर निवेष
स्थितियों को देखते हुए हिमाचल प्रदेष औद्योगिक
निवेष नीति, 2019 की समीक्षा करना समय की
ज़रूरत है। इसलिए हमारी सरकार षीघ्र नई
”औद्योगिक निवेष नीति“ लाएगी। इसके अन्तर्गत
सरकार ओपन आर्म पॉलिसी का अनुसरण करेगी और
मौजूदा ेपदहसम ूपदकवू ेलेजमउ को श्ठनतमंन व
िप्दअमेजउमदज च्तवउवजपवदश् में परिवर्तित किया जाएगा।
इसके लिए विधान सभा में विधेयक पेष किया
जाएगा। यह ठनतमंन समयबद्ध तरीके से सभी
आवष्यक स्वीकृतियाँ प्रदान करने के लिए ेपदहसम तवव
िहोगा जिससे निवेषकों को सम्बन्धित कार्यालयों के
चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह ठनतमंन निवेषकों को
च्सनह.ंदक.च्संल की सुविधा प्रदान करेगा। यह ठनतमंन
राज्य में रोज़गार सृजन में मददगार होगा तथा
हिमाचल प्रदेष को एक ‘आदर्ष निवेष मित्र राज्य’ के
रूप में विकसित करने में सहायक होगा।
उद्योग/निजी
निवेश
38
- 2023-24 में विनिर्माण ;उंदनंिबजनतपदहद्ध,
पर्यटन, ऊर्जा, निर्माण, आवास इत्यादि क्षेत्र में लगभग
20 हज़ार करोड़ रुपये का निजी निवेष लाने के
प्रयास किए जाएंगे जिससे लगभग 40 हज़ार प्रत्यक्ष
और 50 हज़ार अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा
होंगे। - प्रदेष सरकार जहाँ वैज्ञानिक
खनन द्वारा राजस्व बढ़ाने के लिए प्रयासरत है वहीं
अवैध खनन पर अंकुष लगाने के लिए भी गम्भीर है।
रॉयल्टी की चोरी रोकने हेतु एवम् ॅध्ग् फार्म के
सरलीकरण के लिए इसे एम0-परिवहन पोर्टल के साथ
जोड़ा जाएगा तथा अन्य सम्बन्धित विभाग जैसे लोक
निर्माण विभाग, जल षक्ति विभाग, प्रदूशण नियंत्रण
बोर्ड इत्यादि भी इस पोर्टल से जुड़ेंगे। इससे अवैध
खनन के साथ-साथ राजस्व हानि की भी रोकथाम
होगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध खनन पर अंकुष
लगाने के लिए ष्थ्सलपदह ैुनंकष् का गठन किया
जाएगा। - प्रदेष में स्थापित उद्यमों में लगभग
99 प्रतिषत्् उद्योग सूक्ष्म, लघु व मध्यम श्रेणी में
आते हैं। पहले, भारत सरकार इन उद्यमों का सर्वेक्षण
व विष्लेशण करवाती थी। इस प्रकार का सर्वेक्षण
पिछले एक दषक से नहीं किया गया है। उद्योग
विभाग इन उद्यमों का विस्तृत सर्वेक्षण करवाएगा, ताकि
इन उद्योगों की समस्याओं की पहचान कर उनका
उचित निवारण षीघ्र किया जा सके। - ‘एक जिला एक उत्पाद’ को प्रोत्साहित करने
के उद्देष्य से प्रदेष में श्न्दपजल डंससश् का निर्माण किया
जाएगा। इसके माध्यम से हिमाचल प्रदेष के ळप्
उत्पाद, हस्तषिल्प उत्पाद एवम् अन्य राज्यों के
हस्तषिल्प उत्पादों को एक छत के नीचे उपलब्ध
करवाया जाएगा।
39
- युवाओं को रोज़गार देने के उद्देष्य से
2023-24 में 500 चिन्हित बस रूटों पर ई-वाहन
चलाने के लिए परमिट जारी किए जाएंगे। - बस अड्डा निर्माण एवम् प्रबन्धन प्राधिकरण ने
वर्श 2023-24 में 12 बस अड्डों के निर्माण को पूरा
करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें ठियोग,
भंजराड़ू, बरछवाड़, हरिपुर-देहरा, थुनाग, जंजैहली,
बैजनाथ, कुमारसैन, लक्कड़ बाज़ार-षिमला, दाड़लाघाट,
ढली-षिमला एवम् कार पार्किंग बंजार का निर्माण
कार्य षामिल है। बस अड्डा प्राधिकरण 5 नए बस अड्डों
बंगाणा, नादौन, पतलीकूहल, डलहौजी एवम् रिवालसर
पर निर्माण कार्य करेगा। - हमीरपुर में ठने च्वतज बनाया जाएगा जिसके
लिए 10 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। - 2 नए बस अड्डों जसूर, बिलासपुर एवम् कार
पार्किंग व वाणिज्यिक परिसर पुराना बस अड्डा, ऊना
के निर्माण के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी ;च्च्च्द्ध
के तहत निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। - हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा बसों,
चार्जिंग स्टेषन व अन्य सुविधाओं की जानकारी के
लिए ळप्ै इंेमक ”व्हीकल लोकेषन ऐप“ तैयार की
जाएगी। परिवहन निगम की बसों में ‘डिजिटल फेयर
कलेक्षन सिस्टम’ लागू किया जाएगा। - अध्यक्ष महोदय, कांग्रेस की वर्तमान सरकार
बनते ही मैंने स्वयं सभी वितमेज बसमंतंदबमे बंेमे की
मॉनिटरिंग आरम्भ की है। बहुत से विभागों में
अधिकारियों को इससे सम्बन्धित जानकारी नहीं होती।
वन विभाग द्वारा इन्हें उचित प्रषिक्षण एवम् सहायता
प्रदान की जाएगी। सभी बंेमे में तेज़ी लाने के
उद्देष्य से उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रत्येक जिले में
जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। यह
समितियां समय-समय पर अपने जिले के सम्बन्धित
परिवहन
वन
40
अधिकारियों के साथ वितमेज बसमंतंदबमे बंेमे की
समीक्षा करेंगी जिससे इन बंेमे के अनुमोदन में
तीव्रता आएगी।
- प्रदेष में खाली पड़ी पहाड़ियों के बड़े भू-भाग
पर पौधरोपण किया जाएगा ताकि एक छोर से
पौधरोपण प्रारम्भ करके पूरी पहाड़ी को ळतममद ब्वअमत
प्रदान किया जा सके। इसके लिए श्डनाीलं डंदजतप
ळतममद ब्वअमत डपेेपवदश् के अन्तर्गत प्रदेष के
12 जिलों में 250 हेक्टेयर का चयन किया जाएगा।
चयनित क्षेत्रों में जलवायु के अनुकूल पौधों की
ेचमबपमे का रोपण किया जाएगा। - इस समय श्रप्ब्। परियोजना षिमला, बिलासपुर,
मण्डी, कुल्लू, काँगड़ा, किन्नौर और लाहौल स्पिति में
कार्यान्वित की जा रही है। परियोजना का उद्देष्य
वैज्ञानिक वन प्रबन्धन, ठपवकपअमतेपजल का विस्तार और
स्थानीय समुदायों की आय बढ़ाना है। योजना के तहत
2023-24 में 2,000 हेक्टेयर भूमि पर पौधारोपण
किया जाएगा। योजना के तहत 400 सक्रिय स्वयं
सहायता समूहों का सहयोग लिया जाएगा और उन्हें
वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। - मेरी सरकार राज्य में हरित
विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस उद्देष्य के लिए
स्थानीय स्तर पर प्रभावी संस्थागत तंत्र का सृजन
आवष्यक है। इसके लिए पर्यावरण विभाग में क्षेत्रीय
कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। - पर्यावरण, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवम् जलवायु
परिवर्तन विभाग में ठपव.कमहतंकंइसम पदार्थों से प्लेटें
इत्यादि तथा पत्तल बनाने के लिए अनुसंधान के
उद्देष्य से एक अनुसंधान केन्द्र स्थापित किया जाएगा।
इसकी स्थापना तथा संचालन ब्वतचवतंजम ैवबपंस
त्मेचवदेपइपसपजल ;ब्ैत्द्ध के माध्यम से किए जाएंगे।
पर्यावरण,
विज्ञान
एवम्
प्रौद्योगिकी
41
- भारत के स्वर्गीय प्रधान
मन्त्री, श्री राजीव गांधी की ष्क्पहपजंस प्दकपंष् की
परिकल्पना को आगे बढ़ाते हुए हमारी सरकार ने एक
कार्ययोजना तैयार की है। अब मैं अपने बजट
अभिभाशण के अगले कुछ पैरों में इस कार्ययोजना का
उल्लेख करना चाहूँगा। - सरकारी कार्य में षीघ्रता लाने के लिए सभी
निदेषालयों तथा उपायुक्त कार्यालयों में ई-ऑफिस
व्यवस्था स्थापित की जाएगी। प्रदेष सचिवालय के सभी
प्रभागों को 1 जुलाई, 2023 से ई-ऑफिस से जोड़ा
जाएगा। - नागरिकों को अपनी षिकायत दर्ज करने और
उसकी स्थिति की जांच करने के लिए ‘मुख्य मन्त्री
सेवा संकल्प हेल्पलाइन’ को मजबूत किया जाएगा।
इसके लिए ॅींजेंचच और स्वचालित ब्ींज ठवज का
प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा, ‘मुख्य मन्त्री सेवा
संकल्प हेल्पलाइन’ में आवारा पषुओं की सूचना देने
की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। नागरिकों द्वारा
आवारा पषुओं की सूचना देने के लिए मोबाइल
एप्लिकेषन भी विकसित किया जाएगा जो ‘मुख्य मन्त्री
सेवा संकल्प हेल्पलाइन’ के साथ एकीकृत होगा। - इस समय क्पतमबज ठमदमपिज ज्तंदेमित ;क्ठज्द्ध के
अन्तर्गत विभिन्न विभागों द्वारा कुछ योजनाओं का डाटा
मैनुअली एकत्रित किया जा रहा है। इस डाटा को
मुख्यालयों को भेजने में समय लगता है। डाटा संचार
और प्रबन्धन में देरी को समाप्त करने के लिए फील्ड
स्तर से डाटा को दर्ज़ करने के लिए एक क्ठज् च्वतजंस
विकसित किया जाएगा। - हमारी सरकार द्वारा डंोन और डंोन प्रौद्योगिकी
उद्योग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक नीति और
डंोन-सक्षम षासन तैयार किया जाएगा। वे विभाग
जिन्हें डंोन का उपयोग करने के लिए प्रषिक्षित लोगों
की आवष्यकता है जैसे पुलिस, वन, लोक निर्माण,
डिजीटाइजेशन,
गवर्नेंस तथा
सूचना
प्रौद्योगिकी
42
आपदा प्रबन्धन, कृशि एवम् स्वास्थ्य विभाग इत्यादि,
उनके कर्मियों को प्रमाणित प्रषिक्षण संस्थानों द्वारा
प्रषिक्षित किया जाएगा।
- हमारी सरकार स्टेट डाटा सेन्टर का विस्तार
करेगी। अगले चार महीनों में विभिन्न विभागों के
अलग-अलग कंजं इंेमे को पदजमहतंजम करके
श्प्दजमहतंजमक क्ंजं ठंेम डंदंहमउमदज ैलेजमउश् तैयार
किया जाएगा। कृशि, पषुपालन, श्रम और रोज़गार
इत्यादि विभागों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की
क्ठज् उंचचपदह इसी के माध्यम से की जाएगी। इसके
लिए 50 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित है। - राज्य में सभी परिवारों के सदस्यों से
सम्बन्धित सूचना एक प्लेटफॉर्म पर एकत्रित करने के
लिए ‘‘हिम परिवार’’ नाम से रजिस्टंी स्थापना की
प्रक्रिया आरम्भ की गई है। इस रजिस्टर में च्क्ै,
ई-कल्याण एवम् अन्य पोर्टल पर परिवार के सदस्यों
की सूचना को एकीकृत किया जाएगा। इसके अन्तर्गत
प्रत्येक लाभार्थी को एक न्दपुनम प्क् प्रदान किया
जाएगा। इससे प्रदेषवासियों को विभिन्न सरकारी
योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर बहुत कम
समय में मिल पाएगा तथा उन्हें सरकारी कार्यालयों में
चक्कर नहीं लगाने पड़ेगें। अगले चार महीनों में
स्थापित होने वाली इस व्यवस्था के अन्तर्गत सभी
लाभार्थियों को केवल एक ही बार आवष्यक दस्तावेज़
जमा करवाने पडं़ेगे। - प्रदेष में बचे गाँवों को ऑप्टीकल फाइबर
केबल से 4ळ सेवाएं प्रदान करने के लिए इसे बिछाने
का काम षीघ्र आरम्भ कर दिया जाएगा। राज्य के हर
कोने में विष्वसनीय तथा हाईस्पीड कनैक्टीविटी प्रदान
करने की दिषा में यह कारगर कदम होगा। 5ळ सेवाएं
उपलब्ध करवाने की दिषा में भी उपयुक्त कदम उठाए
जाएंगे जिससे प्रदेषवासियों को मिलने वाली षिक्षा,
स्वास्थ्य, परिवहन सेवाएं को और प्रभावी बनाया जा
43
सके। इसके लिए 2023-24 मंे 50 करोड़ रुपये
व्यय किए जाएंगे।
- इस समय राज्य में 5,000 लोकमित्र केन्द्र
काम कर रहे हैं। लोकमित्र केन्द्रों की संख्या को
6,000 किया जाएगा जिससे गाँव में रोज़गार के
अवसर उपलब्ध होंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदेषवासियों
के लिए पदजमतदमज आधारित सेवाओं का विस्तार होगा। - अध्यक्ष महोदय, राजस्व विभाग में वदसपदम
तमहपेजतंजपवद के कार्य को 175 उप-रजिस्टरार कार्यालयों
में सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया जा रहा है।
2023-24 मंे वदसपदम तमहपेजतंजपवद की सुविधा पूरे प्रदेष
में उपलब्ध करवा दी जाएगी। - हमीरपुर जिला में ‘स्वामित्व योजना’ के सफल
कार्यान्वयन के बाद हमारी सरकार द्वारा षेश बचे जिलों
में मार्च, 2024 तक इस कार्य को पूरा करने का
लक्ष्य रखा गया है। इससे सम्बन्धित पक्षों को सम्पति
कार्ड वितरित किए जा सकंेगे। - भ्च् ब्मपसपदह वद स्ंदक भ्वसकपदह ।बजए 1972 में परिवार
में पुत्र को अलग ईकाई माना गया है। लड़कियों को
अलग ईकाई मानने से वंचित रखा गया है। इस
प्रावधान के चलते किसी व्यक्ति को परिवार में उसके
पुत्र को अलग पारिवारिक ईकाई मानते हुए अनुमत
सीमा ;चमतउपेेपइसम सपउपजद्ध से दुगनी भूमि पर स्वामित्व
का अधिकार है। भ्च् ब्मपसपदह वद स्ंदक भ्वसकपदह ।बजए 1972
में संषोधन कर बेटियों को अलग ईकाई बनाया
जाएगा। - लाहौल-स्पिति तथा किन्नौर जिलों में मौसम
की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए भारतीय मौसम
विज्ञान केन्द्र की सहायता से डॉपलर राडार स्थापित
किए जाएंगे। काँगड़ा/हमीरपुर क्षेत्र में एक उच्च
भू-प्रशासन,
सुधार एवम्
आपदा
प्रबन्धन
44
तकनीक ष्म्ंतजीुनंाम स्ंइवतंजवतल बनउ क्ंजं ।दंसलेपे
ब्मदजतमष् स्थापित करने का भी प्रस्ताव है।
- ‘आपदा मित्र योजना’ के अन्तर्गत राश्टंीय
आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण ;छक्ड।द्ध के सहयोग से,
2024 तक हिमाचल प्रदेष में बाढ़, भूस्खलन और
भूकम्प की आषंका वाले 9 संवेदनषील जिलों में
1,500 सामुदायिक स्वयं सेवकों को प्रषिक्षित किया
जाएगा। - फ्रांस के क्मअमसवचउमदज ठंदा . ।थ्क् ;।हमदबम
थ्तंदप्रंपेम कम क्मअमसवचमउमदजद्ध के माध्यम से
800 करोड़ रुपये के क्पेंजमत त्पेा त्मकनबजपवद ंदक
च्तमचंतमकदमेे च्तवरमबज ;क्त्त्च्द्ध को स्वीकृत करवाने में
गति लाई जाएगी। - हमारी सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेष भू-कोड
और भू-अभिलेख मैनुअल का संषोधन किया जाएगा।
30 वर्श पुराने इन नियमों का संषोधन और
सरलीकरण आवष्यक हो गया है। नियमों में संषोधन
करके उनजंजपवद और कमउंतबंजपवद को समयबद्ध किया
जाएगा ताकि आम जनता को राजस्व कार्यालयों में
बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। - अध्यक्ष महोदय, विकट विŸाीय परिस्थितियों के
चलते पहली बार हमारी सरकार द्वारा अतिरिक्त
संसाधन जुटाने के भी प्रयास किए गए हैं, जिनमें से
निम्न मुख्य हैंः-
बिजली बनाने में इस्तेमाल होने वाले पानी
पर ष्ॅंजमत ब्मेेष्ण्
आबकारी नीति में बदलाव करके इसे और
अधिक पारदर्षी बनाया गया है। अब
पारदर्षी और खुली नीलामी के माध्यम से
और भी अधिक राजस्व जुटाया जाएगा।
अतिरिक्त
संसाधन
45
ळैज् मुआवजे के घाटे को कम करने के
लिए श्ळैज् त्मअमदनम म्दींदबमउमदज च्तवरमबजश्
षुरु किया जाएगा। परियोजना से सामान्य
राजस्व वृद्धि के अलावा लगभग 250
करोड़ रुपये की अतिरिक्त राजस्व वृद्धि
अपेक्षित है।
नई योजना ”सद्भावना योजना – 2023“
व्यापारियों, निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और
खुदरा विक्रेताओं को सुविधा प्रदान करने के
लिए इसी वर्श षुरु की जाएगी। इसके
तहत सामान्य बिक्री कर, केन्द्रीय बिक्री कर
और प्रवेष षुल्क इत्यादि अधिनियमों के
तहत लम्बित मामलों को निपटाया जाएगा।
प्रदेष में बिकने वाली षराब पर प्रति
बोतल 10 रुपये ‘दूध सैस’ लगाया
जाएगा, जिससे प्रतिवर्श लगभग 100
करोड़ रुपये की प्राप्ति होगी। इस धनराषि
का उपयोग दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर दूध
उत्पादकों की आय में वृद्धि के लिए किया
जाएगा।
अवैध खनन पर रोक लगाते हुए खनन
द्वारा राजस्व बढ़ाने के लिए प्रयास किए
जाएंगे।
इन प्रयासों से प्रदेष की आम जनता पर कोई
प्रभाव नहीं पड़ेगा। इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए
फिज़ूल खर्ची को रोका जाएगा और सरकारी व्यय का
युक्तिकरण किया जाएगा।
- युवाओं को रोज़गार प्रदान
करने की गारंटी की कड़ी में, मैं ‘‘मुख्य मन्त्री
रोज़गार संकल्प सेवा’’ षुरु करने की घोशणा करता
हूँ। इसके लिए म्उचसवलउमदज डप्ै ैवजिूंतम में
आवष्यक संषोधन किया जाएगा। इसके माध्यम से
प्रदेष के दूर-दराज़ के क्षेत्रों के युवाओं को प्रदेष, देष
श्रम एवम्
रोजगार
46
और अन्तर्राश्टंीय स्तर पर उपलब्ध रोज़गार अवसरों से
जोड़ा जाएगा, ताकि प्रदेष के युवाओं की उचित श्रवइ
चसंबमउमदज हो सके।
- एक नई पहल के अन्तर्गत युवाओं को विदेषों
में रोज़गार उपलब्ध करवाने के लिए श्रम एवम्
रोज़गार विभाग विभिन्न दूतावासों और वनजेपकम एवम्
वअमतेमंे भ्पउंबींसपे से सम्पर्क करके युवाओं को
अन्तर्राश्टंीय स्तर पर रोज़गार उपलब्ध करवाने के लिए
मदद करेगा। - हमारी सरकार मादक पदार्थों
की सुनियोजित तस्करी को रोकने एवम् अपराधियों को
पकड़ने के लिए ठोस कदम उठाएगी। मादक पदार्थों की
तस्करी समाज के सामने बहुत बड़ी चुनौती है। नषे
की तस्करी से अर्जित की गई अवैद्य सम्पति को जब्त
करने के लिए मेरी सरकार द्वारा कड़े निर्देष दिए गए
हैं। - षहरी क्षेत्रों में पुलिस कर्मियों को आवासीय
सुविधाएं प्रदान करने के लिए वर्तमान च्वसपबम ैजंजपवद
भवनों के ऊपर अथवा आस-पास की भूमि पर
आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। - हमारी सरकार प्रदेष में कानून एवम् व्यवस्था
बनाए रखने के लिए कृतसंकल्प है। पुलिस के
आधुनिकीकरण पर विषेश बल दिया जाएगा। अपराधियों
एवम् अपराधों तथा खनन सम्बन्धित गतिविधियों पर
कड़ी नज़र रखने के लिए पुलिस फोर्स द्वारा कतवदमे
का प्रयोग किया जाएगा। - षिमला के ऐतिहासिक बैंटनी
कैसल को जल्द ही पर्यटकों और आम नागरिकों के
लिए खोल दिया जाएगा। बैंटनी कैसल में सैलानियों
के मनोरंजन के लिए वर्चुअल एवम् डिजिटल संग्रहालय
की स्थापना व पार्क के साथ ‘‘मानव संग्रहालय’’
स्थापित किया जाएगा।
गृह/कानून
व्यवस्था
भाषा एवम्
संस्कृति
47
- प्रदेष व देष के विभिन्न राज्यों के प्रमुख षहरों
में हर वर्श ‘‘हिमाचल-उत्सव’’ का आयोजन किया
जाएगा जिनके माध्यम से प्रदेष की संस्कृति एवम्
कला का प्रचार और प्रसार हो सकेगा। - ‘खेलो इण्डिया सेन्टर’ में 30 बिस्तर वाले
खेल छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। खेलो
इण्डिया सेन्टर, बिलासपुर को तत्काल प्रभाव से षुरु
किया जाएगा। - नषा मुक्ति केन्द्रों में स्वास्थ्य तथा पुलिस
विभाग की मदद से खेलों के प्रति जागरुकता षिविर
लगाए जाएंगे ताकि युवाओं को नषे की लत से दूर
रखा जा सके। - जनजातीय क्षेत्रों का समान
और संतुलित विकास तथा जनजातीय लोगों का
कल्याण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस
उद्देष्य को प्राप्त करने हेतु वित्तीय वर्श 2023-24 में
‘जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम 1⁄4टीएडीपी1⁄2’ के तहत
857 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके अलावा
‘जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम’ के अन्तर्गत केन्द्रीय
योजनाओं में 335 करोड़ रुपये का परिव्यय भी
प्रस्तावित है। - घनाहट्टी, षिमला में जनजातीय अनुसंधान
एवम् प्रषिक्षण संस्थान की स्थापना के कार्य में तेज़ी
लाई जाएगी। - अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार विभिन्न विभागों
में पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित 15 प्रतिषत् पदों को
प्राथमिकता पर भरेगी। - प्राथमिक कृशि सहकारी
सभाओं की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है। इन
सभाओं के कुषल विŸाीय प्रबन्धन के उद्देष्य से इनके
रिकॉर्ड का कम्प्यूटरीकरण किया जाएगा। पहले चरण में
870 सभाओं का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है।
युवा सेवाएं
एवम् खेल
जनजातीय
विकास
सैनिक
कल्याण
सहकारिता
48
2027 तक सभी सभाओं का कम्प्यूटरीकरण किया
जाएगा।
- प्रदेष के विभिन्न विभागों में कार्यरत पैरा वर्कर्ज़
कई विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में अहम भूमिका
निभा रहे हैं। इन सभी के मानदेय की वृद्धि के लिए
मैं निम्नलिखित घोशणा करता हूँः-
आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 500 रुपये की
बढ़ौतरी के साथ अब 9,500 रुपये
मासिक मानदेय मिलेगा।
मिनि आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मासिक
500 रुपये बढ़ौतरी के साथ अब
6,600 रुपये मिलेंगे।
आँगनवाड़ी सहायिका को प्रतिमाह
500 रुपये की बढ़ौतरी के साथ अब
5,200 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।
आषा वर्कर को 500 रुपये की बढ़ौतरी
के साथ 5,200 रुपये प्रतिमाह मानदेय
मिलेगा।
सिलाई अध्यापिकाओं के मानदेय में
500 रुपये बढ़ौतरी की जाएगी।
मिड डे मील वर्कर्ज़ को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 4,000 रुपये प्रतिमाह
मिलेंगे।
वाटर कैरियर 1⁄4षिक्षा विभाग1⁄2 को
500 रुपये बढ़ौतरी के साथ
4,400 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
जल रक्षक को 500 रुपये बढ़ौतरी के
साथ 5,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
जल षक्ति विभाग के डनसजप च्नतचवेम
ॅवतामते को 500 रुपये बढ़ौतरी के साथ
4,400 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
मानदेय
वृद्धि
49
पैरा फिटर तथा पम्प-ऑपरेटर को
500 रुपये बढ़ौतरी के साथ 6,000 रुपये
प्रतिमाह मिलेंगे।
दिहाड़ीदारों को 25 रुपये बढ़ौतरी के साथ
375 रुपये प्रतिदिन दिहाड़ी मिलेगी।
आउटसोर्स कर्मी को अब न्यूनतम 11,250
रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
पंचायत चौकीदार को 500 रुपये की बढ़ौतरी
के साथ 7,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
राजस्व चौकीदार को 500 रुपये बढ़ौतरी के
साथ 5,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
राजस्व लम्बरदार को 500 रुपये बढ़ौतरी के
साथ 3,700 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
ैडब् अध्यापकों के मानदेय में 500 रुपये
प्रतिमाह बढ़ौतरी की जाएगी।
प्ज् ज्मंबीमते को 2,000 रुपये प्रतिमाह
बढ़ौतरी की जाएगी।
ैच्व्े को 500 रुपये प्रतिमाह बढ़ौतरी की
जाएगी।
- प्रत्येक वर्श की भाँति हमारी नई सरकार ने
भी फरवरी माह में माननीय विधायकों के साथ बैठकों
का सफल आयोजन किया। इन बैठकों में सामने आए
सुझावों के आधार पर तथा विकट विŸाीय स्थिति के
दृश्टिगत् मैं निम्न घोशणाएं करता हूँः-
अधिकांष विधान सभा क्षेत्र ‘विधायक
प्राथमिकता योजनाओं’ के लिए निर्धारित
सीमा पार कर चुके हैं तथा कुछ विधान
सभा क्षेत्रों में बहुत कम कार्य हुए हैं। इस
विसंगति को दूर करने के उद्देष्य से,
माननीय विधायकों द्वारा दिए गए सुझावों के
विधायक
प्राथमिकताएं
50
आधार पर, विधायक प्राथमिकता योजनाओं
के लिए षीघ्र ही नए दिषा-निर्देष जारी
किए जाएंगे।
‘विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना’ के
अन्तर्गत 2022-23 की अन्तिम तिमाही
की राषि को विŸाीय संसाधनों की कमी के
चलते रोका गया था। परिस्थितियाँ अभी भी
विकट हैं तथा आने वाले समय में और
गंभीर होने वाली हैं। इसके बावजूद मैं इस
राषि को 2023-24 में 2 करोड़ रुपये से
बढ़ाकर 2 करोड़ 10 लाख रुपये प्रति
विधान सभा क्षेत्र करने की घोशणा करता
हूँ।
विधायक ऐच्छिक निधि को 12 लाख रुपये
से बढ़ाकर 13 लाख रुपये प्रति विधान
सभा क्षेत्र कर दिया जाएगा।
- हमारी सरकार इस वर्श 25 हज़ार विभिन्न
निदबजपवदंस पदों को भरेगीे। सरकार स्वास्थ्य विभाग में
विभिन्न श्रेणियों जिनमें विषेशज्ञ डॉक्टर, डॉक्टर, नर्सें,
रेडियोग्राफर, व्ज् सहायक, स्ंइ टैक्निषियन, फार्मासिस्ट,
डत्प् टैक्निषियन, म्ब्ळ टैक्निषियन तथा अन्य
टैक्निषियनों के पद आदि षामिल हैं, मैडिकल कॉलेजों
में समुचित फैकल्टी, तकनीकी षिक्षा विभाग में विभिन्न
श्रेणियों के अध्यापक एवम् इंस्टंक्टर, षिक्षा विभाग में
विभिन्न वर्गों के षिक्षकों की भर्ती, पुलिस आरक्षी भर्ती,
राजस्व विभाग के कर्मी, पषुपालन विभाग के डॉक्टर व
कर्मी, षहरी निकायों के लिए स्टाफ, पंचायत सचिव,
पंचायतों के लिए तकनीकी सहायक और ग्राम रोज़गार
सहायक, जल षक्ति विभाग में पैरा फिटर, पम्प
ऑपरेटर तथा डनसजप ज्ंेा च्ंतज ज्पउम ॅवतामतेए बिजली
बोर्ड के तकनीकी पद जैसे लाईनमैन, जूनियर ज्.डंजम
इत्यादि, विभिन्न विभागों में लिपिक, श्रव्। ;प्ज्द्ध, आदि
षामिल हैं, को भरेगी।
भर्तियां
51
- आऊटसोर्स कर्मियों को मिलने वाले लाभों को
समय पर प्रदान करने के लिए सभी आवष्यक कदम
उठाए जाएंगे। यह सुनिष्चित किया जाएगा कि इन
कर्मियों का किसी प्रकार से षोशण न हो। इस
सम्बन्ध में आवष्यक दिषा-निर्देष जारी किए जाएंगे। - , अब, मैं 2022-23 के
संषोधित अनुमानों पर आता हूँ। वर्श 2022-23 के
संषोधित अनुमानों के अनुसार कुल राजस्व प्राप्तियाँ
38 हज़ार 945 करोड़ रुपये हैं। 2022-23 के
संषोधित अनुमानों के अनुसार कुल राजस्व व्यय
45 हज़ार 115 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
2022-23 के संषोधित अनुमानों के अनुसार
6 हज़ार 170 करोड़ रुपये का राजस्व कमपिबपज
अनुमानित हैं। - अध्यक्ष महोदय, मैं वर्श 2023-24 के लिए
53 हज़ार 413 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत कर
रहा हूँ। - वर्श 2023-24 में राजस्व प्राप्तियाँ 37 हज़ार
999 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है तथा कुल
राजस्व व्यय 42 हज़ार 704 करोड़ रुपये अनुमानित
है। इस प्रकार कुल राजस्व घाटा 4 हज़ार 704 करोड़
रुपये अनुमानित है। राजकोशीय घाटा 9 हज़ार 900
करोड़ रुपये अनुमानित है जो कि प्रदेष के सकल
घरेलू उत्पाद का 4.61 प्रतिषत् है। - मुझे विष्वास है कि प्रभावी कर अनुपालन,
भारत सरकार के सहयोग तथा बेहतर वित्तीय प्रबन्धन
से संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। - 2023-24 के बजट अनुसार प्रति
100 रुपये व्यय में से, वेतन पर 26 रुपये, पैंषन
पर 16 रुपये, ब्याज अदायगी पर 10 रुपये, ऋण
अदायगी पर 10 रुपये, स्वायत्त संस्थानों के लिए ग्रांट
पर 9 रुपये, जबकि षेश 29 रुपये पूँजीगत कार्यों
बजट
अनुमान
52
सहित अन्य गतिविधियों पर व्यय किए जाएंगे। अगले
वर्श के बजट का पूर्ण विवरण इस मान्य सदन में
प्रस्तुत किए जा रहे विस्तृत बजट दस्तावेज़ों में उपलब्ध
है। इसके अलावा थ्त्ठड ैजंजमउमदज भी बजट के साथ
प्रस्तुत की जा रही है।
- इस बजट अभिभाशण के
मुख्य बिन्दु अनुबन्ध मंे दर्षाए गए हैं। - मेरा पहला बजट व्यवस्था
परिवर्तन की दिषा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस
बजट में हसवइंस ूंतउपदह और बसपउंजम बींदहम जैसे
दुश्प्रभावों से बचाव के साथ-साथ प्रदेष को ळतममद
ैजंजम के रूप में विकसित करने के लिए एक नई
दिषा सुझाई गई है। इसमें पर्यटन, परिवहन, सड़के ं
तथा पुल और ऊर्जा के क्षेत्र में पदतिंेजतनबजनतम के
विकास तथा कपहपजप्रंजपवद के माध्यम से स्वास्थ्य, षिक्षा
तथा सरकारी सेवाओं के सुधार पर बल दिया गया है।
इस निवेष के माध्यम से प्रदेष के युवाओं के लिए
अतिरिक्त रोज़गार अवसर उपलब्ध होंगे और विभिन्न
सेवाओं की गुणवŸाा बढ़ेगी। हिमाचल प्रदेष की विकास
प्रक्रिया को समावेषी बनाने के उद्देष्य से सामाजिक
सुरक्षा नैट के विस्तार के लिए इस बजट में
सुख-आश्रय सहित कई और प्रस्ताव रखे गए हैं।
कृशि, बागवानी, पषुपालन तथा मत्स्य क्षेत्रों में की
गईं पहलें किसानों व बागवानों की आय में वृद्धि के
साथ-साथ इन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव लाएंगी।
विकास नीति में यह बदलाव प्रदेष की आर्थिकी में
मजबूती लाएगा और प्रदेषवासियों के भविश्य को
हरित, समृद्ध और स्वस्थ बनाएगा।
इसी के साथ मैं यह बजट
माननीय सदन के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करता हूँ।
जय हिन्द-जय हिमाचल
53
बजट सांराष
बजट के मुख्य बिन्दु
- 53 हज़ार 413 करोड़ रुपये का बजट आकार
प्रस्तावित। - 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल प्रदेष का ळतममद
म्दमतहल ैजंजम के रूप में विकास - पर्यटन विकास को प्राथमिकता
- ॅवतसक ब्संेे ज्मबीदवसवहल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं
का विस्तार - षिक्षा में गुणवत्ता व सुधार के लिए नई पहल
- सामाजिक सुरक्षा दायरे का विस्तार
- कृशि, बागवानी, पषुपालन एवम् मत्स्य क्षेत्र में नए
अवसर - आधारभूत संरचना एवम् निजी निवेष को प्रोत्साहन
- डिजिटाईज़ेषन
- पैरा वर्करज़, मनरेगा कामगार, छोटे दुकानदार तथा
अन्य वर्गों का कल्याण - अतिरिक्त संसाधन जुटाने के प्रस्ताव।
- ळतममद म्दमतहल का विस्तार
हिमाचल प्रदेष का 31 मार्च, 2026 तक ळतममद
म्दमतहल ैजंजम के रूप में विकास।
वर्श 2023-24 में 500 मेगावाट सौर ऊर्जा
परियोजनायें स्थापित करने का लक्ष्य।
प्रदेष के युवाओं को उनकी अपनी अथवा लीज़ पर ली
गई भूमि पर 250 किलोवाट से 2 मैगावाट तक की
54
सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 40
प्रतिषत् अनुदान।
हिमाचल प्रदेष को ष्डवकमस ैजंजम वित म्समबजतपब टमीपबसमेष् के
रूप में विकसित किया जाएगा। निजी व सरकारी क्षेत्र
के सहयोग से चरणबद्ध तरीके से म्समबजतपब वाहनों को
प्रोत्साहन दिया जाएगा।
प्रथम चरण में 6 राश्टंीय एवम् राज्य उच्च मार्गों का
मसमबजतपब वाहनों के माध्यम से ळतममद ब्वततपकवत के रूप
में विकास।
च्तपअंजम ठने व्चमतंजवते को म.इने, तथा च्तपअंजम ज्तनबा
व्चमतंजवते को म.जतनबा खरीद के लिए 50 प्रतिषत की
दर से अधिकतम 50 लाख रुपये तक का उपदान।
च्तपअंजम व्चमतंजवते को ब्ींतहपदह ैजंजपवद स्थापित करने के
लिए 50 प्रतिषत का उपदान।
हिमाचल पथ परिवहन निगम की 1,500 डीज़ल बसों
को ई-बसों से चरणबद्ध ढंग से बदलने के लिए
1,000 करोड़ रुपये का व्यय।
20 हज़ार मेधावी छात्राओं को म्समबजतपब ैबववजल पर 25
हज़ार रुपये तक का उपदान।
हिमाचल प्रदेष को अग्रणी ळतममद भ्लकतवहमद अर्थव्यवस्था
बनाने के लिए ळतममद भ्लकतवहमद नीति बनाई जाएगी।
हाईडंो पावर में 1,000 मैगावाट के प्रोजैक्टों का कार्य
पूरा।
प्रत्येक जिले की दो पंचायतों को पायलट आधार पर
ळतममद पंचायतों में विकसित किया जाएगा।
विष्व बैंक की सहायता से 2,000 करोड़ रुपये की
लागत से ”हिमाचल प्रदेष पावर सैक्टर डवैलपमेंट
प्रोग्राम“ आरम्भ किया जाएगा।
55
भ्च्ज्ब्स् द्वारा 464 करोड़ रुपये की लागत से 6 म्भ्ट
सब-स्टेषनों, 5 टंांसमिषन लाईनों व एक ‘संयुक्त
नियंत्रण केन्द्र’ के निर्माण कार्य को पूर्ण किया जाएगा।
ऊर्जा के क्रय-विक्रय के दक्ष प्रबन्धन हेतु ष्ब्मदजतंसप्रमक
ब्मससष् स्थापित किया जाएगा।
- पर्यटन विकास
मंडी एवम् काँगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए
भू-अधिग्रहण प्रक्रिया आरम्भ की जाएगी।
जिला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जाएगा।
संजौली और बद्दी से हैलीटेक्सी का संचालन षीघ्र षुरू
किया जाएगा।
काँगड़ा जिला को हिमाचल प्रदेष के ष्ज्वनतपेउ ब्ंचपजंसष् के
रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें षामिल होंगेः-
प्दजमतदंजपवदंस ेजंदकंतक के गोल्फ़ कोर्स का
निर्माण।
स्थानीय कला एवम् संस्कृति को प्रोत्साहित करने
के लिए ‘पर्यटक ग्राम’ की स्थापना।
वरिश्ठ नागरिकों के लिए व्सक ।हम भ्वउम विकसित
किए जाएंगे।
आइस स्केटिंग एवम् रोलर स्केटिंग रिंक का
निर्माण।
पौंग डैम में वॉटर स्पोर्टस, षिकारा, क्रूज़, यॉट
इत्यादि की व्यवस्था।
बनखण्डी में 300 करोड़ रुपये की लागत से
चिड़ियाघर का निर्माण।
।क्ठ के माध्यम से 1,311 करोड़ रुपये की लागत से
पर्यटन विकास योजना के अन्तर्गत काँगड़ा, हमीरपुर,
कुल्लू, षिमला, मंडी सहित अन्य जिलों में भ्मतपजंहम
56
ैपजमे के सौन्दर्यकरण, मबव जवनतपेउ एवम् पर्यटन
सुविधाओं के लिए कार्ययोजना।
प्रदेष के युवाओं को पर्यटन एवम् आतिथ्य क्षेत्र में
कौषल विकास के लिए वाकनाघाट में 68 करोड़ रुपये
से ”उत्कृश्ट केन्द्र“ के निर्माण कार्य को पूरा किया
जाएगा।
- स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण एवम् विस्तार
सभी मैडिकल कॉलेजों में चरणबद्ध तरीके से त्वइवजपब
ैनतहमतल की सुविधा।
100 करोड़ रुपये की लागत से मैडिकल कॉलेज
हमीरपुर, नाहन व चम्बा के भवनों के कार्य पूरा करके
उनका लोकार्पण किया जाएगा तथा इनमें नर्सिंग कॉलेज
आरम्भ किए जाएंगे।
प्रदेष के सभी मैडिकल कॉलेजों में बंेनंसजल विभाग को
नचहतंकम करके म्उमतहमदबल डमकपबपदम क्मचंतजउमदज स्थापित
किया जाएगा।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक स्वास्थ्य संस्थान को
”आदर्ष स्वास्थ्य संस्थान“ के रूप में विकसित किया
जाएगा।
मैडिकल कॉलेज हमीरपुर में 50 करोड़ रुपये की
लागत से कैंसर केयर के लिए एक ष्ब्मदजतम व
िम्गबमससमदबमष् व छनबसमंत डमकपबपदम क्मचंतजउमदज की
स्थापना।
सभी मैडिकल कॉलेजों में च्म्ज् ैबंद सुविधा।
स्वास्थ्य संस्थानों के लिए उचित मूल्य पर अच्छी
फनंसपजल की दवाईयां, मषीनरी व उपकरण की खरीद व
आपूर्ति के लिए श्भ्पउंबींस च्तंकमेी डमकपबंस ैमतअपबमे
ब्वतचवतंजपवदश् की स्थापना।
57
टाईप-1 षुगर से पीड़ित गर्भवती महिलाओं व बच्चों को
संक्रमण से बचाने के लिए इन्सुलिन पम्प उपलब्ध
करवायें जाएंगे।
- षिक्षा में सुधार एवम् आवष्यक अधोसंरचना का
विस्तार
फनंसपजंजपअम षिक्षा सुधार हेतु कार्ययोजना बनाई जाएगी।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ”राजीव गांधी गर्वनमेंट
मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल“ खेल सुविधाओं, स्वीमिंग पूल
इत्यादि सहित खोले जाएंगे।
प्रदेष के युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
हेतु आवष्यक पुस्तकों सहित पुस्तकालयों का निर्माण व
नेषनल डिजिटल लाईब्रेरी की ंबबमेे प्रदान की जाएगी।
महाविद्यालयों में वर्श में दो बार रोज़गार मेलों तथा
ैचमबपंस च्संबमउमदज क्तपअम का आयोजन।
षिक्षा में गुणवत्ता सुधारने तथा प्दवितउंजपवद ंदक
ब्वउउनदपबंजपवद ज्मबीदवसवहल उपयोग करने के लिए
प्रत्येक सीनियर सैकेण्डरी स्कूल में लाईब्रेरी की स्थापना,
10 हज़ार मेधावी छात्रों को ज्ंइसमजेए 762 स्कूलों में
ष्प्ब्ज् योजना’ के अन्तर्गत क्पहपजंस भ्ंतकूंतम तथा
ैवजिूंतमए 17 हज़ार 510 प्राईमरी रेगुलर अध्यापकों के
लिए ज्ंइसमजे तथा 40 हज़ार बच्चों के लिए डैस्क की
व्यवस्था।
स्पोटर्स होस्टल में रह रहे खिलाड़ियों की डाईट मनी को
बढ़ाकर 240 रुपये प्रतिदिन किया जाएगा।
तकनीकी षिक्षा संस्थानों में टंसनम ।ककमक ब्वनतेम जैसे
त्वइवजपबेए ठसवबा.बींपद ज्मबीदवसवहलए ब्लइमत ैमबनतपजलए ब्सवनक
ब्वउचनजपदहए क्ंजं ।दंसलजपबेए ।तजपपिबपंस प्दजमससपहमदबम और
डंबीपदम स्मंतदपदहए म्समबजतपब टमीपबसमे डमबींदपबए
डंपदजमदंदबम डमबींदपबए ैवसंत ज्मबीदपबपंदए क्तवदम
58
ज्मबीदपबपंदए डमबींजतवदपबे तथा प्दजमतदमज व िज्ीपदहे
ज्मबीदपबपंद आदि के कोर्स।
प्रदेष के 11 राजकीय प्ज्प्े में डंोन सर्विस टैक्निषियन
कोर्स चरणबद्ध तरीके से षुरू किए जाएंगे।
विष्व बैंक की ैज्त्प्टम् परियोजना में 12 प्ज्प्ेए में
सुविधाओं और प्दतिंेजतनबजनतम को उन्नत किया जाएगा।
4 इंजीनियरिंग कॉलेजों और 8 पॉलीटेक्निकों में
‘‘डम्त्प्ज्म् योजना’’ को आगामी पाँच वर्शों में लागू
किया जाएगा।
कौषल विकास निगम द्वारा डंोन, ष्म्समबजतपब टमीपबसमेष्
एवम् सौर ऊर्जा क्षेत्रों में 500-500 युवाओं को
प्रषिक्षण।
- सामाजिक सुरक्षा दायरे का विस्तार
गारंटी को कार्यान्वित करने के लिए 2.31 लाख
महिलाओं को 416 करोड़ रुपये प्रतिवर्श के व्यय से
1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से मासिक पैंषन दी
जाएगी।
अनाथ, अर्ध-अनाथ और विषेश रूप से विकलांग बच्चों,
निराश्रित महिलाओं और बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए ”मुख्य
मन्त्री सुख-आश्रय योजना“। इस योजना के अन्तर्गत
लाभान्वित होने वाले 27 वर्श की आयु तक के अनाथ
बच्चे/व्यक्ति ष्ब्ीपसकतमद व िैजंजमष् कहलाएंगे तथा इनके
लिए ”सरकार ही माता – सरकार ही पिता“ का
दायित्व निभाएगी।
इस योजना के लिए 101 करोड़ रुपये की राषि से
मुख्य मन्त्री सुख-आश्रय कोश, बच्चों, निराश्रित
महिलाओं व बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए आश्रय गृहों को
अत्याधुनिक सुविधाओं सहित अपग्रेड किया जाना,
सुन्दरनगर एवम् ज्चालामुखी में ”आदर्ष ग्राम
सुख-आश्रय परिसर“ का निर्माण, सरकारी गृहों में
59
बेहतर सुविधाएं तथा गुणवत्ता षिक्षा, कैरियर परामर्ष
आदि सुविधाएं। अनाथ बच्चों को वर्श में एक बार राज्य
के बाहर षैक्षणिक दौरों पर भी ले जाया जाएगा तथा
उनको हवाई यात्रा तथा 3 स्टार होटल में रहने की
सुविधा भी।
18 से 27 वर्श की आयु वर्ग के अनाथ व्यक्तियों को
षिक्षा, छात्रावास, व्यवसायिक प्रषिक्षण व कौषल विकास
का व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन।
युवाओं को प्रदेष, देष व अन्तर्राश्टंीय स्तर पर रोज़गार
अवसर प्रदान करने के लिए ”मुख्य मन्त्री रोज़गार
संकल्प सेवा“ योजना।
विधवाओं एवम् दिव्यांगजनों को पैंषन पाने के लिए
आय सीमा समाप्त।
दिव्यांगजन ”राहत भत्ता योजना“ के तहत 9,000 नए
लाभार्थियों को लाभ।
सामाजिक सुरक्षा पैंषन के अन्तर्गत 40 हज़ार नए
पैंषन मामले।
7,000 विधवाओं और एकल नारियों को घर बनाने के
लिए एक नई योजना ”मुख्य मन्त्री विधवा एवम् एकल
नारी आवास योजना“।
गरीब बच्चों को उच्च षिक्षा के लिए ”मुख्य मन्त्री
विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’’ के अन्तर्गत ऋण के ब्याज
पर उपदान।
20 हज़ार मेधावी छात्राओं को म्समबजतपब ैबववजल पर 25
हज़ार रुपये तक का उपदान।
”मुख्य मन्त्री सुरक्षित बचपन अभियान“ आरम्भ।
”नषा एवम् मादक पदार्थ मुक्त हिमाचल अभियान“ का
आरम्भ।
मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने व अपराधियों को
पकड़ने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे तथा नषे की
60
तस्करी से अर्जित अवैध सम्पति को जब्त किया
जाएगा।
- किसानों, बागवानों, पषुपालकों एवम् मत्स्य क्षेत्र में
नए अवसर
ब्सनेजमत ।चचतवंबी के आधार पर कृशि के समग्र विकास
के लिए, एकीकृत ”हिम उन्नति“ योजना।
”मुख्य मन्त्री खेत संरक्षण योजना“ के अन्तर्गत
जालीदार बाड़ पर उपदान।
ष्ैनइ.डपेेपवद वद ।हतपबनसजनतम डमबींदप्रंजपवदष् के अन्तर्गत
किसानों को टैंक्टर पर 50 प्रतिषत उपदान।
कृशि, पषुपालन, बागवानी तथा मत्स्य क्षेत्र में ैजंतज.नचे
को प्रोत्साहित करने के लिए 2 प्रतिषत की दर से
ऋण।
दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ”हिम-गंगा“।
मिल्क प्रौसेसिंग प्लांट स्थापित तथा स्तरोन्नत किए
जाएंगे।
44 मोबाईल वैनज़ के माध्यम से पषु चिकित्सा सेवा।
1,292 करोड़ रुपये से ”हिमाचल प्रदेष षिवा
परियोजना“ के अन्तर्गत प्रदेष के 7 जिलों में बागवानी
का विकास।
थ्च्व्े के सहयोग से ग्रेडिंग/पैकिंग हाऊस, व कोल्ड स्टोर
स्थापित किए जाएंगे।
थ्पेी थ्ंतउपदह के लिए नई तकनीकों पर आधारित
कार्ययोजना। 120 नई टंाउट इकाईयों सहित निजी क्षेत्र
में 20 हैक्टेयर नए मछली तालाबों का निर्माण।
मछुआरों को 1,000 फेंकवा जाल ;ब्ंेज छमजद्ध उपदान
पर।
मछली तालाबों के निर्माण हेतु 80 प्रतिषत उपदान।
61
मछली पालन से जुडे़ किसानों को प्रषिक्षण हेतु ब्ंतच
थ्ंतउ ळंहतमज में प्रषिक्षण केन्द्र की स्थापना।
- आधारभूत संरचना एवम् निजी निवेष को प्रोत्साहन
”राजीव गांधी स्वरोज़गार योजना“ के अन्तर्गत
स्वरोज़गार हेतु क्मदजंस ब्सपदपबे में मषीनरी एवम् औजार,
मत्स्य इकाईयों, ई-टैक्सी तथा 1 मैगावाट तक के
सोलर पावर प्रोजेक्टस सम्मिलित। ई-टैक्सी पर मिलने
वाला उपदान सभी वर्गों के लिए 50 प्रतिषत होगा।
”नई ओद्यौगिक नीति“ तथा निवेषकों की सुविधा के
लिए श्ठनतमंन व िप्दअमेजउमदज च्तवउवजपवदश् की स्थापना।
2023-24 में 20 हज़ार करोड़ रुपये के निजी निवेष
के साथ 90,000 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोज़गार के
अवसर।
‘एक जिला एक उत्पाद’ को प्रोत्साहित करने के उद्देष्य
से श्न्दपजल डंससश् का निर्माण।
प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के
लिए 50 ‘हिम-ईरा’ दुकानें स्थापित की जाएंगी।
15 अगस्त, 2023 तक षेश बचे 1,040 ‘अमृत
सरोवरों’ का निर्माण पूरा किया जाएगा।
500 चिन्हित बस रूटों पर युवाओं को ई-वाहन चलाने
के लिए परमिट।
12 बस अड्डांे का निर्माण।
हमीरपुर में 10 करोड़ रुपये की लागत से ठने च्वतजण्
षहरी क्षेत्र में पार्किंग की समस्या से निजात दिलवाने
के लिए बड़े पार्किंग स्थलों का च्च्च् डवकम में निर्माण।
षिमला में पायलट आधार पर डनसजप न्जपसपजल क्नबज का
निर्माण तथा विभिन्न यूटिलिटी लाईनों को बिछाने के
लिए नीति।
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”प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना ;च्डळैल्द्ध प् व प्प्श् के
अन्तर्गत 150 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण, 650
किलोमीटर सड़कों का उन्नयन, 200 किलोमीटर सड़कों
पर क्रॉस डंेनेज कार्य व 9 पुलों का निर्माण।
च्डळैल्.प्प्प् के अन्तर्गत 422 करोड़ रुपये की लागत से
440 किलोमीटर लम्बी 45 सड़कें स्वीकृत।
178 किलोमीटर लम्बाई के 5 राश्टंीय उच्च मार्गों को
2 लेन से 4 लेन स्तरोन्नत करने के लिए 4 हज़ार
700 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को प्रेशित।
नाबार्ड ;त्प्क्थ्द्ध के अन्तर्गत 250 किलोमीटर नई सड़कों,
350 किलोमीटर क्रॉस डंेनेज, 425 किलोमीटर पक्की
सड़कों व 27 पुलों का निर्माण।
ब्त्प्थ् के अन्तर्गत 500 करोड़ रुपये की 5 सड़कें/ पुल
परियोजनाएं भारत सरकार को वित्त पोशण हेतु प्रेशित।
”मुख्य मन्त्री सड़क एवम् रख-रखाव योजना“ का
आरम्भ।
पेयजल एवम् सिंचाई परियोजनाओं के प्राक्कलन में
ेवनतबम ेनेजंपदंइपसपजल के लिए कुल परियोजना लागत का
10 प्रतिषत् प्रावधान।
प्रदेष के 5 षहरों मनाली, बिलासपुर, पालमपुर, नाहन
व करसोग में सीवरेज स्कीमों का निर्माण।
पेजयल, सिंचाई तथा सीवरेज स्कीमों के रख-रखाव
एवम् परिचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 5 हज़ार
पद भरे जाएंगे।
जाठिया देवी, षिमला में नए षहर का विकास।
- डिजिटाईजेषन एवम् गर्वनेंस
प्रदेष सचिवालय, सभी निदेषालयों तथा उपायुक्त
कार्यालयों में ई-ऑफिस की व्यवस्था।
63
‘मुख्यमन्त्री सेवा संकल्प हेल्पलाईन’ के लिए ॅींजेंचच
व स्वचालित ब्ींज ठवज का उपयोग।
आवारा पषुओं की सूचना के लिए एक नई मोबाईल
ऐप का ‘मुख्यमन्त्री सेवा संकल्प हेल्पलाईन’ के साथ
एकीकरण।
लाभार्थियों को विभिन्न लाभ बिना किसी देरी के सीधे
पहँुचाने के लिए क्ठज् च्वतजंस ।
डंोन व डंोन प्रौद्योगिकी उद्योग के लिए एक व्यापक
नीति व डंोन-सक्षम षासन।
श्ैजंजम क्ंजं ब्मदजतमश् का विस्तार।
परिवारों से सम्बन्धित आवष्यक सूचना के साथ ”हिम
परिवार“ की स्थापना। इससे विभिन्न सरकारी योजनाओं
का लाभ लेने में सुविधा होगी।
प्रदेष में 4ळ तथा 5ळ सेवाओं का विस्तार।
लोकमित्र केन्द्रों की संख्या बढ़कर 6,000 होगी।
प्राथमिक कृशि सहकारी सभाओं का कम्प्यूटरीकरण।
- पैरा वर्करज़, मनरेगा कामगार, छोटे दुकानदार तथा
अन्य वर्गों का कल्याण
बढ़े हुए मानदेय के साथ आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को
अब 9,500 रुपये मासिक, मिनि आँगनवाड़ी
कार्यकर्ताओं को 6,600 रुपये, आँगनवाड़ी सहायिका
को 5,200 रुपये, आषा वर्कर को 5,200 रुपये,
मिड डे मील वर्कर्ज़ को 4,000 रुपये, वाटर कैरियर
1⁄4षिक्षा विभाग1⁄2 को 4,400 रुपये, जल रक्षक को
5,000 रुपये, जल षक्ति विभाग के डनसजप च्नतचवेम
ॅवतामते को 4,400 रुपये, पैरा फिटर तथा
पम्प-ऑपरेटर को 6,000 रुपये, दिहाड़ीदारों को 25
रुपये बढ़ौतरी के साथ 375 रुपये प्रतिदिन दिहाड़ी,
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आउटसोर्स कर्मी को अब न्यूनतम 11,250 रुपये,
पंचायत चौकीदार को 7,000 रुपये, राजस्व चौकीदार
को 5,500 रुपये, राजस्व लम्बरदार को 3,700 रुपये
प्रतिमाह मिलेंगे। इसके साथ सिलाई अध्यापिकाओं के
मानदेय में 500 रुपये, ैडब् अध्यापकों के मानदेय में
500 रुपये, प्ज् ज्मंबीमते को 2,000 रुपये, ैच्व्े को
500 रुपये प्रतिमाह बढ़ौतरी दी जाएगी।
पंचायती राज संस्थाओं में जिला परिशद के अध्यक्षों
एवम् उपाध्यक्षों के मानदेय में 5,000 रुपये, सदस्य
जिला परिशद, अध्यक्ष, पंचायत समिति, उपाध्यक्ष पंचायत
समिति, सदस्य, पंचायत समिति, प्रधान व उप प्रधान
ग्राम पंचायत के मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह की
वृद्धि के साथ सदस्य ग्राम पंचायत को प्रति बैठक
मिलने वाले मानदेय में 200 रुपये की वृद्धि।
स्थानीय नगर निकायों में महापौर एवम् उप-महापौर
नगर निगम के मानदेय मंे 5,000 रुपये, काऊंसलर
नगर निगम, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवम् पार्शद नगर परिशद
तथा प्रधान, उप-प्रधान एवम् सदस्य नगर पंचायत के
मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि।
मनरेगा दिहाड़ी में 28 रुपये की बढ़ौतरी की जाएगी।
इससे लगभग 9 लाख मनरेगा मजदूरों को लाभ
मिलेगा। बढ़ी हुई दिहाड़ी पर 100 करोड़ रुपये राज्य
सरकार वहन करेगी।
”मुख्य मन्त्री लघु दुकानदार कल्याण योजना“ के
अन्तर्गत छोटे दुकानदारों जैसे दर्जी, नाई, चाय वाले,
रेड़ी-फड़ी वाले इत्यादि को 50 हज़ार रुपये तक के
ऋण पर लगने वाले ब्याज का 50 प्रतिषत उपदान
दिया जाएगा।
- अन्य
‘विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना’ की राषि अब प्रति
विधान सभा क्षेत्र 2 करोड़ 10 लाख रुपये होगी।
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‘विधायक ऐच्छिक निधि’ को बढ़ाकर 13 लाख रुपये
किया गया।
‘विधायक प्राथमिकता योजनाओं’ के लिए माननीय
विधायकों द्वारा प्राप्त सुझावों के आधार पर नए
दिषा-निर्देष जारी किए जाएंगे।
सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध खनन् पर अंकुष लगाने के
लिए ष्थ्सलपदह ैुनंकष् का गठन।
भ्त्ज्ब् द्वारा बसों, चार्जिंग स्टेषन व अन्य सुविधाओं की
जानकारी के लिए ळप्ै इंेमक ”व्हीकल लोकेषन ऐप“।
राजस्व विभाग में व्दसपदम त्महपेजतंजपवद के कार्य को पूरे
प्रदेष में किया जाएगा।
‘स्वामित्व योजना’ को षेश बचे जिलों में मार्च, 2024
तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
”हिमाचल प्रदेष भू-जोत अधिकतम सीमा अधिनियम,
1972“ में संषोधन कर बेटियों को अलग इकाई
बनाया जाएगा।
लाहौल-स्पिति व किन्नौर जिलों में मौसम की जानकारी
के लिए डॉपलर राडार स्थापित किए जाएंगे।
‘आपदा मित्र योजना’ के अन्तर्गत बाढ़, भूस्खलन व
भूकम्प की आषंका वाले जिलों में 1,500 सामुदायिक
स्वयं सेवकों को प्रषिक्षित किया जाएगा।
थ्वतमेज ब्समंतंदबम बंेमे के षीघ्र निपटान के लिए जिला
स्तरीय समीतियों का गठन।
श्डनाीलं डंदजतप ळतममद ब्वअमत डपेेपवदश् के अन्तर्गत
जलवायु अनुकूल हरित आवरण।
आम जनता की सुविधा व प्रक्रिया में सरलीकरण के
उद्देष्य से हिमाचल प्रदेष भू-कोड व भू-अभिलेख
मैनुअल का संषोधन।
66
षहरी क्षेत्रों में पुलिस कर्मियों को आवासीय सुविधा।
अपराधों तथा खनन गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखने
के लिए पुलिस विभाग द्वारा डंोनज़ का प्रयोग।
प्रदेष की संस्कृति एवम् कला के प्रचार व प्रसार के
लिए राज्यों के प्रमुख षहरों में ”हिमाचल उत्सव“ का
आयोजन।
25,000 सरकारी पदों पर भर्ती।
- अतिरिक्त संसाधन
ळैज् मुआवजे़ के घाटे को कम करने के लिए श्ळैज्
त्मअमदनम म्दींदबमउमदज च्तवरमबजश् ।
‘सद्भावना योजना 2023’ के अन्तर्गत व्यापारियों,
निर्माताओं, थोक व खुदरा विक्रेताओं के विभिन्न
अधिनियमों के तहत लम्बित मामलों को निपटाया
जाएगा।
आबकारी नीति को पारदर्षी बनाने के लिए बदलाव।
षराब पर प्रति बोतल 10 रुपये ”दूध सेस“। जिसका
प्रयोग दूध उत्पादकों की आय में वृद्धि के लिए किया
जाएगा।
बिजली बनाने के लिए लगने वाले पानी पर ‘वॉटर
सैस’।
’’’’’’
कांग्रेस के मुख्य मन्त्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खु ने किया अपना पहला बजट ।
शिमला 17 मार्च
हिम नयन न्यूज ब्यूरो नयना वर्मा
हमाचल का वार्षिक बजट विधान सभा में पारित किया गया जि से के मुख्य अन्श इस प्रकार से है । मुख्य मन्त्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का यह पहला बजट है ।
- सर्वप्रथम मैं हिमाचल प्रदेष की जनता को
हाल ही में सम्पन्न विधान सभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी
को निर्णायक बहुमत से जीत दिलाने के लिए दिल की
गहराईयों से धन्यवाद करता हूँ। हिमाचल प्रदेष के
मुख्य मन्त्री के रूप में यह मेरा पहला बजट है। मुझे
इस पद पर पहुँचाने के लिए, मैं हिमाचल प्रदेष की
जनता तथा कांग्रेस पार्टी के साथियों का हृदय से
आभार व्यक्त करता हूँ। मैं नादौन विधान सभा की
जनता का भी धन्यवाद करता हूँ। - कांग्रेस सरकार ने 11 दिसम्बर, 2022 को
सŸाा की बागडोर सम्भाली तो विरासत में नाज़ुक
विŸाीय स्थिति मिली। इस स्थिति से उभरने और
विŸाीय स्थिति को पटरी पर लाने के लिए मेरी सभी
माननीय सदस्यों से सहयोग की प्रार्थना रहेगी। इसके
लिए प्रदेष के माननीय संसद सदस्यों से भी सहायता
का निवेदन करता हूँ। मेरा प्रदेष के अधिकारी और
कर्मचारी वर्ग से भी अनुरोध है कि वे प्रदेष के
आर्थिक विकास में पूरा सहयोग दें। हमारी सरकार
का विष्वास है कि यह बजट केवल औपचारिक
दस्तावेज़ न होकर प्रदेष के विकास को नई सोच के
साथ नई दिषा देने वाला एक नीतिगत् दस्तावेज़ सिद्ध
होगा। - अध्यक्ष महोदय, कांग्रेस सरकार को
अप्रत्याषित कर्जे का बोझ और कर्मचारियों और
पैंषनर्ज़ के एरियर एवम् मँहगाई भŸो की 10 हज़ार
करोड़ रुपये की देनदारी विरासत में मिली है। पिछली
2
सरकार की नीतियों के कारण आज प्रत्येक
हिमाचलवासी पर 92 हज़ार 833 रुपये का कर्ज हो
गया है। जून, 2022 के बाद ळैज् मुआवज़ा बन्द होने
से राज्य के बजट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है जो
आगामी कुछ वर्शों तक रहेगा। केन्द्र सरकार से मिलने
वाला राजस्व घाटा अनुदान 2022-23 में 9 हज़ार 3
सौ 77 करोड़ रुपये से घटता-घटता 2025-26 में
मात्र 3 हज़ार 2 सौ 57 करोड़ रुपये रह जाएगा।
इन सभी चुनौतियों के बावजूद प्रदेष के विकास की
गति में कमी नहीं आने दी जाएगी।
- मैं हिमाचल प्रदेष के लोगों को आष्वस्त
करना चाहता हूँ कि हमारी सरकार पूर्ण निश्ठा के साथ
कार्य करेगी। वर्तमान कांग्रेस सरकार की विकास
नीतियों को लागू करने के लिए ”कांग्रेस प्रतिज्ञा पत्र“
का च्वसपबल क्वबनउमदज के रूप में अनुसरण किया
जाएगा। प्रदेष की जनता ने कांग्रेस प्रतिज्ञा पत्र,
2022 में निहित गारंटियों में पूर्ण विष्वास व्यक्त
किया है, जिनको लागू करने के लिए हम कृतसंकल्प
हैं। - हम जनता की अपेक्षाओं पर सही उतरेंगे और
उनसे किए गए वायदों को पूरा करेंगे। हिमाचल प्रदेष
के चुनाव नतीजे प्रदेष और देष के राजनीतिक
परिदृष्य में एक नई षुरुआत का संकेत हैं। हिमाचल
की जनता ने कांग्रेस की धर्म-निरपेक्ष, सहभागी और
लोकतान्त्रिक नीतियों के पक्ष में अपना मत दिया है।
हम प्रदेष के तीव्र विकास तथा उसका लाभ सभी
क्षेत्रों तथा सभी वर्गों को एक समान पहुँचाने के लिए
प्रतिबद्ध हैं। - हिमाचल प्रदेष वर्श 1948 में अस्तित्व में
आया था और वर्श 1971 में हमें पूर्ण राज्य का दर्जा
मिला। हिमाचल प्रदेष को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने
में भारत की तत्कालीन प्रधानमन्त्री श्रीमति इन्दिरा
गांधी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
3
हिमाचल प्रदेष के प्रथम मुख्य मन्त्री डॉ0 यषवन्त
सिंह परमार के समय से हिमाचल विकास के पथ पर
अग्रसर है। वर्तमान परिस्थितियों तथा भविश्य की
चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक नई व्यवस्था
स्थापित की जाएगी। हमारी सरकार सŸाा-सुख के लिए
नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए काम कर रही
है।
- षिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर षपथ
ग्रहण करने के तुरन्त बाद सचिवालय जाने की परम्परा
को तोड़ते हुए मैंने टूटीकण्डी स्थित बालिका आश्रम में
जाकर वहाँ रह रहे बच्चों के साथ विषेश भेंट की।
उनसे बातचीत के दौरान मुझे बहुत कुछ सीखने को
मिला तथा उनकी समस्याओं को जान पाया। मैनें
उनके उत्थान के लिए ”मुख्य मन्त्री सुख-आश्रय
योजना’’ का षुभारम्भ किया। - हमारी सरकार ने सत्ता ग्रहण करते ही ‘‘पुरानी
पैंषन योजना 1⁄4व्च्ै1⁄2’’ बहाल करने की घोशणा की है।
इसका लाभ 1 लाख 36 हज़ार छच्ै कर्मचारियों को
मिलेगा। 8,000 करोड़ रुपये की छच्ै राषि जो
भारत सरकार के पास पड़ी है, उसे प्रदेष को लौटाने
हेतु मंत्रीमण्डल द्वारा प्रस्ताव पारित किया गया है।
इस राषि को केन्द्र सरकार से जारी करवाने के लिए
विपक्ष के माननीय सदस्यांे से मेरा अनुग्रह रहेगा। - हमें आज के समय की वास्तविकताओं को
समझते हुए, आने वाली परिस्थितियों के लिए विकास
की अवधारणा को बदलना होगा। यह सच है कि
हिमाचल ने षिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और अन्य
अनेक क्षेत्रों में राश्टंीय मानकों के आधार पर श्रेश्ठ
प्रदर्षन किया है और अन्य राज्यों की तुलना में
संतुलित और समग्र विकास का आदर्ष बना है। आज
हमारे सामने मुख्य चुनौती विभिन्न क्षेत्रों में सिर्फ
ढाँचागत विस्तार की नहीं, अपितु ुनंसपजल ेमतअपबमे प्रदान
करने की भी है। बिना अध्यापकों के स्कूल, बिना
4
डॉक्टर के अस्पताल, बिना कर्मचारियों के कार्यालय-
यह हिमाचल के विकास का आदर्ष नहीं हो सकता।
- बिजली, पानी और सड़क सहित अन्य
सुविधाओं को लोगों तक समय पर बिना किसी बाधा
के पहुँचाने के लिए केवल नए दफ़्तर खोलने की
बजाए लोक सेवा के लक्ष्य निर्धारित करके उन्हें
निष्चित समय सीमा में पूरा करने की आवष्यकता है।
हमें समझना होगा कि जनसेवा के लिए ळववक
ळवअमतदउमदज के साथ ळववक ळवअमतदंदबम की ज़रूरत है। - वर्तमान समय तकनीक और सूचना क्रांति का
समय है। प्दवितउंजपवद ज्मबीदवसवहलए ।तजपपिबपंस
प्दजमससपहमदबमए डंबीपदम स्मंतदपदह जैसे जववसए काम करने
की गति को कई गुणा बढ़ा देते हैं और खर्चे को कई
गुणा कम कर देते हैं। आज हर क्षेत्र में समय के
अनुसार बदलाव लाना होगा। अनावष्यक खर्चों को
कम करके विकास कार्यों की ओर ध्यान देना होगा।
सीमित साधनों में ही प्राथमिकता तय करके हमें आगे
बढ़ना होगा। व्यवस्था परिवर्तन के बिना प्रदेष के
समृद्ध भविश्य की कल्पना सम्भव नहीं होगी। - आज पूरी दुनिया ळतममद ज्मबीदवसवहल की ओर
बढ़ रही है। पूरी दुनिया में ऊर्जा उपयोग के नए
विकल्पों पर तेज़ी से काम चल रहा है। बहुत सी
पददवअंजपवदे हर क्षेत्र मंे नई सोच उत्पन्न कर रही हैं,
और कामकाज के परम्परागत तौर तरीकों को बदल
रही हैं। - अध्यक्ष महोदय, मेरा यह बजट अभिभाशण
इन्हीं बिन्दुओं पर आधारित है और हिमाचल प्रदेष के
विकास को तीव्र गति देने और बहुमुखी तथा समग्र
बनाने की दिषा में एक नई व्यवस्था की पहल है। - अध्यक्ष महोदय, भारत सरकार के आर्थिक
सर्वेक्षण 2022-23 में दर्षाए गए प्दजमतदंजपवदंस
राश्टंीय
अर्थव्यवस्था
5
डवदमजंतल थ्नदक ;प्डथ्द्ध के आँकड़ों के अनुसार राश्टंीय
स्तर पर अनुमानित वृद्धि दर वर्श 2022 में 6.8
प्रतिषत् तथा वर्श 2023 के लिए 6.1 प्रतिषत् आँकी
गई है, जोकि पूर्व में अनुमानित वृद्धि दर से कम हैं।
राश्टंीय स्तर पर इस आर्थिक सुस्त गति का हिमाचल
की अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। खाद्य
पदार्थों की बढ़ती कीमतें तथा बेरोज़गारी की समस्याएं
राश्टंीय स्तर के साथ-साथ प्रदेष में भी अपनी
उपस्थिति बनाए हुए हैं।
- अध्यक्ष महोदय, 2022-23 के दौरान प्रदेष
की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.4 प्रतिषत् रहने का
अनुमान है। 2022-23 के दौरान हिमाचल में
प्रतिव्यक्ति आय 10.4 प्रतिषत् की वृद्धि के साथ
2 लाख 22 हज़ार 227 रुपये रहने का अनुमान है।
2022-23 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 1 लाख
95 हज़ार 404 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। - 2023-24 के लिए राज्य विकास बजट के
लिए 9 हज़ार 524 करोड़ रुपये व्यय किए जाने का
प्रस्ताव है। ‘अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम’ के लिए
2 हज़ार 399 करोड़ रुपये, ‘जनजातीय विकास
कार्यक्रम’ के लिए 857 करोड़ रुपये तथा ‘पिछड़ा क्षेत्र
विकास कार्यक्रम’ के लिए 104 करोड़ रुपये के व्यय
किए जाने प्रस्तावित हैं। इसके अतिरिक्त केन्द्रीय
योजनाओं के लिए 3 हज़ार 397 करोड़ रुपये के
व्यय प्रस्तावित किए गए हैं। - अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार प्रदेष को
31 मार्च, 2026 तक ष्ळतममद म्दमतहल ैजंजमष् के रूप
में विकसित करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।
इसके लिए जल विद्युत के अतिरिक्त सौर ऊर्जा के
दोहन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएगें। 2023-24
में 500 मैगावाट सौर ऊर्जा की परियोजनाएं आरम्भ
करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेष के प्रत्येक जिले
में 2 पंचायतों को पायलट आधार पर ळतममद पंचायतों
प्रदेष की
अर्थव्यवस्था
विकास
बजट
ऊर्जा/
बहुउद्देश्यीय
परियोजनाएं
6
के रूप में विकसित किया जाएगा। इन पंचायतों में
500 किलोवाट से लेकर 1 मैगावाट क्षमता की सौर
ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। पाँगी में विद्युत
आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित
‘‘बैटंी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम परियोजना’’ स्थापित की
जाएगी।
- मैं घोशणा करता हूँ कि प्रदेष के युवाओं को
उनकी अपनी भूमि अथवा लीज़ पर ली गई भूमि पर
250 किलोवाट से 2 मैगावाट तक की सौर ऊर्जा
परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 40 प्रतिषत्
अनुदान सहित अनुमति दी जाएगी। इन परियोजनाओं
से उत्पन्न बिजली की खरीद राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा की
जाएगी। - राज्य को ळतममद ैजंजम बनाने की दिषा में,
हमारी सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि हिमाचल
प्रदेष को ष्डवकमस ैजंजम वित म्समबजतपब टमीपबसमेष् के रूप में
विकसित किया जाएगा। इस कड़ी में कार्बन उत्सर्जन
को कम करने के उद्देष्य से निजि एवम् सरकारी क्षेत्र
के सहयोग से चरणबद्ध तरीके से म्समबजतपब वाहनों को
प्रोत्साहन दिया जाएगा। प्रथम चरण में निम्नलिखित
राश्टंीय एवम् राज्य उच्च मार्गों को मसमबजतपब वाहनों के
माध्यम से ळतममद ब्वततपकवत के रूप में विकसित किया
जाएगाः-
परवाणू – नालागढ़ – ऊना – हमीरपुर –
देहरा – अंब – मुबारकपुर – संसारपुर
टैरेस – नूरपुर।
पाँवटा – नाहन – सोलन – षिमला।
परवाणू – सोलन – षिमला – रामपुर –
पिओ – पूह – ताबो – काज़ा – लोसर।
षिमला – बिलासपुर -हमीरपुर – काँगड़ा-
नूरपुर – बनीखेत – चम्बा।
7
मंडी – जोगिन्दरनगर – पालमपुर –
धर्मषाला – काँगड़ा – पठानकोट।
कीरतपुर – बिलासपुर – मंडी – कुल्लू –
मनाली – केलाँग – ज़िंगज़िंगबार।
- हमारी सरकार आने वाले वर्शों में सार्वजनिक
परिवहन को मसमबजतपब परिवहन के रूप में विकसित
करेगी। इससे थ्वेेपस थ्नमस पर निर्भरता लगभग समाप्त
हो जाएगी। मैं ई-वाहन क्षेत्र में हिमाचल के युवाओं
की भागीदारी को प्रोत्साहन देने के लिए, निम्न
घोशणाएं करता हूँः-
च्तपअंजम ठने व्चमतंजवते को म.इने खरीद के
लिए 50 प्रतिषत् की दर से अधिकतम
50 लाख रुपये तक का उपदान दिया
जाएगा।
च्तपअंजम ज्तनबा व्चमतंजवते को म.जतनबा खरीद
के लिए 50 प्रतिषत् की दर से अधिकतम
50 लाख रुपये तक का उपदान दिया
जाएगा।
च्तपअंजम व्चमतंजवते को बींतहपदह ेजंजपवदे के
लिए 50 प्रतिषत् की दर से उपदान दिया
जाएगा। इसके लिए राज्य विद्युत बोर्ड के
सहयोग से एक विस्तृत परियोजना बनाई
जाएगी।
- अध्यक्ष महोदय, हिमाचल प्रदेष को ‘ळतममद
ैजंजम’ के रूप में विकसित करने के उद्देष्य से हमारी
सरकार का प्रयास वायु, ध्वनि और अन्य सभी प्रकार
के प्रदूशणों को कम करने पर रहेगा। इसके लिए आने
वाले वर्शों में पथ परिवहन निगम की अधिकतर डीज़ल
बसों को ई-बसों से बदला जाएगा। वर्तमान में
हिमाचल पथ परिवहन निगम राज्य में 75 ई-बसें
और 50 ई-टैक्सियों का संचालन कर रहा है। मैं
8
हिमाचल पथ परिवहन निगम की 1,500 डीज़ल बसों
को ई-बसों से चरणबद्ध ढंग से बदलने की घोशणा
करता हूँ। इस पर 1,000 करोड़ रुपये व्यय करना
प्रस्तावित है। पहले चरण में, नादौन में एक नया
ई-बस डिपो स्थापित किया जाएगा और षिमला
1⁄4स्थानीय1⁄2 डिपो को चरणबद्ध तरीके से ई-बस डिपो में
बदला जाएगा।
- ळतममद भ्लकतवहमद आने वाले भविश्य में स्वच्छ
ऊर्जा का स्त्रोत है जो पानी के म्समबजतवसलेपे से
पर्यावरण को बिना किसी नुकसान तथा बिना प्रदूशण
के बनती है। हिमाचल प्रदेष को अग्रणी ळतममद
भ्लकतवहमद अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हमारी सरकार
प्रदेष में ळतममद भ्लकतवहमद को बढ़ावा देगी। इसके लिए
ळतममद भ्लकतवहमद नीति बनाई जाएगी। - ळतममद म्दमतहल के रूप में भ्लकतव च्वूमत के
दोहन में भी तेज़ी लाई जाएगी। 2023-24 में
1,000 मैगावाट क्षमता की पन-बिजली परियोजनाओं
को पूरा कर लिया जाएगा। पार्वती-।।, टिड़ौंग-।,
षेल्टी-मसरंग तथा लंबाडग को पूरा किया जाएगा।
राश्टंीय महत्व की रेणुकाजी बाँध परियोजना, चांजु-।।।,
दयोथल चांजु, सुन्नी डैम व डुगर परियोजनाओं का
निर्माण कार्य इसी वर्श आरम्भ कर दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त साईकोठी-।, देवीकोठी, साईकोठी-।।
तथा हेल परियोजनाओं का निर्माण कार्य आरम्भ किया
जाएगा। - जल विद्युत दोहन में निजी क्षेत्र के निवेष को
आकर्शित करने के लिए राज्य सरकार षीघ्र खुली और
आकर्शक नीति लाएगी। - विष्व बैंक की सहायता से 2,000 करोड़
रुपये की लागत का ‘‘हिमाचल प्रदेष पावर सेक्टर
डवैलपमेंट प्रोग्राम’’ आरम्भ किया जाएगा। इसके
अन्तर्गत 200 मैगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा
9
परियोजनाओं का निर्माण और 13 षहरों के लिए
11 सब-स्टेषन व 2 बड़ी विद्युत वितरण लाईनों का
निर्माण करने का प्रावधान है। इसके लिए विष्व बैंक
के साथ अन्तिम दौर की चर्चा पूरी करके षीघ्र ही
डवन् हस्ताक्षरित कर लिया जाएगा।
- भ्च्ज्ब्स् द्वारा 464 करोड़ रुपये की लागत से
6 म्भ्ट सब-स्टेषन काला अंब, बरषैनी, कांगु,
पलचान, धर्मपुर तथा हिलिंग, पाँच टंांसमिषन लाईनें व
एक ‘संयुक्त नियंत्रण केन्द्र’ के निर्माण का कार्य पूर्ण
किया जाएगा। - ऊर्जा के क्रय-विक्रय के दक्ष प्रबन्धन हेतु एक
ष्ब्मदजतंसप्रमक ब्मससष् स्थापित किया जाएगा ताकि बिजली
विक्रय से अधिक राजस्व प्राप्त हो सके। - अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार की मुख्य
प्राथमिकता हिमाचल प्रदेष को पर्यटन राज्य के रूप में
विकसित करना है जिसमें रोज़गार तथा लोगों की
आय बढ़ाने की अपार सम्भावनाएं हैं।
मंडी हवाई अड्डे का निर्माण एवम् काँगड़ा
हवाई अड्डे का विस्तार आवष्यक भू-अधिग्रहण के
अभाव में बहुत समय से लम्बित हैं। 15वें विŸाायोग
द्वारा मंडी हवाई अड्डे के लिए 1,000 करोड़ रुपये
तथा काँगड़ा हवाई अड्डे के लिए 400 करोड़ रुपये की
अनुषंसा की गई थी। अध्यक्ष महोदय, मैं आपके
माध्यम से इस सदन में सŸाा पक्ष एवम् विपक्ष के
नेताओं तथा सभी माननीय सांसदों से अनुरोध करना
चाहूँगा कि वे भारत सरकार से इस राषि को षीघ्र
जारी करवाने के लिए सहयोग करें। दोनों हवाई अड्डों
के लिए षुरू की गई ैवबपंस प्उचंबज ।ेेमेेउमदज ;ैप्।द्ध
को जल्दी पूरा करके इनके लिए भू-अधिग्रहण की
प्रक्रिया आरम्भ कर दी जाएगी। भारतीय विमानपŸान
प्राधिकरण ;।पतचवतज ।नजीवतपजल व िप्दकपंद्ध द्वारा तैयार किए
गए मास्टर प्लान के अनुरूप काँगड़ा हवाई अड्डे के
पर्यटन
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विस्तार कार्य में गति लाई जाएगी। काँगड़ा हवाई अड्डे
के रनवे की लम्बाई को वर्तमान 1 हज़ार 372 मीटर
से बढ़ाकर 3 हज़ार 10 मीटर करने के लिए
आवष्यक भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया को अगले विŸाीय
वर्श के मध्य तक पूरा कर लिया जाएगा। भू-अधिग्रहण
के तुरन्त बाद इसके विस्तार का कार्य आरम्भ कर
दिया जाएगा। इसके लिए 2023-24 में 2,000
करोड़ रुपये व्यय करने का प्रस्ताव है।
- रामपुर, बद्दी, कांगणीधार 1⁄4मण्डी1⁄2 और ै।ैम्
;ैदवू ंदक ।अंसंदबीम ैजनकल म्ेजंइसपेीउमदजद्धए मनाली में
हैलीपोर्टस विकसित किए जा रहे हैं। हैली-टैक्सी का
संचालन संजौली और बद्दी हैलीपोर्ट से षीघ्र षुरु
किया जाएगा। हमीरपुर, काँगड़ा, चम्बा, कुल्लू,
लाहौल-स्पिति, किन्नौर एवम् ऊना में नए हैलीपोर्ट का
निर्माण/ विकास किया जाएगा ताकि सभी ज़िले, वर्श
भर हवाई परिवहन से जुड़े रहें। हैलीपोर्टों के निर्माण
और विकास पर 2023-24 में 30 करोड़ रुपये खर्च
किए जाएंगे। - वर्तमान में लोकप्रिय पर्यटक स्थलों को
कमबवदहमेज करने के उद्देष्य से काँगड़ा जिला को
हिमाचल प्रदेष के श्ज्वनतपेउ ब्ंचपजंसश् के रूप में
विकसित किया जाएगा। इसके लिए एक विस्तृत
कार्ययोजना तैयार की जाएगी। काँगड़ा को एक
लोकप्रिय पर्यटक स्थल के रूप मे विकसित करने तथा
पर्यटकों को आकर्शित करने के लिए निम्न बिन्दुओं पर
कार्य किया जाएगाः-
एक पदजमतदंजपवदंस ेजंदकंतक के ‘‘गोल्फ़
कोर्स’’ का निर्माण किया जाएगा।
जिले में 24ग्7 ‘‘पर्यटक ग्राम’’ की स्थापना
की जाएगी जिसमें स्थानीय कला, संस्कृति,
हस्तकला, संगीत इत्यादि को प्रसारित करते
हुए स्थानीय युवाओं को रोज़गार अवसर
प्रदान किए जाएंगे।
11
वरिश्ठ नागरिकों के लिए व्सक ।हम भ्वउमे
विकसित किए जाएंगे।
आइस स्केटिंग एवम् रोलर स्केटिंग रिंक का
निर्माण।
पौंग डैम में वॉटर स्पोर्टस, षिकारा, क्रूज़,
यॉट इत्यादि की व्यवस्था।
इन उद्देष्यों की पूर्ति के लिए आवष्यक भूमि
का प्रावधान किया जाएगा।
- इसके अतिरिक्त, मैं काँगड़ा जिला के बनखण्डी
में 300 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा
चिड़ियाघर स्थापित करने की घोशणा करता हूँ। इस
चिड़ियाघर का निर्माण 180 हेक्टेयर क्षेत्र में तीन
चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण में इस चिड़ियाघर
के निर्माण के लिए 2023-24 में, मैं 60 करोड़
रुपये के बजट के प्रावधान का प्रस्ताव करता हूँ।
अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से माननीय सदन
को अवगत करवाना चाहता हूँ कि इसके लिए भूमि
का चयन कर लिया गया है तथा षीघ्र ही प्राक्कलन
तैयार कर लिया जाएगा। - ।क्ठ ;।ेपंद क्मअमसवचउमदज ठंदाद्ध की सहायता से
1 हज़ार 311 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन
विकास योजना षुरू की जाएगी। इसके अन्तर्गत
काँगड़ा जिला में 390 करोड़ रुपये, हमीरपुर जिला में
257 करोड़ रुपये, कुल्लू जिला में 229 करोड़ रुपये,
षिमला जिला में 123 करोड़ रुपये एवम् मंडी जिला
में 138 करोड़ रुपये तथा अन्य स्थानों पर
174 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न पर्यटन स्थलों
पर पर्यटन सुविधाएं, मसमबजतपब इनेमेए ूंजमत ेचवतजेए
जीमउम चंतोए ूंल ेपकम ंउमदपजपमेए ीपही मदक विवक बवनतजे
उपलब्ध करवाने, ीमतपजंहम ेपजमे के सौन्दर्यकरण तथा
मबव जवनतपेउ के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है।
इसमें मंडी स्थित षिव धाम का विकास, ग्रीश्म एवम्
12
षीतकालीन खेलों को वर्श भर सुचारू रूप से
आयोजित करने के उद्देष्य से षिमला आईस स्केटिंग
रिंक का उन्नयन, मनाली में आइस स्केटिंग एवम्
रोलर स्केटिंग रिंक का निर्माण इत्यादि सम्मिलित हैं।
- अध्यक्ष महोदय, पर्यटन के विकास के साथ
हमारी सरकार की यह भी प्राथमिकता है कि अधिक
से अधिक स्थानीय युवा इस क्षेत्र से जुडें और रोज़गार
प्राप्त करें। इस उद्देष्य से ‘हिमाचल प्रदेष कौषल
विकास कार्यक्रम’ के अन्तर्गत वाकनाघाट में पर्यटन
और आतिथ्य क्षेत्र में ‘‘उत्कृश्ट केन्द्र’’ की स्थापना की
जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत 68 करोड़
रुपये है। 2023 के अन्त तक इसका निर्माण कार्य
पूरा कर लिया जाएगा। अगले वित्तीय वर्श में पर्यटन
तथा आतिथ्य क्षेत्रों में ऐसी ेापससपदह कक्षाएं प्रारम्भ
करने की मैं घोशणा करता हूँ जिनकी माँग वर्तमान में
सर्वाधिक है। - अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार का मैडिकल
कॉलेजों को ूवतसक बसंेे उमकपबंस जमबीदवसवहल से लैस
करने का लक्ष्य है। इस क्रम में, प्ळडब् 1⁄4षिमला1⁄2,
चमियाणा 1⁄4षिमला1⁄2, टाण्डा-काँगड़ा, हमीरपुर, नाहन,
चम्बा एवम् नेरचौक स्थित मैडिकल कॉलेजों में-
न्तवसवहलए ळमदमतंस ैनतहमतलए ळलदंमबवसवहलए ब्ंतकपवजीवतंबपब
ैनतहमतल ंदक ळंेजतव ैनतहमतल विभागों मंे चरणबद्ध तरीके
से त्वइवजपब ैनतहमतल की सुविधा उपलब्ध करवाई
जाएगी। इस पर वर्श 2023-24 में लगभग 100
करोड़ रुपये की राषि व्यय की जाएगी। - आगामी विŸाीय वर्श में राजकीय मैडिकल
कॉलेजों हमीरपुर, नाहन एवम् चम्बा के निर्माणाधीन
भवनों का कार्य पूरा करके उनका लोकार्पण कर दिया
जाएगा। इससे प्रदेष की जनता को उच्च गुणवŸाा की
स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकंेगी। इस पर लगभग 100
करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
स्वास्थ्य एवं
परिवार
कल्याण और
चिकित्सा
शिक्षा
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- अध्यक्ष महोदय, प्रायः देखा गया है कि प्रदेष
के मैडिकल कॉलेजों के बंेनंसजल विभाग में एक बिस्तर
पर एक से अधिक मरीज़ पाए जाते हैं। इस कारण
मरीज़ो को अन्य बीमारियाँ होने की पूरी सम्भावना
रहती है। इस परिस्थिति से निपटने के लिए मैं प्रदेष
के सभी मैडिकल कॉलेजों में बंेनंसजल विभाग को
नचहतंकम करके म्उमतहमदबल डमकपबपदम क्मचंतजउमदज
बनाने की घोशणा करता हूँ। इस योजना के अन्तर्गत
लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से 50 बिस्तरों
की क्षमता के ब्तपजपबंस ब्ंतम ठसवबो ;ब्ब्ठेद्ध का निर्माण
किया जाएगा। इस सेवा को 24ग7 उपलब्ध करवाने
के उद्देष्य से उपयुक्त विषेशज्ञ, मैडिकल अधिकारी,
स्टाफ नर्स एवम् अन्य कर्मियों की उपलब्धता
सुनिष्चित की जाएगी। मरीज़ों की संख्या अधिक होने
की स्थिति में आस-पास के स्वास्थ्य संस्थानों से
समन्वय किया जाएगा। - प्रत्येक विधान सभा चुनाव क्षेत्र में एक
स्वास्थ्य संस्थान को ‘‘आदर्ष स्वास्थ्य संस्थान’’ के रूप
में विकसित किया जाएगा। इनमें विभिन्न विषेशज्ञों और
अन्य स्टाफ़ सहित 134 तरह की लैबोरेटरी जाँच
सुविधाएं तथा आवष्यकतानुसार स्ंजमेज ैजंजम व िजीम ।तज
ज्मबीदवसवहल की डत्प्ए ब्ज् ैबंदए न्सजतंेवनदक और कपहपजंस
ग्.त्ंल सुविधाएं उपलब्ध करवाईं जाएंगी। इन सुविधाओं
के चलते स्थानीय निवासियों की जिला अस्पताल
अथवा मैडिकल कॉलेजों पर निर्भरता कम हो जाएगी। - डॉ राधाकृश्णन मैडिकल कॉलेज, हमीरपुर के
साथ कैंसर केयर के लिए एक ष्ब्मदजतम व िम्गबमससमदबमष्
स्थापित किया जाएगा। मैं हमीरपुर मैडिकल कॉलेज में
छनबसमंत डमकपबपदम क्मचंतजउमदज की स्थापना करने की
घोशणा करता हूँ। 2023-24 में इसके लिए 50
करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
14
- मैं घोशणा करता हूँ कि नाहन, चम्बा एवम्
हमीरपुर स्थित उमकपबंस बवससमहमे में नर्सिंग कॉलेज
आरम्भ किए जाएंगे। - मैं प्रदेष के सभी मैडिकल कॉलेजों में च्म्ज्
ैबंद स्थापित करने की घोशणा करता हूँ। इसके लिए
50 करोड़ रुपये व्यय किए जाने प्रस्तावित हैं। - अध्यक्ष महोदय, प्रदेष के विभिन्न स्वास्थ्य
संस्थानों के लिए आवष्यक दवाईयाँ तथा आधुनिकतम
मषीनरी एवं उपकरण की खरीद और उचित मूल्य व
समय पर उनकी आपूर्ति सुनिष्चित करने के उद्देष्य से
मैं ष्भ्पउंबींस च्तंकमेी डमकपबंस ैमतअपबमे ब्वतचवतंजपवदष्
की स्थापना की घोशणा करता हूँ। - अध्यक्ष महोदय, टाईप-। षुगर से पीड़ित
गर्भवती महिलाओं और बच्चों को प्रतिदिन इंसुलिन
इंजैक्षन लगवाना पड़ता है, जिससे उन्हें किडनी तथा
अन्य अंगों के गंभीर संक्रमण का खतरा बना रहता
है। मैं घोशणा करता हूँ कि इन गर्भवती महिलाओं
और बच्चों को सरकार द्वारा इंसुलिन पम्प उपलब्ध
करवाए जाएंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में कुल 3 हज़ार 139 करोड़
रुपये प्रस्तावित हैं।
- अध्यक्ष महोदय, हाल में आए विभिन्न सर्वे
दर्षाते हैं कि कोविड के दौरान विद्यार्थियों की सीखने,
पढ़ने तथा लिखने की क्षमता में गिरावट आई है।
हमारी सरकार षिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए
वचनबद्ध है और इस स्थिति को सुधारने के लिए
विस्तृत कार्ययोजना बनाएगी। - राश्टंीय षिक्षा नीति, 2020 को लागू करते
समय ुनंदजपजंजपअम के साथ-साथ ुनंसपजंजपअम
पउचतवअमउमदज पर ध्यान दिया जाएगा ताकि बच्चों के
समंतदपदह वनजबवउम में बढ़ौतरी हो सके। षैक्षणिक
गुणात्मक
शिक्षा
15
संस्थानों में षिक्षकों के खाली पदों को भरने की
प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
- अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार का मानना है
कि और नए स्कूल खोलने या स्कूल अपग्रेड करने के
स्थान पर चल रहे स्कूलों में अध्यापकों, पुस्तकालय,
लैब सुविधा एवम् अच्छे भवनों व खेल मैदानों की
सुविधाएं दी जाएं। वर्श 2021-22 में प्रदेष में
3 हज़ार 148 स्कूलों में केवल सिंगल अध्यापक
उपलब्ध था, जोकि कुल स्कूलों का 30 प्रतिषत् था।
हाल ही में, हमने पाया कि कई संस्थान ऐसे खोले
गए थे, जहाँ बच्चों की संख्या बहुत कम थी जिनमें
गुणवŸाापूर्ण षिक्षा दे पाना सम्भव नहीं था। बच्चों को
सर्वश्रेश्ठ षिक्षा प्रदान करने के लिए व्यवस्था परिवर्तन
करना ही होगा। - कांग्रेस पार्टी की गारंटियों को पूरा करने की
दिषा में आगे बढ़ते हुए, मैं हिमाचल प्रदेष के प्रत्येक
विधान सभा क्षेत्र में ‘‘राजीव गांधी गवरनमेंट मॉडल
डे-बोर्डिंग स्कूल’’ ;त्ंरपअ ळंदकीप ळवअमतदउमदज डवकमस
क्ंल.ठवंतकपदह ैबीववसद्ध खोलने की घोशणा करता हूँ।
इनमें प्री-प्राईमरी से बारहवीं तक की षिक्षा सुविधा के
साथ सभी प्रकार की इन्डोर एवम् आउटडोर खेल
सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। जहाँ पानी की समुचित
उपलब्धता होगी वहाँ स्वीमिंग पूल का भी प्रावधान
किया जाएगा। इस योजना के कार्यान्वयन के लिए
हमारी सरकार चरणबद्ध योजना के तहत 300 करोड़
रुपये व्यय करेगी। - प्रदेष के युवाओं को विभिन्न बवउचमजपजपअम
मगंउे की तैयारी हेतु सुविधा देने के लिए मैं प्रदेष के
ऐसे ब्लॉक में जहाँ पुस्तकालय/वाचनालय उपलब्ध नहीं
हैं, में नेषनल डिज़िटल लाइब्रेरी की ंबबमेे तथा
आवष्यक पुस्तकों सहित पुस्तकालय का निर्माण करने
की घोशणा करता हूँ।
16
- युवाओं को रोज़गार उपलब्ध करवाने के उद्देष्य
से हिमाचल प्रदेष के महाविद्यालयों में वर्श में दो बार
रोज़गार मेलों तथा स्पैषल चसंबमउमदज कतपअम का
आयोजन किया जाएगा। - हमारी सरकार स्कूलों में अवबंजपवदंस षिक्षा का
विस्तार करेगी। षिक्षण संस्थाओं में पाठ्यक्रम की
समीक्षा की जाएगी तथा रोज़गार आधारित नवीनतम
कोर्स षुरू किए जाएंगे। - षिक्षा में प्दवितउंजपवद ंदक ब्वउउनदपबंजपवद
ज्मबीदवसवहल ;प्ब्ज्द्ध के उपयोग और गुणवŸाा सुधारने के
लिए निम्न प्रस्तावित हैः-
प्रत्येक सीनियर सैकेण्डरी स्कूल में सपइतंतल
तववउ स्थापित किया जाएगा।
10 हज़ार मेधावी छात्रों के लिए ज्ंइसमजे
दिए जाएंगे।
762 स्कूलों में ‘‘प्ब्ज् योजना’’ के अन्तर्गत
आवष्यक ींतकूंतम तथा ेवजिूंतम प्रदान
किया जाएगा।
17 हज़ार 510 प्राईमरी रेगुलर अध्यापकों
के लिए ज्ंइसमजे दिए जाएंगे।
सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए इस वर्श
40 हज़ार डैस्क दिए जाएंगे।
- अध्यक्ष महोदय, विद्यार्थियों को खेलों में भाग
लेने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देष्य से मैं स्पोर्टस
हॉस्टल में रह रहे खिलाड़ियों की डाइट मनी को
120 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 240 रुपये प्रतिदिन
करने की घोशणा करता हूँ।
षिक्षा क्षेत्र में कुल 8 हज़ार 828 करोड़
रुपये प्रस्तावित हैं।
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- अध्यक्ष महोदय, प्रदेष के युवाओं को रोज़गार
उपलब्ध करवाना हमारी सरकार की प्राथमिकता रहेगी।
इसके लिए आवष्यक है कि प्रदेष के युवाओं के
कौषल को उन क्षेत्रों में उन्नत किया जाए जिन क्षेत्रों
में अधिक रोज़गार के अवसर उपलब्ध हैं। हमारी
सरकार द्वारा तकनीकी षिक्षा में ुनंसपजल और पाठ्यक्रम
को मउचसवलउमदज वतपमदजमक बनाने हेतु 2023-24 से
निम्न नए टंसनम ।ककमक ब्वनतेमे षुरु किए जाएंगेः-
विभिन्न सरकारी संस्थानों में त्वइवजपबेए
ठसवबा.ब्ींपद ज्मबीदवसवहलए ब्लइमत ैमबनतपजलए
ब्सवनक ब्वउचनजपदहए क्ंजं ।दंसलजपबेए ।तजपपिबपंस
प्दजमससपहमदबम और डंबीपदम समंतदपदह के कोर्सण्
हाईडंो इंजीनियरिंग महाविद्यालय, बिलासपुर
में ठ.ज्मबी ब्वउचनजमत ैबपमदबम – म्दहपदममतपदह
;।तजपपिबपंस प्दजमससपहमदबम ंदक क्ंजं ैबपमदबमद्ध
कोर्स।
13 प्ज्प्े, घुमारवीं, गरनोटा, नादौन, सुन्नी,
षाहपुर, पालमपुर, षमषी, नाहन, जुब्बल,
ऊना, पंडोगा, सुन्दरनगर 1⁄4निषक्त व्यक्तियों1⁄2
एवम् नालागढ़ में म्समबजतपब टमीपबसमे
डमबींदपबए डंपदजमदंदबम डमबींदपबए ैवसंत
ज्मबीदपबपंदए क्तवदम ज्मबीदपबपंदए डमबींजतवदपबे
तथा प्दजमतदमज व िज्ीपदहे ;प्वज्ेद्ध ज्मबीदपबपंदे के
कोर्सण् - प्रदेष के 11 प्ज्प्ेए चम्बा, सलियाणा, षिमला,
षमषी, मण्डी 1⁄4महिला1⁄2, नाहन 1⁄4महिला1⁄2, सोलन,
नालागढ़, राजगढ़, रैल और घुमारवीं में कौषल विकास
निगम के माध्यम से क्तवदम ैमतअपबम ज्मबीदपबपंद ब्वनतेम
चरणबद्ध तरीके से षुरु किया जाएगा।
तकनीकी
शिक्षा एवं
कौशल
विकास
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- विष्व बैंक की ैज्त्प्टम् परियोजना में 12 प्ज्प्ेए
अर्की, बगस्याड़, बरठीं, भोरंज, बिलासपुर 1⁄4महिला1⁄2,
दीगल, मण्डी 1⁄4महिला1⁄2, नेहरनपुखर, नूरपुर, सलियाणा,
षिमला तथा ऊना में सुविधाओं और प्दतिंेजतनबजनतम को
उन्नत किया जाएगा। योजना के अन्तर्गत 5 अन्य प्ज्प्ेए
पपलोग, सुन्नी, धर्मषाला, बड़ोह एवम् सुजानपुर में
‘ऑन ग्रिड सौर ऊर्जा संयन्त्र’ की स्थापना की
जाएगी। इन कार्यों पर 20 करोड़ रुपये खर्चे जाएंगे। - 4 इंजीनियरिंग कॉलेजों और 8 पॉलीटेक्निकों
में ‘‘डम्त्प्ज्म् ;डनसजप.क्पेबपचसपदंतल म्कनबंजपवद ंदक
त्मेमंतबी प्उचतवअमउमदज पद ज्मबीदपबंस म्कनबंजपवदद्ध
योजना’’ को आगामी पाँच वर्शों में लागू किया
जाएगा। इसके तहत चयनित इंजीनियरिंग कॉलेज व
पॉलीटेक्निक अगले 5 वर्शों में क्रमषः 10 करोड़ व
5 करोड़ रुपये प्राप्त करने के पात्र होंगे। - कौषल विकास निगम द्वारा डंोन क्षेत्र में
500, म्समबजतपब टमीपबसमे में 500, एवम् सौर ऊर्जा क्षेत्र
मंे 500 युवाओं को प्रषिक्षित किया जाएगा। इसके
अतिरिक्त 5,000 स्नातक छात्रों को म्म्म् ;म्दहसपेीए
म्उचसवलउमदज ंदक म्दजतमचतमदमनतेीपचद्ध का प्रषिक्षण दिया
जाएगा जिससे प्रदेष के युवा अंग्रेजी भाशा तथा
रोज़गार कौषल में दक्ष होंगे तथा आकर्शक रोज़गार
प्राप्त कर सकेंगे। - श्रम एवम् रोज़गार विभाग, तकनीकी षिक्षा
विभाग तथा भ्च्ज्ञटछ के सहयोग से बाज़ार की
आवष्यकता के अनुसार राज्य भर में विभिन्न
प्रषिक्षित/प्रमाणित उम्मीदवारों के लिए हर महीने
रोज़गार मेले आयोजित करेंगे।
तकनीकी षिक्षा क्षेत्र में कुल 361 करोड़
रुपये प्रस्तावित हैं।
19
- अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार की गारंटियों
में से एक के अन्तर्गत महिलाओं को 1,500 रुपये
प्रतिमाह देने का वायदा किया गया है। हम अपनी
इस गारंटी को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेंगे। मैं
प्रथम चरण में 2 लाख 31 हज़ार महिलाओं को
1,500 रुपये प्रतिमाह देने की घोशणा करता हूँ, जो
अभी 1,000 व 1,150 रुपये की दर से पैंषन ले
रही हैं, जिस पर हमारी सरकार कुल 416 करोड़
रुपये प्रति वर्श खर्च करेगी। - मैं सभी विधवाओं एवम् दिव्यांगजन 1⁄4दिव्यांगता
40-69 प्रतिषत्1⁄2 को पैंषन पाने के लिए आय सीमा
को खत्म करने की घोशणा करता हूँ। इनके लिए ग्राम
सभा से अनुमति की षर्त में छूट देने की भी मैं
घोशणा करता हूँ। इससे दोनों वर्गों को लाभ मिलेगा
और दिव्यांगजन ‘‘राहत भत्ता या ेजना’’ के तहत
9,000 नए लाभार्थियों को लाभ मिलेगा, जिस पर
सरकार 12 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय करेगी।
आगामी वर्श में, मैं 40 हज़ार नए पात्र व्यक्तियों को
सामाजिक सुरक्षा पैंषन देने की घोशणा करता हूँ। - अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार देख-भाल की
आवष्यकता वाले बच्चों 1⁄4अनाथ, अर्ध-अनाथ और
विषेश रूप से सक्षम1⁄2 के लिए एक नई योजना
‘‘मुख्य मन्त्री सुख-आश्रय योजना’’ लेकर आई है।
इस योजना के अन्तर्गत लाभान्वित होने वाले 27 वर्श
की आयु तक के अनाथ बच्चे/व्यक्ति ष्ब्ीपसकतमद व िैजंजमष्
कहलाएंगे तथा राज्य सरकार ही इनके लिये ‘सरकार
ही माता – सरकार ही पिता’ का दायित्व निभाएगी।
इस योजना के लिए 101 करोड़ रुपये की
राषि के प्रावधान से ‘मुख्य मन्त्री
सुख-आश्रय कोश’ की स्थापना की गई है।
बच्चों, बेसहारा महिलाओं और बुजुर्ग
व्यक्तियों के लिए आश्रय गृहों को
अत्याधुनिक सुविधाओं सहित अपग्रेड किया
जाएगा अथवा निर्मित किया जाएगा।
सामाजिक
सुरक्षा पैंशन
सुखाश्रय
योजना/
महिला एवं
बाल विकास
एवं कमज़ोर
वर्गों का
कल्याण
20
सुन्दरनगर एवम् ज्वालामुखी में वरिश्ठ
नागरिकों, बच्चों, विषेश रूप से सक्षम
बच्चों और बेसहारा महिलाओं को रहने/
आश्रय देने के लिए 400 की क्षमता वाले
आधुनिक सुविधाओं सहित एकीकृत ‘आदर्ष
ग्राम सुख-आश्रय परिसर’ का निर्माण
किया जाएगा।
अनाथ बच्चों के लिए चलाए जा रहे
सरकारी गृहों में बेहतर फर्नीचर, कपड़े,
बिस्तर, भोजन, अतिरिक्त हाऊस मदर्ज़,
गुणवत्ता षिक्षा, कैरियर परामर्ष आदि
सुविधाओं का प्रावधान किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त अनाथ बच्चों को वर्श में
एक बार राज्य के बाहर षैक्षणिक दौरों पर
भी ले जाया जाएगा। इसमें हवाई यात्रा
तथा वहाँ 3 ैजंत भ्वजमस में उनके रहने की
व्यवस्था भी की जाएगी।
18 से 27 वर्श की आयु वर्ग के अनाथ
व्यक्तियों को षिक्षा, छात्रावास, व्यवसायिक
प्रषिक्षण व कौषल विकास का व्यय राज्य
सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
मैं सभी प्रदेषवासियों से अपील करना चाहता
हूँ कि ब्ीपसकतमद व िैजंजम के कल्याण एवम् उत्थान के
लिए ‘सुख-आश्रय कोश’ में बढ़-चढ़ कर योगदान करें।
- विधवाओं और एकल नारियों को घर बनाने में
सहायता के लिए मैं एक नई योजना ‘‘मुख्य मन्त्री
विधवा एवम् एकल नारी आवास योजना’’ आरम्भ
करने की घोशणा करता हूँ। 2023-24 में 7,000
ऐसी महिलाओं को घर बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपये
की सहायता दी जाएगी। इसके अन्तर्गत निर्मित घरों
में बिजली, पानी सहित समुचित सुविधायें भी प्रदान
की जाएंगी।
21
- मैं प्रदेष के सरकारी संस्थानों में पढ़ रहीं
18 वर्श या उससे अधिक आयु की 20 हज़ार मेधावी
छात्राओं को ष्म्समबजतपब ैबववजलष् खरीदने के लिए
अधिकतम 25 हज़ार रुपये तक का उपदान देने की
घोशणा करता हूँ। इससे न केवल प्रदेष को ष्ळतममद
ैजंजमष् बनाने में सहायता मिलेगी बल्कि लड़कियों को
उच्च षिक्षा के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा। - प्रदेष के गरीब परिवारों के बच्चों, जो
आवष्यक संसाधनों के अभाव में व्यवसायिक और
तकनीकी पढ़ाई नहीं कर पाते हैं, उनको इन कोर्सों के
लिए हमारी सरकार विŸाीय सहायता प्रदान करेगी।
इसके लिए मैं 200 करोड़ रुपये की ‘‘मुख्य मन्त्री
विद्यार्थी प्रोत्साहन या ेजना’’ षुरू करने की घोशणा
करता हूँ। इसके माध्यम से गरीब बच्चों को
म्दहपदममतपदहए डमकपबपदमए डठ।ए च्ीक्ए बवनतेमे तिवउ प्ज्प्ध्
च्वसलजमबीदपबए ठण्च्ींतउंबलए छनतेपदह इत्यादि चतवमिेेपवदंस
बवनतेमे के लिए विŸाीय संस्थानों की सहायता से
1 प्रतिषत् ब्याज़ दर पर ऋण की व्यवस्था की
जाएगी। हमारी सरकार का दृढ़ निष्चय है कि पैसों के
अभाव में कोई भी मेधावी गरीब बच्चा उच्च षिक्षा से
वंचित न रहे। - मैं ”मुख्य मन्त्री सुरक्षित बचपन अभियान“
आरम्भ करने की घोशणा करता हूँ। इसके लिए
अभियान मोड पर एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की
जाएगी। इस अभियान के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेष में
च्तवजमबजपवद व िब्ीपसकतमद तिवउ ैमगनंस व्ििमदबमे ।बजए 2012
;च्व्ब्ैव्द्ध के प्रावधानों के बारे में प्रदेषवासियों,
विषेशकर बच्चों को जागरूक किया जाएगा। - मैं प्रदेष में नषीली दवाओं और मादक द्रव्यों
के सेवन के दुश्प्रभावों को नियंत्रित करने व बच्चों और
युवाओं में इनके दुश्प्रभाव के बारे में जागरुकता लाने
के लिए ‘‘नषा एवम् मादक पदार्थ मुक्त हिमाचल
अभियान’’ आरम्भ करने की घोशणा करता हूँ।
22
सामाजिक सुरक्षा, महिला, बाल, एवम् अन्य
पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए कुल 2 हज़ार 233
करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
- अध्यक्ष महोदय, हिमाचल प्रदेष की अर्थव्यवस्था
में कृशि और सहयोगी क्षेत्रों की अहम भूमिका है तथा
इस पर प्रदेष के 70 प्रतिषत् कामगार निर्भर हैं।
प्रदेष में कृशि और पषु पालन कठिन व्यवसाय बनते
जा रहे हैं और इस परिदृष्य को बदलने की
आवष्यकता है। वर्शों से विभिन्न योजनाओं के द्वारा
नगदी फ़सलों, सब्जी उत्पादन, बे-मौसमी फ़सलों को
बहुत सी छोटी-छोटी योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहन
दिया जाता रहा है परन्तु अभी तक किसानों को पूरा
लाभ नहीं मिल पाया है। प्रदेष में कृशि क्षेत्र के समग्र
विकास के लिए, मैं क्षेत्र आधारित एकीकृत एवम्
समग्र कृशि विकास योजना ”हिम उन्नति“ को षुरू
करने की घोशणा करता हूँ। यह योजना क्लस्टर अप्रोच
के आधार पर चलाई जाएगी जिसमें प्रथम चरण में
पूरे प्रदेष में क्लस्टर चिन्हित किए जाएंगे। - इस नई योजना के अन्तर्गत प्रत्येक क्लस्टर में
स्थानीय जलवायु, भौगोलिक परिस्थितियों जैसे मृदा के
प्रकार इत्यादि के आधार पर कम से कम 40 बीघा
भूमि षामिल की जाएगी। लाभार्थी परिवारों की
आमदनी बढ़ाने के लिए सर्वेक्षण आधारित कार्ययोजना
तैयार की जाएगी। कृशि और पषु पालन विभाग की
सभी वर्तमान योजनाओं को एकीकृत किया जाएगा
तथा इस कार्ययोजना से जोड़ा जाएगा। प्रदेष में क्षेत्र
विषेश की क्षमता के अनुरूप दूध उत्पादन, दालों, मोटे
अनाजों, सब्जियों, फलों, फूलों, नगदी फसलों के
क्लस्टर और प्राकृतिक कृशि के अलग क्लस्टर बनाए
जाएंगे। श्रप्ब्। चरण दो के सभी सब-प्रोजेक्ट भी
”हिम उन्नति“ से जोड़े जाएंगे। प्रथम चरण में वर्श
2023-24 में ‘‘हिम उन्नति’’ के लिए 150 करोड़
रुपये उपलब्ध करवाए जाएंगे।
कृषि/अंसनम
ंककपजपवदध्
पशुपालन
एवं गौ-
संरक्षण
23
- अध्यक्ष महोदय, ‘मुख्य मन्त्री खेत संरक्षण
योजना’ के अन्तर्गत जंगली जानवरों से फसलों की
रक्षा के लिए किसानों को जालीदार बाड़ लगाने के
लिए भी उपदान दिया जाएगा। - अध्यक्ष महोदय, ष्ैनइ.डपेेपवद वद ।हतपबनसजनतम
डमबींदप्रंजपवदष् के अन्तर्गत किसानों को टैंक्टर पर
50 प्रतिषत् उपदान दिया जाएगा। - अध्यक्ष महोदय, मैं कृशि, पषुपालन, बागवानी
तथा मत्स्य क्षेत्र में ेजंतज.नचे को प्रोत्साहित करने के
उद्देष्य से किसानों, थ्च्व्े ;थ्ंतउमत च्तवकनबमत
व्तहंदप्रंजपवदेद्ध तथा थ्प्ळे ;थ्ंतउमत प्दजमतमेज ळतवनचेद्ध को
विŸाीय संस्थानों/बैंकों के माध्यम से 2 प्रतिषत् की दर
से ऋण उपलब्ध करवाने की घोशणा करता हूँ। - प्रदेष में दूध आधारित अर्थव्यवस्था को
विकसित करने के लिए मैं ”हिम-गंगा“ नाम से
महत्वाकाँक्षी योजना आरम्भ करने की घोशणा करता
हूँ। इस योजना के तहत पषुपालकों को दूध की जतनम
बवेज इंेमक कीमत दिलायी जाएगी और दूध
चतवबनतमउमदजए चतवबमेेपदह और उंतामजपदह की व्यवस्था
में गुणात्मक सुधार लाया जाएगा। राज्य सरकार यह
सुनिष्चित करेगी कि दूध उत्पादकों को दूध की कीमतों
में क्षेत्रीय और मौसमी उतार-चढ़ाव से बचाया जाए
और विषेश रूप से गरीब वर्ग के दूध उत्पादकों को
दूध की उचित कीमत दिलाई जाए। ‘‘हिम गंगा’’
योजना के लिए 500 करोड़ रुपये की राषि व्यय
करने का प्रस्ताव है। प्रथम चरण में, यह योजना प्रदेष
के कुछ क्षेत्रों के किसानों/पषुपालकों को जोड़ कर
पायलट आधार पर षुरू की जाएगी। इसके परिणामों
के आधार पर इसका विस्तार प्रदेष के अन्य क्षेत्रों में
किया जाएगा। - प्रदेष के किसानों की आय में वृद्धि हेतु
आवष्यकतानुसार दुग्ध उत्पादक सहकारी सभाओं का
24
गठन किया जाएगा। इन सहकारी सभाओं के माध्यम
से दूध व उत्पादों का प्रभावी तरीके से विपणन
सुनिष्चित किया जाएगा।
- ‘‘हिम-गंगा’’ योजना को सफल बनाने के
लिए प्रदेष मंे नए मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए
जाएंगे तथा वर्तमान में स्थापित प्लांट नचहतंकम किए
जाएंगे। सभी आवष्यक पदतिंेजतनबजनतम ंदक ेनचचसल बींपद
को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। - चिन्हित पषु अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं
प्रदान की जाएंगी। इसी क्रम में, 2023-24 में प्रदेष
में 44 मोबाइल अंदे के माध्यम से पषु चिकित्सा
सेवा आरम्भ की जाएगी। - कांग्रेस सरकार द्वारा 2007 में षुरु की गई
दालों व खाद्यान्न तेल पर दी जा रही अनुदान राषि पर
हमारी सरकार आगामी वर्श में 265 करोड़ रुपये खर्च
करेगी। - नागरिक आपूर्ति निगम आगामी सीज़न में गेहूं
की खरीद करेगा। गेहूं खरीद का लक्ष्य 30 हज़ार
मीटिंक टन रखा गया है। - अध्यक्ष महोदय, प्रदेष में बागवानों की आय
बढ़ाने के लिए राज्य सरकार जागरूक और प्रतिबद्ध
है। इसके लिए नई बागवानी नीति लाई जाएगी। - हमारी सरकार 1 हज़ार 292 करोड़ रुपये की
लागत से आगामी पाँच वर्शों में ”हिमाचल प्रदेष षिवा
परियोजना“ के अन्तर्गत 7 जिलों 1⁄4बिलासपुर, हमीरपुर,
काँगड़ा, मण्डी, सिरमौर, सोलन, एवम् ऊना1⁄2 के
28 विकास खण्डों में 6 हज़ार हेक्टेयर क्षेत्रफल में दो
चरणों में बागवानी का विकास करेगी। इसके अन्तर्गत
15 हज़ार से अधिक बागवान परिवार लाभान्वित होंगे।
परियोजना के अन्तर्गत किसानों की निजी भूमि पर
‘एक फसल एक क्लस्टर’ एप्रोच में संतरा, अमरूद,
अनार, लीची, प्लम, पीकन नट, परसीमोन, आम,
खाद्य सुरक्षा
बागवानी
25
आदि फलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।
परियोजना में एक करोड़ पौधे रोपित किए जाने का
लक्ष्य है। परियोजना के तहत टंसनम ब्ींपद
प्दतिंेजतनबजनतम विकसित करके च्वेज भ्ंतअमेज स्वेेमे को
कम किया जाएगा।
- बागवानों के उत्पाद की भ्च्डब् द्वारा न्यूनतम
समर्थन मूल्य पर खरीद करने के लिए ऑनलाइन
व्यवस्था की स्थापना की जाएगी। इसके माध्यम से
भ्च्डब् के ब्। ेजवतमे की बुकिंग के लिए भी सुविधा
प्रदान की जाएगी। बागवान घर बैठे भ्च्डब् को बेचे
जाने वाले उत्पाद का प्रबन्धन कर सकेंगे। व्यवस्था के
अन्तर्गत बागवान, भ्च्डब् द्वारा बेचे जाने वाले
उपकरणों एवम् अन्य सामग्री की बुकिंग भी करवा
सकेंगे। - राज्य के किसान/बागवानों के फलों के उत्पादन
को बढ़ाने हेतु फल क्लस्टर/हब विकसित किए जाएंगे,
जिनमें भ्पही क्मदेपजल च्संदजंजपवद ंदक डपबतव प्ततपहंजपवद
ैलेजमउ इत्यादि के माध्यम से डैंगन फ्रूट, ब्लूबेरी,
एवोकाडो आदि नई फसलों की षुरूआत की जाएगी। - उद्यान विभाग द्वारा विभिन्न राज्य प्रायोजित
योजनाओं में दक्षता लाने के लिए इनका विलय कर
इन्हें अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। - थ्च्व्े के सहयोग से ग्रेडिंग/पैकिंग हाऊस,
सी0ए0 व कोल्ड स्टोर, भावानगर 1⁄4किन्नौर1⁄2, संदासु
1⁄4चिड़गाँव1⁄2, अणु 1⁄4जुब्बल1⁄2, चौपाल 1⁄4षिमला1⁄2, जाबली
1⁄4सोलन1⁄2, सुन्दरनगर 1⁄4मण्डी1⁄2, दत्तनगर 1⁄4रामपुर बुषैहर1⁄2
व खड़ापत्थर 1⁄4षिमला1⁄2 में स्थापित किए जाएंगे। - 60 थ्च्व्े का गठन किया जाएगा जिससे
बागवानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर किया जाएगा।
26
- अध्यक्ष महोदय, हिमाचल प्रदेष में मत्स्य
पालन के क्षेत्र में अपार सम्भावनाएं हैं जिनके दोहन
से आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सकता है। इसके लिए
पिेी ंितउपदह को प्रोत्साहन की आवष्यकता है। इस
दृश्टि से प्रदेष में ठंबालंतक थ्पेी थ्ंतउपदहए ब्ंहम ब्नसजनतमए
त्म.बपतबनसंजवतल ।ुनंबनसजनतम ैलेजमउ ;त्।ैद्ध तथा अन्य नईं
तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय को बढ़ाने
के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। - निजि क्षेत्र में 20 हेक्टेयर नए मत्स्य पालन
तालाबों का निर्माण किया जाएगा। किसानों की आय
बढ़ाने के लिए मैं मछली पालन के लिए तालाब
निर्माण हेतु 80 प्रतिषत् उपदान देने की घोशणा करता
हूँ। - मत्स्य पालन क्षेत्र की क्षमता को बढ़ाने के
लिए 120 नई टंाउट इकाईयों का निर्माण किया
जाएगा। - 5 लघु बायोफ्लॉक मत्स्य पालन इकाईयां,
2 टंाउट हैचरीज़, 3 मछली फीड मिलें और 1 बर्फ
संयन्त्र भी स्थापित किए जायेगें। - प्रदेष में मछली पालन से जुड़े किसानों एवम्
अन्य व्यक्तियों को प्रषिक्षण की सुविधा के लिए ब्ंतच
थ्ंतउ गगरेट, ऊना में 5 करोड़ रुपये की लागत से
एक प्रषिक्षण केन्द्र की स्थापना की जाएगी। इस केन्द्र
के माध्यम से प्रति वर्श लगभग 600 मछुआरों को
प्रषिक्षण दिया जाएगा। - राज्य के मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले नदीय
मछलियों पर आश्रित मछुआरों को 1,000 फैंकवा
जाल ;ब्ंेज छमजद्ध उपदान पर आबंटित किए जाएंगे। - प्रदेष में लगभग 12 हज़ार परिवार विभिन्न
जलाषयों, नदियों एवम् तालाबों इत्यादि से मछली
पकड़ने व पालने का कार्य करते हैं। इस क्षेत्र में, युवा
मत्स्य
पालन
27
वर्ग के लिए स्वरोज़गार उत्पन्न करने की बहुत
सम्भावनाएं हैं। 2023-24 में 500 युवाओं को
स्वरोज़गार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
- अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार द्वारा नवगठित
पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से पंचायत घर बनाए
जाएंगे। इसके लिए 2023-24 में 10 करोड़ रुपये
उपलब्ध करवाए जाएंगे। - हमारी सरकार ग्राम पंचायत के सुचारू
कामकाज के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत
सचिव उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। आगामी
वर्श में 210 पंचायत सचिवों व तकनीकी सहायकों के
164 पद एक पिगमक ंउवनदज पर भरे जाएंगे। - अध्यक्ष महोदय, ‘महात्मा गांधी राश्टंीय ग्रामीण
रोज़गार गारंटी योजना 1⁄4मनरेगा1⁄2’ कांग्रेस की केन्द्र
सरकार द्वारा षुरू की गई ग्रामीण क्षेत्रों में सुनिष्चित
रोज़गार देने के लिए सफल और लोकप्रिय योजना है।
2014 में भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार ने
इसकी खूब निंदा की थी। कोविड महामारी में इसी
योजना के माध्यम से राज्य सरकारों द्वारा ग्रामीण
क्षेत्रों में व्यापक रूप से रोज़गार उपलब्ध करवाया
गया। मैं प्रदेष के सभी क्षेत्रों में वर्तमान में मिल रही
मनरेगा दिहाड़ी को 212 रुपये से बढ़ाकर
240 रुपये करने की घोशणा करता हूँ। इसी तरह
जनजातीय क्षेत्रों में मिलने वाली दिहाड़ी को
266 रुपये से बढ़ाकर 294 रुपये किया जाएगा।
इससे लगभग 9 लाख मनरेगा मज़दूरों, जिनमें
लगभग 65 प्रतिषत महिलाएं हैं, को बढ़ी हुई दिहाड़ी
का लाभ मिलेगा। बढ़ी हुई दिहाड़ी पर होने वाला
लगभग 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय राज्य
सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। - ‘महात्मा गांधी राश्टंीय ग्रामीण रोजगार गारंटी
योजना 1⁄4मनरेगा1⁄2’ के तहत विभिन्न कार्य किए जा रहे
हैं। इन कार्यों के निरीक्षण के लिए एक सहायक की
28
सेवाएं ली जाएंगी। इससे कार्यों की गुणवŸाा सुनिष्चित
होगी और लगभग 25 से 30 हज़ार व्यक्ति लाभान्वित
होंगे।
- सभी विभागों की योजनाओं में समन्वय
स्थापित किया जाएगा ताकि मनरेगा और अन्य
योजनाओं का लाभ सभी वर्गों तक पहुँचे। - प्रदेष के 26 विकास खण्डों में 132 ब्नेजवउ
भ्पतपदह ब्मदजतम बनाए जाएंगे। इन केन्द्रों को स्वयं
सहायता समूहों द्वारा संचालित किया जाएगा और
इनके द्वारा खेती के उपकरणों को किराए पर दिया
जाएगा। - प्रदेष में 50 ‘हिम-ईरा’ आदर्ष दुकानें स्थापित
की जाएंगी। ये दुकानें प्रदेष के स्वयं सहायता समूहों
के उत्पादों की बिक्री के लिए एक मंच प्रदान करेंगी।
प्रदेष में इन समूहों की सुविधा के लिए आजीविका
भवनों का प्रावधान किया जाएगा। - मैं छोटे दुकानदारों/व्यापारियों को 50 हज़ार
रुपये तक के ऋण पर लगने वाले ब्याज़ का
50 प्रतिषत् उपदान देने के लिए एक नई योजना
‘‘मुख्य मन्त्री लघु दुकानदार कल्याण योजना’’ आरम्भ
करने की घोशणा करता हूँ। पात्र लाभार्थियों में दर्जी,
नाई, चाय वाले, रेड़ी-फड़ी वाले, किरयाना इत्यादि
सम्मिलित होंगे। विŸाीय संस्थानों की सहायता से
चलने वाली इस योजना के अन्तर्गत लगभग
75 हज़ार दुकानदारों को इसका लाभ मिलेगा। - स्वच्छ भारत मिषन के अन्तर्गत ग्रामीण
गौषालाओं की आय बढ़ाने के लिए पायलट आधार
पर, सभी जिलों में 4 गोबर्धन संयन्त्र संचालित किए
जाएंगे। साथ ही प्रत्येक ब्लॉक में श्च्संेजपब ॅंेजम
डंदंहमउमदज न्दपज ;च्ॅडन्द्धश् की स्थापना की जाएगी।
हर जिले में स्वच्छ भारत मिषन 1⁄4ग्रामीण1⁄2 और ब्ैत्
फण्ड का उपयोग करके 1 ग्राम पंचायत को मॉडल
29
ग्राम पंचायत के रूप में विकसित किया जाएगा और
इस मॉडल को अन्य ग्राम पंचायतों में दोहराया
जाएगा।
- हिमाचल प्रदेष में कुल 1,800 अमृत सरोवर
प्रस्तावित हैं, जिनमें से लगभग 760 का निर्माण पूरा
कर लिया गया है। षेश बचे अमृत सरोवर
15 अगस्त, 2023 तक तैयार कर लिए जाएंगे। - पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों का
मानदेय बढ़ाने की मैं सहर्श निम्न घोशणा करता हूँः-
अध्यक्ष, जिला परिशद को 5,000 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 20,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
उपाध्यक्ष, जिला परिशद को 5,000 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 15,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
सदस्य, जिला परिशद को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 6,500 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
अध्यक्ष, पंचायत समिति को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 9,500 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
उपाध्यक्ष, पंचायत समिति को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 7,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
सदस्य, पंचायत समिति को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 6,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
प्रधान, ग्राम पंचायत को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 6,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
30
उप-प्रधान, ग्राम पंचायत को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 4,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
सदस्य, ग्राम पंचायत को 200 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 500 रुपये प्रति ग्राम
पंचायत बैठक हेतु मानदेय मिलेगा।
ग्रामीण विकास एवम् पंचायती राज के लिए कुल
1 हज़ार 916 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
- अध्यक्ष महोदय, विभिन्न यूटिलिटी लाइनों जैसे
बिजली की तारें, दूरसंचार तारें, व्थ्ब् इत्यादि को एक
कॉमन यूटिलिटी डक्ट में बिछाने के लिए नीति बनाई
जाएगी। इस नीति के तहत सेवा दाताओं को इन तारों
को बिछाने और उनके रख-रखाव के लिए सरकार
द्वारा अनुमति दी जाएगी जिससे बार-बार सड़क की
खुदाई करने की आवष्यकता से निज़ात मिलेगी।
पायलट आधार पर षिमला षहर में इस कनबज का
निर्माण किया जाएगा जिस पर प्रथम चरण में
25 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। - मैं स्थानीय नगर निकायों के प्रतिनिधियों को
प्रतिमाह दिये जाने वाले मानदेय को निम्न प्रकार से
बढ़ाने की सहर्श घोशणा करता हूँः-
महापौर, नगर निगम को 5,000 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 20,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
उप-महापौर, नगर निगम को 5,000
रुपये बढ़ौतरी के साथ 15,000 रुपये
प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।
काउंसलर, नगर निगम को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 7,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
शहरी
विकास
31
अध्यक्ष, नगर परिशद को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 8,500 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
उपाध्यक्ष, नगर परिशद को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 7,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
पार्शद, नगर परिशद को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 3,500 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
प्रधान, नगर पंचायत को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 7,000 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
उप-प्रधान, नगर पंचायत को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 5,500 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
सदस्य, नगर पंचायत को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 3,500 रुपये प्रतिमाह
मानदेय मिलेगा।
- षहरों में ेंदपजंतल ूंेजम की विकराल समस्या
पैदा हो रही है। षहरी स्थानीय निकायों में प्रदूशण
नियंत्रण बोर्ड के सहयोग से सैनिटरी इनसिनरेटर
;ैंदपजंतल प्दबपदमतंजवतद्ध स्थापित किए जाएंगे। - षहरी क्षेत्रों में पार्किंग की विकराल समस्या
को देखते हुए षहरी स्थानीय निकायों में लगभग
1,000 म्ब्ै ;म्ुनपअंसमदज ब्ंत ैचंबमद्ध पार्किंग क्षमता के
स्थल विकसित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त बड़े
पार्किंग स्थलों का निर्माण च्च्च् डवकम में किया जाएगा। - षहरी निकायों में ऑनलाईन सम्पति कर
भुगतान प्रणाली षुरु की जाएगी।
32
- अध्यक्ष महोदय,़ जाठिया देवी, षिमला में
भारत सरकार के सहयोग से हिमुडा द्वारा नया षहर
स्थापित करने का कार्य षुरु किया जाएगा। इसके
लिए 1 हज़ार 373 करोड़ रुपये की डी0पी0आर0
डपदपेजतल व िभ्वनेपदह ंदक न्तइंद ।ििंपतेए ळवअमतदउमदज व
िप्दकपं को प्रेशित की गई है। - अध्यक्ष महोदय, वर्श 2023-24 में 250
‘आयुश वैलनेस केन्द्र’ संचालित किए जाएंगे जिनमें
विभिन्न प्रकार के उपचार च्ंबांहमे के रूप में उपलब्ध
करवाए जाएंगे। ग्रामीण विकास, पंचायती राज, षिक्षा,
और वन विभागों के साथ मिलकर 500 नई हर्बल
वाटिकाएं भी स्थापित की जाएंगी। - ‘राश्टंीय आयुश मिषन’ में औशधीय पौधों के
क्लस्टर बनाकर इनकी खेती के लिए किसानों को
प्रोत्साहित किया जाएगा। - अध्यक्ष महोदय, प्रदेष में वर्शा जल संग्रहण के
माध्यम से भू-जल स्त्रोतों तथा अन्य जल स्त्रोतों के
तमअपअंस की अपार सम्भावनाएं हैं। खड्डों पर छोटे-छोटे
चैकडैम बनाकर न केवल पानी को रोका जा सकता है
बल्कि इकट्ठे किए गए पानी के रिसाव से भू-जल के
स्तर में वृद्धि भी की जा सकती है। प्राकृतिक रूप से
विद्यमान विषाल गड्ढों को भी जल संग्रहण ताल के
रूप में विकसित किया जा सकता है। हमारी सरकार
प्रदेष की विभिन्न खड्डों तथा चिन्हित प्राकृतिक गड्ढों में
जल संग्रहण के माध्यम से भूमिगत जल स्तर को
बढ़ाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगी। - सभी पेयजल एवम् सिंचाई परियोजनाओं के
जल स्त्रोतों को लम्बे समय तक बनाए रखने के लिए
हमारी सरकार सुनिष्चित करेगी कि भविश्य में जिन
भी योजनाओं का प्राक्कलन तैयार किया जाए उनमें
ेवनतबम ेनेजंपदंइपसपजल के लिए कुल परियोजना लागत
का 10 प्रतिषत् प्रावधान किया जाए।
आवासीय
सुविधा
आयुष
जल शक्ति
33
- हमारी सरकार जल संसाधनों के सतत् उपयोग
के लिए ष्ॅंजमत त्महनसंजपवद ंदक डंदंहमउमदज ठपससष् लाने
की दिषा में समुचित पग उठाएगी। पेयजल योजनाओं
का सेवा स्तर सुधारने के लिए चरणबद्ध ढंग से
24×7 जल आपूर्ति उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया
जाएगा। प्रथम चरण में, पायलट आधार पर नदी/डैम
के साथ लगतीं कुछ नगर पंचायतों/नगर परिशदों में
पेयजल योजनाओं को 24×7 जल आपूर्ति योजनाओं में
नचहतंकम किया जाएगा। - अध्यक्ष महोदय, प्रदेषवासियों के अच्छे स्वास्थ्य
के लिए निर्मल पीने का पानी उपलब्ध करवाना हमारी
सरकार की प्राथमिकता है। जहाँ पर च्मतबवसंजपवद
ूमससध्ेचतपदह इंेमक पेयजल योजनाओं में बवदजंउपदंजपवद
की सम्भावना है, वहाँ पर पिसजमत नदपज स्थापित किए
जाएंगे। नवीनतम तकनीक जैसे कि न्टध्नसजतं
पिसजतंजपवदध्व्रवदपेंजपवद इत्यादि को आवष्यकता अनुसार
चरणबद्ध तरीके से उपयोग में लाया जाएगा। जल
उपचार में इसमंबीपदह चवूकमत के स्थान पर ळंेमवने
ब्ीसवतपदंजपवद ैलेजमउ व ैवकपनउ भ्लचव ब्ीसवतपजम ैलेजमउ
का यथासंभव उपयोग किया जाएगा। इसके लिए
2023-24 में 25 करोड़ रुपये खर्चे जाएंगे। - प्रदेष के पाँच षहरों मनाली, बिलासपुर,
पालमपुर, नाहन और करसोग में स्वच्छता सुविधाओं
का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मनाली व
पालमपुर में पेयजल आपूर्ति का सुधार भी किया
जाएगा। फ्रांस के क्मअमसवचउमदज ठंदा . ।थ्क् ;।हमदबम
थ्तंदप्रंपेम कम क्मअमसवचउमदजद्ध के माध्यम से इस
परियोजना पर लगभग 817 करोड़ रुपये व्यय किए
जाएंगे। - जल परीक्षण हेतु उपभोक्तताओं को प्रेरित करने
के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम जल स्वच्छता
समिति ;टॅैब्द्ध से प्रषिक्षित महिलाओं को कम से
34
कम 50 जल नमूनों के परीक्षण व परिणाम अपलोड
करने के लिए 3,300 रुपये प्रति ग्राम पंचायत
प्रोत्साहन राषि के रूप में दी जाएगी।
- विभिन्न टैन्डर कार्यों में ।तइपजतंजपवद विवाद के
कारण न केवल कार्यों को पूरा करने में देरी होती है
बल्कि सरकार पर अतिरिक्त विŸाीय बोझ भी पड़ता है।
इन परिस्थितियों से बचने के लिए मैं घोशणा करता हूँ
कि आगामी विŸाीय वर्श में अनुबन्ध धाराओं से
।तइपजतंजपवद ब्संनेम को पूर्ण रूप से हटा दिया जाएगा। - मैं जल षक्ति विभाग में पेयजल, सिंचाई तथा
सीवरेज स्कीमों के रख-रखाव एवम् परिचालन के लिए
विभिन्न श्रेणियों के 5,000 पद भरने की घोशणा करता
हूँ। - अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार ने 2023-24
में राज्य की सड़कों की लम्बाई को बढ़ाकर 41 हज़ार
किलोमीटर से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। - 2023-24 में ‘प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क
योजना ;च्डळैल्द्ध.प् व प्प्’ के अन्तर्गत निम्न कार्य सम्पन्न
किए जाएंगेः-
150 किलोमीटर नई क्नेक्टिविटी।
650 किलोमीटर उन्नयन कार्य।
200 किलोमीटर क्रॉस डंेनेज़।
9 पुलों का निर्माण।
20 बस्तियों को सड़कों से जोड़ना।
- सरकार द्वारा च्डळैल्-प्प्प् के अन्तर्गत सभी
ब्लॉकों के ळप्ै सर्वेक्षण के बाद 422 करोड़ रुपये की
लागत से 440 किलोमीटर लम्बी 45 सड़कों के
प्रस्तावों पर भारत सरकार की स्वीकृति प्राप्त की गई
सड़कें एवम्
पुल
35
है। 2 हज़ार 685 किलोमीटर लम्बी सड़कांे के लिए
फेज़ वाईज़ डी0पी0आर0 भारत सरकार की स्वीकृति
हेतु भेज दी गई है। 2023-24 में, च्डळैल्-प्प्प् के
अन्तर्गत 300 किलोमीटर सड़कों को उन्नत करने का
लक्ष्य रखा गया है।
- अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार 178
किलोमीटर लम्बाई के निम्न पाँच राश्टंीय उच्च
राजमार्गों को दो लेन से चार लेन नचहतंकम करने के
लिए 4 हज़ार 700 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केन्द्र
सरकार को भेज रही हैः-
899 करोड़ रुपये की लागत से बिड़ू से
लठयाणी।
600 करोड़ रुपये की लागत से नालागढ़
से स्वारघाट।
1,200 करोड़ रुपये की लागत से काला
अम्ब से पाँवटा साहिब से देहरादून।
1,500 करोड़ रुपये की लागत से अम्ब
से ऊना और पंजाब बॉर्डर से नादौन।
500 करोड़ रुपये की लागत से ऊना
बाईपास।
- आगामी वर्श में नाबार्ड ;त्प्क्थ्द्ध के अन्तर्गत
205 किलोमीटर नई सड़कों, 305 किलोमीटर क्रॉस
डंेनेज़, 425 किलोमीटर पक्की सड़कों और 27 पुलों
का निर्माण प्रस्तावित है। - राज्य सरकार द्वारा केन्द्रीय सड़क अवसंरचना
निधि ;ब्त्प्थ्द्ध से वित्त पोशण के लिए भारत सरकार को
500 करोड़ रुपये की 5 सड़कें/पुल परियोजनाएं भेजी
गई हैं। मेरी सरकार इन सभी योजनाओं को स्वीकृत
करवाने हेतु निरन्तर प्रयासरत रहेगी।
36
- अध्यक्ष महोदय, प्रदेष की सड़कों पर होने
वाले हादसों में कमी लाने के लिए, सड़क सुरक्षा की
दृश्टि से निम्न योजनाएं प्रस्तावित हैंः-
5 कवनइसम संदम सड़कों पर 474 करोड़
रुपये की लागत से 77 किलोमीटर सड़कों
पर कार्य।
पायलट आधार पर 50 करोड़ रुपये की
लागत से काँगड़ा जिला 1⁄4षिला चौक से
पालमपुर एवम् दो सपदा तवंकेद्ध में 43
किलोमीटर स्टंेच को ैंमि ब्वततपकवत
क्मउवदेजतंजपवद च्तवरमबज ;ैब्क्च्द्ध के अन्तर्गत
ेंमि बवततपकवत का विकास।
पायलट की सफलता के आधार पर राज्य
में सभी राश्टंीय राजमार्गों और प्रमुख
जिला सड़कों ;डक्त्द्ध के लिए ैंमि
ब्वततपकवत क्मउवदेजतंजपवद च्तवहतंउउम का
कार्यान्वयन।
- इस प्रकार 2023-24 में निम्न लक्ष्य प्राप्त
किए जाएंगेः-
1 हज़ार 60 किलोमीटर नई सड़कों का
निर्माण।
1 हज़ार 505 किलोमीटर लम्बी सड़कों
की मैटलिंग व टारिंग।
990 किलोमीटर सड़कों पर क्रॉस डंेनेज़
एवम् जल निकासी से सम्बन्धित कार्य।
70 नए पुलों का निर्माण।
70 गाँवों की क्नेक्टिविटी।
37
- प्रदेष में उत्कृश्ट गुणवŸाा की सड़कें उपलब्ध
करवाने के उद्देष्य से मैं एक नई योजना ‘‘मुख्य
मन्त्री सड़क एवम् रख-रखाव योजना’’ आरम्भ करने
की घोशणा करता हूँ। इसके अन्तर्गत 2023-24 में
200 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। - अध्यक्ष महोदय, प्रदेष के युवाओं को
स्वरोजगार एवं स्टार्ट अप सहायता प्रदान करने हेतु
कांग्रेस सरकार द्वारा गारंटी दी गई है। मैं एक नई
‘‘राजीव गांधी स्वरोज़गार योजना’’ आरम्भ करने की
घोशणा करता हूँ। इस योजना के अन्तर्गत विभिन्न
उद्यमों के साथ-साथ क्मदजंस ब्सपदपबे में मषीनरी एवम्
औज़ार, मत्स्य इकाईयों, म.जंगप तथा 1 मैगावाट तक
के सोलर पावर प्रोजैक्टस को भी सम्मिलित किया
जाएगा। मैं म.जंगप पर मिलने वाले उपदान को सभी
वर्गों के लिए समान रूप से 50 प्रतिषत् करने की
घोशणा करता हूँ। - राश्टंीय और अन्तर्राश्टंीय स्तर पर निवेष
स्थितियों को देखते हुए हिमाचल प्रदेष औद्योगिक
निवेष नीति, 2019 की समीक्षा करना समय की
ज़रूरत है। इसलिए हमारी सरकार षीघ्र नई
”औद्योगिक निवेष नीति“ लाएगी। इसके अन्तर्गत
सरकार ओपन आर्म पॉलिसी का अनुसरण करेगी और
मौजूदा ेपदहसम ूपदकवू ेलेजमउ को श्ठनतमंन व
िप्दअमेजउमदज च्तवउवजपवदश् में परिवर्तित किया जाएगा।
इसके लिए विधान सभा में विधेयक पेष किया
जाएगा। यह ठनतमंन समयबद्ध तरीके से सभी
आवष्यक स्वीकृतियाँ प्रदान करने के लिए ेपदहसम तवव
िहोगा जिससे निवेषकों को सम्बन्धित कार्यालयों के
चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह ठनतमंन निवेषकों को
च्सनह.ंदक.च्संल की सुविधा प्रदान करेगा। यह ठनतमंन
राज्य में रोज़गार सृजन में मददगार होगा तथा
हिमाचल प्रदेष को एक ‘आदर्ष निवेष मित्र राज्य’ के
रूप में विकसित करने में सहायक होगा।
उद्योग/निजी
निवेश
38
- 2023-24 में विनिर्माण ;उंदनंिबजनतपदहद्ध,
पर्यटन, ऊर्जा, निर्माण, आवास इत्यादि क्षेत्र में लगभग
20 हज़ार करोड़ रुपये का निजी निवेष लाने के
प्रयास किए जाएंगे जिससे लगभग 40 हज़ार प्रत्यक्ष
और 50 हज़ार अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा
होंगे। - अध्यक्ष महोदय, प्रदेष सरकार जहाँ वैज्ञानिक
खनन द्वारा राजस्व बढ़ाने के लिए प्रयासरत है वहीं
अवैध खनन पर अंकुष लगाने के लिए भी गम्भीर है।
रॉयल्टी की चोरी रोकने हेतु एवम् ॅध्ग् फार्म के
सरलीकरण के लिए इसे एम0-परिवहन पोर्टल के साथ
जोड़ा जाएगा तथा अन्य सम्बन्धित विभाग जैसे लोक
निर्माण विभाग, जल षक्ति विभाग, प्रदूशण नियंत्रण
बोर्ड इत्यादि भी इस पोर्टल से जुड़ेंगे। इससे अवैध
खनन के साथ-साथ राजस्व हानि की भी रोकथाम
होगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध खनन पर अंकुष
लगाने के लिए ष्थ्सलपदह ैुनंकष् का गठन किया
जाएगा। - प्रदेष में स्थापित उद्यमों में लगभग
99 प्रतिषत्् उद्योग सूक्ष्म, लघु व मध्यम श्रेणी में
आते हैं। पहले, भारत सरकार इन उद्यमों का सर्वेक्षण
व विष्लेशण करवाती थी। इस प्रकार का सर्वेक्षण
पिछले एक दषक से नहीं किया गया है। उद्योग
विभाग इन उद्यमों का विस्तृत सर्वेक्षण करवाएगा, ताकि
इन उद्योगों की समस्याओं की पहचान कर उनका
उचित निवारण षीघ्र किया जा सके। - ‘एक जिला एक उत्पाद’ को प्रोत्साहित करने
के उद्देष्य से प्रदेष में श्न्दपजल डंससश् का निर्माण किया
जाएगा। इसके माध्यम से हिमाचल प्रदेष के ळप्
उत्पाद, हस्तषिल्प उत्पाद एवम् अन्य राज्यों के
हस्तषिल्प उत्पादों को एक छत के नीचे उपलब्ध
करवाया जाएगा।
39
- युवाओं को रोज़गार देने के उद्देष्य से
2023-24 में 500 चिन्हित बस रूटों पर ई-वाहन
चलाने के लिए परमिट जारी किए जाएंगे। - बस अड्डा निर्माण एवम् प्रबन्धन प्राधिकरण ने
वर्श 2023-24 में 12 बस अड्डों के निर्माण को पूरा
करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें ठियोग,
भंजराड़ू, बरछवाड़, हरिपुर-देहरा, थुनाग, जंजैहली,
बैजनाथ, कुमारसैन, लक्कड़ बाज़ार-षिमला, दाड़लाघाट,
ढली-षिमला एवम् कार पार्किंग बंजार का निर्माण
कार्य षामिल है। बस अड्डा प्राधिकरण 5 नए बस अड्डों
बंगाणा, नादौन, पतलीकूहल, डलहौजी एवम् रिवालसर
पर निर्माण कार्य करेगा। - हमीरपुर में ठने च्वतज बनाया जाएगा जिसके
लिए 10 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। - 2 नए बस अड्डों जसूर, बिलासपुर एवम् कार
पार्किंग व वाणिज्यिक परिसर पुराना बस अड्डा, ऊना
के निर्माण के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी ;च्च्च्द्ध
के तहत निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। - हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा बसों,
चार्जिंग स्टेषन व अन्य सुविधाओं की जानकारी के
लिए ळप्ै इंेमक ”व्हीकल लोकेषन ऐप“ तैयार की
जाएगी। परिवहन निगम की बसों में ‘डिजिटल फेयर
कलेक्षन सिस्टम’ लागू किया जाएगा। - अध्यक्ष महोदय, कांग्रेस की वर्तमान सरकार
बनते ही मैंने स्वयं सभी वितमेज बसमंतंदबमे बंेमे की
मॉनिटरिंग आरम्भ की है। बहुत से विभागों में
अधिकारियों को इससे सम्बन्धित जानकारी नहीं होती।
वन विभाग द्वारा इन्हें उचित प्रषिक्षण एवम् सहायता
प्रदान की जाएगी। सभी बंेमे में तेज़ी लाने के
उद्देष्य से उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रत्येक जिले में
जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। यह
समितियां समय-समय पर अपने जिले के सम्बन्धित
परिवहन
वन
40
अधिकारियों के साथ वितमेज बसमंतंदबमे बंेमे की
समीक्षा करेंगी जिससे इन बंेमे के अनुमोदन में
तीव्रता आएगी।
- प्रदेष में खाली पड़ी पहाड़ियों के बड़े भू-भाग
पर पौधरोपण किया जाएगा ताकि एक छोर से
पौधरोपण प्रारम्भ करके पूरी पहाड़ी को ळतममद ब्वअमत
प्रदान किया जा सके। इसके लिए श्डनाीलं डंदजतप
ळतममद ब्वअमत डपेेपवदश् के अन्तर्गत प्रदेष के
12 जिलों में 250 हेक्टेयर का चयन किया जाएगा।
चयनित क्षेत्रों में जलवायु के अनुकूल पौधों की
ेचमबपमे का रोपण किया जाएगा। - इस समय श्रप्ब्। परियोजना षिमला, बिलासपुर,
मण्डी, कुल्लू, काँगड़ा, किन्नौर और लाहौल स्पिति में
कार्यान्वित की जा रही है। परियोजना का उद्देष्य
वैज्ञानिक वन प्रबन्धन, ठपवकपअमतेपजल का विस्तार और
स्थानीय समुदायों की आय बढ़ाना है। योजना के तहत
2023-24 में 2,000 हेक्टेयर भूमि पर पौधारोपण
किया जाएगा। योजना के तहत 400 सक्रिय स्वयं
सहायता समूहों का सहयोग लिया जाएगा और उन्हें
वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। - अध्यक्ष महोदय, मेरी सरकार राज्य में हरित
विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस उद्देष्य के लिए
स्थानीय स्तर पर प्रभावी संस्थागत तंत्र का सृजन
आवष्यक है। इसके लिए पर्यावरण विभाग में क्षेत्रीय
कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। - पर्यावरण, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवम् जलवायु
परिवर्तन विभाग में ठपव.कमहतंकंइसम पदार्थों से प्लेटें
इत्यादि तथा पत्तल बनाने के लिए अनुसंधान के
उद्देष्य से एक अनुसंधान केन्द्र स्थापित किया जाएगा।
इसकी स्थापना तथा संचालन ब्वतचवतंजम ैवबपंस
त्मेचवदेपइपसपजल ;ब्ैत्द्ध के माध्यम से किए जाएंगे।
पर्यावरण,
विज्ञान
एवम्
प्रौद्योगिकी
41
- अध्यक्ष महोदय, भारत के स्वर्गीय प्रधान
मन्त्री, श्री राजीव गांधी की ष्क्पहपजंस प्दकपंष् की
परिकल्पना को आगे बढ़ाते हुए हमारी सरकार ने एक
कार्ययोजना तैयार की है। अब मैं अपने बजट
अभिभाशण के अगले कुछ पैरों में इस कार्ययोजना का
उल्लेख करना चाहूँगा। - सरकारी कार्य में षीघ्रता लाने के लिए सभी
निदेषालयों तथा उपायुक्त कार्यालयों में ई-ऑफिस
व्यवस्था स्थापित की जाएगी। प्रदेष सचिवालय के सभी
प्रभागों को 1 जुलाई, 2023 से ई-ऑफिस से जोड़ा
जाएगा। - नागरिकों को अपनी षिकायत दर्ज करने और
उसकी स्थिति की जांच करने के लिए ‘मुख्य मन्त्री
सेवा संकल्प हेल्पलाइन’ को मजबूत किया जाएगा।
इसके लिए ॅींजेंचच और स्वचालित ब्ींज ठवज का
प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा, ‘मुख्य मन्त्री सेवा
संकल्प हेल्पलाइन’ में आवारा पषुओं की सूचना देने
की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। नागरिकों द्वारा
आवारा पषुओं की सूचना देने के लिए मोबाइल
एप्लिकेषन भी विकसित किया जाएगा जो ‘मुख्य मन्त्री
सेवा संकल्प हेल्पलाइन’ के साथ एकीकृत होगा। - इस समय क्पतमबज ठमदमपिज ज्तंदेमित ;क्ठज्द्ध के
अन्तर्गत विभिन्न विभागों द्वारा कुछ योजनाओं का डाटा
मैनुअली एकत्रित किया जा रहा है। इस डाटा को
मुख्यालयों को भेजने में समय लगता है। डाटा संचार
और प्रबन्धन में देरी को समाप्त करने के लिए फील्ड
स्तर से डाटा को दर्ज़ करने के लिए एक क्ठज् च्वतजंस
विकसित किया जाएगा। - हमारी सरकार द्वारा डंोन और डंोन प्रौद्योगिकी
उद्योग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक नीति और
डंोन-सक्षम षासन तैयार किया जाएगा। वे विभाग
जिन्हें डंोन का उपयोग करने के लिए प्रषिक्षित लोगों
की आवष्यकता है जैसे पुलिस, वन, लोक निर्माण,
डिजीटाइजेशन,
गवर्नेंस तथा
सूचना
प्रौद्योगिकी
42
आपदा प्रबन्धन, कृशि एवम् स्वास्थ्य विभाग इत्यादि,
उनके कर्मियों को प्रमाणित प्रषिक्षण संस्थानों द्वारा
प्रषिक्षित किया जाएगा।
- हमारी सरकार स्टेट डाटा सेन्टर का विस्तार
करेगी। अगले चार महीनों में विभिन्न विभागों के
अलग-अलग कंजं इंेमे को पदजमहतंजम करके
श्प्दजमहतंजमक क्ंजं ठंेम डंदंहमउमदज ैलेजमउश् तैयार
किया जाएगा। कृशि, पषुपालन, श्रम और रोज़गार
इत्यादि विभागों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की
क्ठज् उंचचपदह इसी के माध्यम से की जाएगी। इसके
लिए 50 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित है। - राज्य में सभी परिवारों के सदस्यों से
सम्बन्धित सूचना एक प्लेटफॉर्म पर एकत्रित करने के
लिए ‘‘हिम परिवार’’ नाम से रजिस्टंी स्थापना की
प्रक्रिया आरम्भ की गई है। इस रजिस्टर में च्क्ै,
ई-कल्याण एवम् अन्य पोर्टल पर परिवार के सदस्यों
की सूचना को एकीकृत किया जाएगा। इसके अन्तर्गत
प्रत्येक लाभार्थी को एक न्दपुनम प्क् प्रदान किया
जाएगा। इससे प्रदेषवासियों को विभिन्न सरकारी
योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर बहुत कम
समय में मिल पाएगा तथा उन्हें सरकारी कार्यालयों में
चक्कर नहीं लगाने पड़ेगें। अगले चार महीनों में
स्थापित होने वाली इस व्यवस्था के अन्तर्गत सभी
लाभार्थियों को केवल एक ही बार आवष्यक दस्तावेज़
जमा करवाने पडं़ेगे। - प्रदेष में बचे गाँवों को ऑप्टीकल फाइबर
केबल से 4ळ सेवाएं प्रदान करने के लिए इसे बिछाने
का काम षीघ्र आरम्भ कर दिया जाएगा। राज्य के हर
कोने में विष्वसनीय तथा हाईस्पीड कनैक्टीविटी प्रदान
करने की दिषा में यह कारगर कदम होगा। 5ळ सेवाएं
उपलब्ध करवाने की दिषा में भी उपयुक्त कदम उठाए
जाएंगे जिससे प्रदेषवासियों को मिलने वाली षिक्षा,
स्वास्थ्य, परिवहन सेवाएं को और प्रभावी बनाया जा
43
सके। इसके लिए 2023-24 मंे 50 करोड़ रुपये
व्यय किए जाएंगे।
- इस समय राज्य में 5,000 लोकमित्र केन्द्र
काम कर रहे हैं। लोकमित्र केन्द्रों की संख्या को
6,000 किया जाएगा जिससे गाँव में रोज़गार के
अवसर उपलब्ध होंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदेषवासियों
के लिए पदजमतदमज आधारित सेवाओं का विस्तार होगा। - अध्यक्ष महोदय, राजस्व विभाग में वदसपदम
तमहपेजतंजपवद के कार्य को 175 उप-रजिस्टरार कार्यालयों
में सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया जा रहा है।
2023-24 मंे वदसपदम तमहपेजतंजपवद की सुविधा पूरे प्रदेष
में उपलब्ध करवा दी जाएगी। - हमीरपुर जिला में ‘स्वामित्व योजना’ के सफल
कार्यान्वयन के बाद हमारी सरकार द्वारा षेश बचे जिलों
में मार्च, 2024 तक इस कार्य को पूरा करने का
लक्ष्य रखा गया है। इससे सम्बन्धित पक्षों को सम्पति
कार्ड वितरित किए जा सकंेगे। - भ्च् ब्मपसपदह वद स्ंदक भ्वसकपदह ।बजए 1972 में परिवार
में पुत्र को अलग ईकाई माना गया है। लड़कियों को
अलग ईकाई मानने से वंचित रखा गया है। इस
प्रावधान के चलते किसी व्यक्ति को परिवार में उसके
पुत्र को अलग पारिवारिक ईकाई मानते हुए अनुमत
सीमा ;चमतउपेेपइसम सपउपजद्ध से दुगनी भूमि पर स्वामित्व
का अधिकार है। भ्च् ब्मपसपदह वद स्ंदक भ्वसकपदह ।बजए 1972
में संषोधन कर बेटियों को अलग ईकाई बनाया
जाएगा। - लाहौल-स्पिति तथा किन्नौर जिलों में मौसम
की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए भारतीय मौसम
विज्ञान केन्द्र की सहायता से डॉपलर राडार स्थापित
किए जाएंगे। काँगड़ा/हमीरपुर क्षेत्र में एक उच्च
भू-प्रशासन,
सुधार एवम्
आपदा
प्रबन्धन
44
तकनीक ष्म्ंतजीुनंाम स्ंइवतंजवतल बनउ क्ंजं ।दंसलेपे
ब्मदजतमष् स्थापित करने का भी प्रस्ताव है।
- ‘आपदा मित्र योजना’ के अन्तर्गत राश्टंीय
आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण ;छक्ड।द्ध के सहयोग से,
2024 तक हिमाचल प्रदेष में बाढ़, भूस्खलन और
भूकम्प की आषंका वाले 9 संवेदनषील जिलों में
1,500 सामुदायिक स्वयं सेवकों को प्रषिक्षित किया
जाएगा। - फ्रांस के क्मअमसवचउमदज ठंदा . ।थ्क् ;।हमदबम
थ्तंदप्रंपेम कम क्मअमसवचमउमदजद्ध के माध्यम से
800 करोड़ रुपये के क्पेंजमत त्पेा त्मकनबजपवद ंदक
च्तमचंतमकदमेे च्तवरमबज ;क्त्त्च्द्ध को स्वीकृत करवाने में
गति लाई जाएगी। - हमारी सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेष भू-कोड
और भू-अभिलेख मैनुअल का संषोधन किया जाएगा।
30 वर्श पुराने इन नियमों का संषोधन और
सरलीकरण आवष्यक हो गया है। नियमों में संषोधन
करके उनजंजपवद और कमउंतबंजपवद को समयबद्ध किया
जाएगा ताकि आम जनता को राजस्व कार्यालयों में
बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। - अध्यक्ष महोदय, विकट विŸाीय परिस्थितियों के
चलते पहली बार हमारी सरकार द्वारा अतिरिक्त
संसाधन जुटाने के भी प्रयास किए गए हैं, जिनमें से
निम्न मुख्य हैंः-
बिजली बनाने में इस्तेमाल होने वाले पानी
पर ष्ॅंजमत ब्मेेष्ण्
आबकारी नीति में बदलाव करके इसे और
अधिक पारदर्षी बनाया गया है। अब
पारदर्षी और खुली नीलामी के माध्यम से
और भी अधिक राजस्व जुटाया जाएगा।
अतिरिक्त
संसाधन
45
ळैज् मुआवजे के घाटे को कम करने के
लिए श्ळैज् त्मअमदनम म्दींदबमउमदज च्तवरमबजश्
षुरु किया जाएगा। परियोजना से सामान्य
राजस्व वृद्धि के अलावा लगभग 250
करोड़ रुपये की अतिरिक्त राजस्व वृद्धि
अपेक्षित है।
नई योजना ”सद्भावना योजना – 2023“
व्यापारियों, निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और
खुदरा विक्रेताओं को सुविधा प्रदान करने के
लिए इसी वर्श षुरु की जाएगी। इसके
तहत सामान्य बिक्री कर, केन्द्रीय बिक्री कर
और प्रवेष षुल्क इत्यादि अधिनियमों के
तहत लम्बित मामलों को निपटाया जाएगा।
प्रदेष में बिकने वाली षराब पर प्रति
बोतल 10 रुपये ‘दूध सैस’ लगाया
जाएगा, जिससे प्रतिवर्श लगभग 100
करोड़ रुपये की प्राप्ति होगी। इस धनराषि
का उपयोग दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर दूध
उत्पादकों की आय में वृद्धि के लिए किया
जाएगा।
अवैध खनन पर रोक लगाते हुए खनन
द्वारा राजस्व बढ़ाने के लिए प्रयास किए
जाएंगे।
इन प्रयासों से प्रदेष की आम जनता पर कोई
प्रभाव नहीं पड़ेगा। इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए
फिज़ूल खर्ची को रोका जाएगा और सरकारी व्यय का
युक्तिकरण किया जाएगा।
- अध्यक्ष महोदय, युवाओं को रोज़गार प्रदान
करने की गारंटी की कड़ी में, मैं ‘‘मुख्य मन्त्री
रोज़गार संकल्प सेवा’’ षुरु करने की घोशणा करता
हूँ। इसके लिए म्उचसवलउमदज डप्ै ैवजिूंतम में
आवष्यक संषोधन किया जाएगा। इसके माध्यम से
प्रदेष के दूर-दराज़ के क्षेत्रों के युवाओं को प्रदेष, देष
श्रम एवम्
रोजगार
46
और अन्तर्राश्टंीय स्तर पर उपलब्ध रोज़गार अवसरों से
जोड़ा जाएगा, ताकि प्रदेष के युवाओं की उचित श्रवइ
चसंबमउमदज हो सके।
- एक नई पहल के अन्तर्गत युवाओं को विदेषों
में रोज़गार उपलब्ध करवाने के लिए श्रम एवम्
रोज़गार विभाग विभिन्न दूतावासों और वनजेपकम एवम्
वअमतेमंे भ्पउंबींसपे से सम्पर्क करके युवाओं को
अन्तर्राश्टंीय स्तर पर रोज़गार उपलब्ध करवाने के लिए
मदद करेगा। - अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार मादक पदार्थों
की सुनियोजित तस्करी को रोकने एवम् अपराधियों को
पकड़ने के लिए ठोस कदम उठाएगी। मादक पदार्थों की
तस्करी समाज के सामने बहुत बड़ी चुनौती है। नषे
की तस्करी से अर्जित की गई अवैद्य सम्पति को जब्त
करने के लिए मेरी सरकार द्वारा कड़े निर्देष दिए गए
हैं। - षहरी क्षेत्रों में पुलिस कर्मियों को आवासीय
सुविधाएं प्रदान करने के लिए वर्तमान च्वसपबम ैजंजपवद
भवनों के ऊपर अथवा आस-पास की भूमि पर
आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। - हमारी सरकार प्रदेष में कानून एवम् व्यवस्था
बनाए रखने के लिए कृतसंकल्प है। पुलिस के
आधुनिकीकरण पर विषेश बल दिया जाएगा। अपराधियों
एवम् अपराधों तथा खनन सम्बन्धित गतिविधियों पर
कड़ी नज़र रखने के लिए पुलिस फोर्स द्वारा कतवदमे
का प्रयोग किया जाएगा। - अध्यक्ष महोदय, षिमला के ऐतिहासिक बैंटनी
कैसल को जल्द ही पर्यटकों और आम नागरिकों के
लिए खोल दिया जाएगा। बैंटनी कैसल में सैलानियों
के मनोरंजन के लिए वर्चुअल एवम् डिजिटल संग्रहालय
की स्थापना व पार्क के साथ ‘‘मानव संग्रहालय’’
स्थापित किया जाएगा।
गृह/कानून
व्यवस्था
भाषा एवम्
संस्कृति
47
- प्रदेष व देष के विभिन्न राज्यों के प्रमुख षहरों
में हर वर्श ‘‘हिमाचल-उत्सव’’ का आयोजन किया
जाएगा जिनके माध्यम से प्रदेष की संस्कृति एवम्
कला का प्रचार और प्रसार हो सकेगा। - ‘खेलो इण्डिया सेन्टर’ में 30 बिस्तर वाले
खेल छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। खेलो
इण्डिया सेन्टर, बिलासपुर को तत्काल प्रभाव से षुरु
किया जाएगा। - नषा मुक्ति केन्द्रों में स्वास्थ्य तथा पुलिस
विभाग की मदद से खेलों के प्रति जागरुकता षिविर
लगाए जाएंगे ताकि युवाओं को नषे की लत से दूर
रखा जा सके। - अध्यक्ष महोदय, जनजातीय क्षेत्रों का समान
और संतुलित विकास तथा जनजातीय लोगों का
कल्याण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस
उद्देष्य को प्राप्त करने हेतु वित्तीय वर्श 2023-24 में
‘जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम 1⁄4टीएडीपी1⁄2’ के तहत
857 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके अलावा
‘जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम’ के अन्तर्गत केन्द्रीय
योजनाओं में 335 करोड़ रुपये का परिव्यय भी
प्रस्तावित है। - घनाहट्टी, षिमला में जनजातीय अनुसंधान
एवम् प्रषिक्षण संस्थान की स्थापना के कार्य में तेज़ी
लाई जाएगी। - अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार विभिन्न विभागों
में पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित 15 प्रतिषत् पदों को
प्राथमिकता पर भरेगी। - अध्यक्ष महोदय, प्राथमिक कृशि सहकारी
सभाओं की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है। इन
सभाओं के कुषल विŸाीय प्रबन्धन के उद्देष्य से इनके
रिकॉर्ड का कम्प्यूटरीकरण किया जाएगा। पहले चरण में
870 सभाओं का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है।
युवा सेवाएं
एवम् खेल
जनजातीय
विकास
सैनिक
कल्याण
सहकारिता
48
2027 तक सभी सभाओं का कम्प्यूटरीकरण किया
जाएगा।
- प्रदेष के विभिन्न विभागों में कार्यरत पैरा वर्कर्ज़
कई विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में अहम भूमिका
निभा रहे हैं। इन सभी के मानदेय की वृद्धि के लिए
मैं निम्नलिखित घोशणा करता हूँः-
आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 500 रुपये की
बढ़ौतरी के साथ अब 9,500 रुपये
मासिक मानदेय मिलेगा।
मिनि आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मासिक
500 रुपये बढ़ौतरी के साथ अब
6,600 रुपये मिलेंगे।
आँगनवाड़ी सहायिका को प्रतिमाह
500 रुपये की बढ़ौतरी के साथ अब
5,200 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।
आषा वर्कर को 500 रुपये की बढ़ौतरी
के साथ 5,200 रुपये प्रतिमाह मानदेय
मिलेगा।
सिलाई अध्यापिकाओं के मानदेय में
500 रुपये बढ़ौतरी की जाएगी।
मिड डे मील वर्कर्ज़ को 500 रुपये
बढ़ौतरी के साथ 4,000 रुपये प्रतिमाह
मिलेंगे।
वाटर कैरियर 1⁄4षिक्षा विभाग1⁄2 को
500 रुपये बढ़ौतरी के साथ
4,400 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
जल रक्षक को 500 रुपये बढ़ौतरी के
साथ 5,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
जल षक्ति विभाग के डनसजप च्नतचवेम
ॅवतामते को 500 रुपये बढ़ौतरी के साथ
4,400 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
मानदेय
वृद्धि
49
पैरा फिटर तथा पम्प-ऑपरेटर को
500 रुपये बढ़ौतरी के साथ 6,000 रुपये
प्रतिमाह मिलेंगे।
दिहाड़ीदारों को 25 रुपये बढ़ौतरी के साथ
375 रुपये प्रतिदिन दिहाड़ी मिलेगी।
आउटसोर्स कर्मी को अब न्यूनतम 11,250
रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
पंचायत चौकीदार को 500 रुपये की बढ़ौतरी
के साथ 7,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
राजस्व चौकीदार को 500 रुपये बढ़ौतरी के
साथ 5,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
राजस्व लम्बरदार को 500 रुपये बढ़ौतरी के
साथ 3,700 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
ैडब् अध्यापकों के मानदेय में 500 रुपये
प्रतिमाह बढ़ौतरी की जाएगी।
प्ज् ज्मंबीमते को 2,000 रुपये प्रतिमाह
बढ़ौतरी की जाएगी।
ैच्व्े को 500 रुपये प्रतिमाह बढ़ौतरी की
जाएगी।
- प्रत्येक वर्श की भाँति हमारी नई सरकार ने
भी फरवरी माह में माननीय विधायकों के साथ बैठकों
का सफल आयोजन किया। इन बैठकों में सामने आए
सुझावों के आधार पर तथा विकट विŸाीय स्थिति के
दृश्टिगत् मैं निम्न घोशणाएं करता हूँः-
अधिकांष विधान सभा क्षेत्र ‘विधायक
प्राथमिकता योजनाओं’ के लिए निर्धारित
सीमा पार कर चुके हैं तथा कुछ विधान
सभा क्षेत्रों में बहुत कम कार्य हुए हैं। इस
विसंगति को दूर करने के उद्देष्य से,
माननीय विधायकों द्वारा दिए गए सुझावों के
विधायक
प्राथमिकताएं
50
आधार पर, विधायक प्राथमिकता योजनाओं
के लिए षीघ्र ही नए दिषा-निर्देष जारी
किए जाएंगे।
‘विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना’ के
अन्तर्गत 2022-23 की अन्तिम तिमाही
की राषि को विŸाीय संसाधनों की कमी के
चलते रोका गया था। परिस्थितियाँ अभी भी
विकट हैं तथा आने वाले समय में और
गंभीर होने वाली हैं। इसके बावजूद मैं इस
राषि को 2023-24 में 2 करोड़ रुपये से
बढ़ाकर 2 करोड़ 10 लाख रुपये प्रति
विधान सभा क्षेत्र करने की घोशणा करता
हूँ।
विधायक ऐच्छिक निधि को 12 लाख रुपये
से बढ़ाकर 13 लाख रुपये प्रति विधान
सभा क्षेत्र कर दिया जाएगा।
- हमारी सरकार इस वर्श 25 हज़ार विभिन्न
निदबजपवदंस पदों को भरेगीे। सरकार स्वास्थ्य विभाग में
विभिन्न श्रेणियों जिनमें विषेशज्ञ डॉक्टर, डॉक्टर, नर्सें,
रेडियोग्राफर, व्ज् सहायक, स्ंइ टैक्निषियन, फार्मासिस्ट,
डत्प् टैक्निषियन, म्ब्ळ टैक्निषियन तथा अन्य
टैक्निषियनों के पद आदि षामिल हैं, मैडिकल कॉलेजों
में समुचित फैकल्टी, तकनीकी षिक्षा विभाग में विभिन्न
श्रेणियों के अध्यापक एवम् इंस्टंक्टर, षिक्षा विभाग में
विभिन्न वर्गों के षिक्षकों की भर्ती, पुलिस आरक्षी भर्ती,
राजस्व विभाग के कर्मी, पषुपालन विभाग के डॉक्टर व
कर्मी, षहरी निकायों के लिए स्टाफ, पंचायत सचिव,
पंचायतों के लिए तकनीकी सहायक और ग्राम रोज़गार
सहायक, जल षक्ति विभाग में पैरा फिटर, पम्प
ऑपरेटर तथा डनसजप ज्ंेा च्ंतज ज्पउम ॅवतामतेए बिजली
बोर्ड के तकनीकी पद जैसे लाईनमैन, जूनियर ज्.डंजम
इत्यादि, विभिन्न विभागों में लिपिक, श्रव्। ;प्ज्द्ध, आदि
षामिल हैं, को भरेगी।
भर्तियां
51
- आऊटसोर्स कर्मियों को मिलने वाले लाभों को
समय पर प्रदान करने के लिए सभी आवष्यक कदम
उठाए जाएंगे। यह सुनिष्चित किया जाएगा कि इन
कर्मियों का किसी प्रकार से षोशण न हो। इस
सम्बन्ध में आवष्यक दिषा-निर्देष जारी किए जाएंगे। - अध्यक्ष महोदय, अब, मैं 2022-23 के
संषोधित अनुमानों पर आता हूँ। वर्श 2022-23 के
संषोधित अनुमानों के अनुसार कुल राजस्व प्राप्तियाँ
38 हज़ार 945 करोड़ रुपये हैं। 2022-23 के
संषोधित अनुमानों के अनुसार कुल राजस्व व्यय
45 हज़ार 115 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
2022-23 के संषोधित अनुमानों के अनुसार
6 हज़ार 170 करोड़ रुपये का राजस्व कमपिबपज
अनुमानित हैं। - अध्यक्ष महोदय, मैं वर्श 2023-24 के लिए
53 हज़ार 413 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत कर
रहा हूँ। - वर्श 2023-24 में राजस्व प्राप्तियाँ 37 हज़ार
999 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है तथा कुल
राजस्व व्यय 42 हज़ार 704 करोड़ रुपये अनुमानित
है। इस प्रकार कुल राजस्व घाटा 4 हज़ार 704 करोड़
रुपये अनुमानित है। राजकोशीय घाटा 9 हज़ार 900
करोड़ रुपये अनुमानित है जो कि प्रदेष के सकल
घरेलू उत्पाद का 4.61 प्रतिषत् है। - मुझे विष्वास है कि प्रभावी कर अनुपालन,
भारत सरकार के सहयोग तथा बेहतर वित्तीय प्रबन्धन
से संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। - 2023-24 के बजट अनुसार प्रति
100 रुपये व्यय में से, वेतन पर 26 रुपये, पैंषन
पर 16 रुपये, ब्याज अदायगी पर 10 रुपये, ऋण
अदायगी पर 10 रुपये, स्वायत्त संस्थानों के लिए ग्रांट
पर 9 रुपये, जबकि षेश 29 रुपये पूँजीगत कार्यों
बजट
अनुमान
52
सहित अन्य गतिविधियों पर व्यय किए जाएंगे। अगले
वर्श के बजट का पूर्ण विवरण इस मान्य सदन में
प्रस्तुत किए जा रहे विस्तृत बजट दस्तावेज़ों में उपलब्ध
है। इसके अलावा थ्त्ठड ैजंजमउमदज भी बजट के साथ
प्रस्तुत की जा रही है।
- अध्यक्ष महोदय, इस बजट अभिभाशण के
मुख्य बिन्दु अनुबन्ध मंे दर्षाए गए हैं। - अध्यक्ष महोदय, मेरा पहला बजट व्यवस्था
परिवर्तन की दिषा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस
बजट में हसवइंस ूंतउपदह और बसपउंजम बींदहम जैसे
दुश्प्रभावों से बचाव के साथ-साथ प्रदेष को ळतममद
ैजंजम के रूप में विकसित करने के लिए एक नई
दिषा सुझाई गई है। इसमें पर्यटन, परिवहन, सड़के ं
तथा पुल और ऊर्जा के क्षेत्र में पदतिंेजतनबजनतम के
विकास तथा कपहपजप्रंजपवद के माध्यम से स्वास्थ्य, षिक्षा
तथा सरकारी सेवाओं के सुधार पर बल दिया गया है।
इस निवेष के माध्यम से प्रदेष के युवाओं के लिए
अतिरिक्त रोज़गार अवसर उपलब्ध होंगे और विभिन्न
सेवाओं की गुणवŸाा बढ़ेगी। हिमाचल प्रदेष की विकास
प्रक्रिया को समावेषी बनाने के उद्देष्य से सामाजिक
सुरक्षा नैट के विस्तार के लिए इस बजट में
सुख-आश्रय सहित कई और प्रस्ताव रखे गए हैं।
कृशि, बागवानी, पषुपालन तथा मत्स्य क्षेत्रों में की
गईं पहलें किसानों व बागवानों की आय में वृद्धि के
साथ-साथ इन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव लाएंगी।
विकास नीति में यह बदलाव प्रदेष की आर्थिकी में
मजबूती लाएगा और प्रदेषवासियों के भविश्य को
हरित, समृद्ध और स्वस्थ बनाएगा।
अध्यक्ष महोदय, इसी के साथ मैं यह बजट
माननीय सदन के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करता हूँ।
जय हिन्द-जय हिमाचल
53
बजट सांराष
बजट के मुख्य बिन्दु
- 53 हज़ार 413 करोड़ रुपये का बजट आकार
प्रस्तावित। - 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल प्रदेष का ळतममद
म्दमतहल ैजंजम के रूप में विकास - पर्यटन विकास को प्राथमिकता
- ॅवतसक ब्संेे ज्मबीदवसवहल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं
का विस्तार - षिक्षा में गुणवत्ता व सुधार के लिए नई पहल
- सामाजिक सुरक्षा दायरे का विस्तार
- कृशि, बागवानी, पषुपालन एवम् मत्स्य क्षेत्र में नए
अवसर - आधारभूत संरचना एवम् निजी निवेष को प्रोत्साहन
- डिजिटाईज़ेषन
- पैरा वर्करज़, मनरेगा कामगार, छोटे दुकानदार तथा
अन्य वर्गों का कल्याण - अतिरिक्त संसाधन जुटाने के प्रस्ताव।
- ळतममद म्दमतहल का विस्तार
हिमाचल प्रदेष का 31 मार्च, 2026 तक ळतममद
म्दमतहल ैजंजम के रूप में विकास।
वर्श 2023-24 में 500 मेगावाट सौर ऊर्जा
परियोजनायें स्थापित करने का लक्ष्य।
प्रदेष के युवाओं को उनकी अपनी अथवा लीज़ पर ली
गई भूमि पर 250 किलोवाट से 2 मैगावाट तक की
54
सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 40
प्रतिषत् अनुदान।
हिमाचल प्रदेष को ष्डवकमस ैजंजम वित म्समबजतपब टमीपबसमेष् के
रूप में विकसित किया जाएगा। निजी व सरकारी क्षेत्र
के सहयोग से चरणबद्ध तरीके से म्समबजतपब वाहनों को
प्रोत्साहन दिया जाएगा।
प्रथम चरण में 6 राश्टंीय एवम् राज्य उच्च मार्गों का
मसमबजतपब वाहनों के माध्यम से ळतममद ब्वततपकवत के रूप
में विकास।
च्तपअंजम ठने व्चमतंजवते को म.इने, तथा च्तपअंजम ज्तनबा
व्चमतंजवते को म.जतनबा खरीद के लिए 50 प्रतिषत की
दर से अधिकतम 50 लाख रुपये तक का उपदान।
च्तपअंजम व्चमतंजवते को ब्ींतहपदह ैजंजपवद स्थापित करने के
लिए 50 प्रतिषत का उपदान।
हिमाचल पथ परिवहन निगम की 1,500 डीज़ल बसों
को ई-बसों से चरणबद्ध ढंग से बदलने के लिए
1,000 करोड़ रुपये का व्यय।
20 हज़ार मेधावी छात्राओं को म्समबजतपब ैबववजल पर 25
हज़ार रुपये तक का उपदान।
हिमाचल प्रदेष को अग्रणी ळतममद भ्लकतवहमद अर्थव्यवस्था
बनाने के लिए ळतममद भ्लकतवहमद नीति बनाई जाएगी।
हाईडंो पावर में 1,000 मैगावाट के प्रोजैक्टों का कार्य
पूरा।
प्रत्येक जिले की दो पंचायतों को पायलट आधार पर
ळतममद पंचायतों में विकसित किया जाएगा।
विष्व बैंक की सहायता से 2,000 करोड़ रुपये की
लागत से ”हिमाचल प्रदेष पावर सैक्टर डवैलपमेंट
प्रोग्राम“ आरम्भ किया जाएगा।
55
भ्च्ज्ब्स् द्वारा 464 करोड़ रुपये की लागत से 6 म्भ्ट
सब-स्टेषनों, 5 टंांसमिषन लाईनों व एक ‘संयुक्त
नियंत्रण केन्द्र’ के निर्माण कार्य को पूर्ण किया जाएगा।
ऊर्जा के क्रय-विक्रय के दक्ष प्रबन्धन हेतु ष्ब्मदजतंसप्रमक
ब्मससष् स्थापित किया जाएगा।
- पर्यटन विकास
मंडी एवम् काँगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए
भू-अधिग्रहण प्रक्रिया आरम्भ की जाएगी।
जिला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जाएगा।
संजौली और बद्दी से हैलीटेक्सी का संचालन षीघ्र षुरू
किया जाएगा।
काँगड़ा जिला को हिमाचल प्रदेष के ष्ज्वनतपेउ ब्ंचपजंसष् के
रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें षामिल होंगेः-
प्दजमतदंजपवदंस ेजंदकंतक के गोल्फ़ कोर्स का
निर्माण।
स्थानीय कला एवम् संस्कृति को प्रोत्साहित करने
के लिए ‘पर्यटक ग्राम’ की स्थापना।
वरिश्ठ नागरिकों के लिए व्सक ।हम भ्वउम विकसित
किए जाएंगे।
आइस स्केटिंग एवम् रोलर स्केटिंग रिंक का
निर्माण।
पौंग डैम में वॉटर स्पोर्टस, षिकारा, क्रूज़, यॉट
इत्यादि की व्यवस्था।
बनखण्डी में 300 करोड़ रुपये की लागत से
चिड़ियाघर का निर्माण।
।क्ठ के माध्यम से 1,311 करोड़ रुपये की लागत से
पर्यटन विकास योजना के अन्तर्गत काँगड़ा, हमीरपुर,
कुल्लू, षिमला, मंडी सहित अन्य जिलों में भ्मतपजंहम
56
ैपजमे के सौन्दर्यकरण, मबव जवनतपेउ एवम् पर्यटन
सुविधाओं के लिए कार्ययोजना।
प्रदेष के युवाओं को पर्यटन एवम् आतिथ्य क्षेत्र में
कौषल विकास के लिए वाकनाघाट में 68 करोड़ रुपये
से ”उत्कृश्ट केन्द्र“ के निर्माण कार्य को पूरा किया
जाएगा।
- स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण एवम् विस्तार
सभी मैडिकल कॉलेजों में चरणबद्ध तरीके से त्वइवजपब
ैनतहमतल की सुविधा।
100 करोड़ रुपये की लागत से मैडिकल कॉलेज
हमीरपुर, नाहन व चम्बा के भवनों के कार्य पूरा करके
उनका लोकार्पण किया जाएगा तथा इनमें नर्सिंग कॉलेज
आरम्भ किए जाएंगे।
प्रदेष के सभी मैडिकल कॉलेजों में बंेनंसजल विभाग को
नचहतंकम करके म्उमतहमदबल डमकपबपदम क्मचंतजउमदज स्थापित
किया जाएगा।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक स्वास्थ्य संस्थान को
”आदर्ष स्वास्थ्य संस्थान“ के रूप में विकसित किया
जाएगा।
मैडिकल कॉलेज हमीरपुर में 50 करोड़ रुपये की
लागत से कैंसर केयर के लिए एक ष्ब्मदजतम व
िम्गबमससमदबमष् व छनबसमंत डमकपबपदम क्मचंतजउमदज की
स्थापना।
सभी मैडिकल कॉलेजों में च्म्ज् ैबंद सुविधा।
स्वास्थ्य संस्थानों के लिए उचित मूल्य पर अच्छी
फनंसपजल की दवाईयां, मषीनरी व उपकरण की खरीद व
आपूर्ति के लिए श्भ्पउंबींस च्तंकमेी डमकपबंस ैमतअपबमे
ब्वतचवतंजपवदश् की स्थापना।
57
टाईप-1 षुगर से पीड़ित गर्भवती महिलाओं व बच्चों को
संक्रमण से बचाने के लिए इन्सुलिन पम्प उपलब्ध
करवायें जाएंगे।
- षिक्षा में सुधार एवम् आवष्यक अधोसंरचना का
विस्तार
फनंसपजंजपअम षिक्षा सुधार हेतु कार्ययोजना बनाई जाएगी।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ”राजीव गांधी गर्वनमेंट
मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल“ खेल सुविधाओं, स्वीमिंग पूल
इत्यादि सहित खोले जाएंगे।
प्रदेष के युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
हेतु आवष्यक पुस्तकों सहित पुस्तकालयों का निर्माण व
नेषनल डिजिटल लाईब्रेरी की ंबबमेे प्रदान की जाएगी।
महाविद्यालयों में वर्श में दो बार रोज़गार मेलों तथा
ैचमबपंस च्संबमउमदज क्तपअम का आयोजन।
षिक्षा में गुणवत्ता सुधारने तथा प्दवितउंजपवद ंदक
ब्वउउनदपबंजपवद ज्मबीदवसवहल उपयोग करने के लिए
प्रत्येक सीनियर सैकेण्डरी स्कूल में लाईब्रेरी की स्थापना,
10 हज़ार मेधावी छात्रों को ज्ंइसमजेए 762 स्कूलों में
ष्प्ब्ज् योजना’ के अन्तर्गत क्पहपजंस भ्ंतकूंतम तथा
ैवजिूंतमए 17 हज़ार 510 प्राईमरी रेगुलर अध्यापकों के
लिए ज्ंइसमजे तथा 40 हज़ार बच्चों के लिए डैस्क की
व्यवस्था।
स्पोटर्स होस्टल में रह रहे खिलाड़ियों की डाईट मनी को
बढ़ाकर 240 रुपये प्रतिदिन किया जाएगा।
तकनीकी षिक्षा संस्थानों में टंसनम ।ककमक ब्वनतेम जैसे
त्वइवजपबेए ठसवबा.बींपद ज्मबीदवसवहलए ब्लइमत ैमबनतपजलए ब्सवनक
ब्वउचनजपदहए क्ंजं ।दंसलजपबेए ।तजपपिबपंस प्दजमससपहमदबम और
डंबीपदम स्मंतदपदहए म्समबजतपब टमीपबसमे डमबींदपबए
डंपदजमदंदबम डमबींदपबए ैवसंत ज्मबीदपबपंदए क्तवदम
58
ज्मबीदपबपंदए डमबींजतवदपबे तथा प्दजमतदमज व िज्ीपदहे
ज्मबीदपबपंद आदि के कोर्स।
प्रदेष के 11 राजकीय प्ज्प्े में डंोन सर्विस टैक्निषियन
कोर्स चरणबद्ध तरीके से षुरू किए जाएंगे।
विष्व बैंक की ैज्त्प्टम् परियोजना में 12 प्ज्प्ेए में
सुविधाओं और प्दतिंेजतनबजनतम को उन्नत किया जाएगा।
4 इंजीनियरिंग कॉलेजों और 8 पॉलीटेक्निकों में
‘‘डम्त्प्ज्म् योजना’’ को आगामी पाँच वर्शों में लागू
किया जाएगा।
कौषल विकास निगम द्वारा डंोन, ष्म्समबजतपब टमीपबसमेष्
एवम् सौर ऊर्जा क्षेत्रों में 500-500 युवाओं को
प्रषिक्षण।
- सामाजिक सुरक्षा दायरे का विस्तार
गारंटी को कार्यान्वित करने के लिए 2.31 लाख
महिलाओं को 416 करोड़ रुपये प्रतिवर्श के व्यय से
1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से मासिक पैंषन दी
जाएगी।
अनाथ, अर्ध-अनाथ और विषेश रूप से विकलांग बच्चों,
निराश्रित महिलाओं और बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए ”मुख्य
मन्त्री सुख-आश्रय योजना“। इस योजना के अन्तर्गत
लाभान्वित होने वाले 27 वर्श की आयु तक के अनाथ
बच्चे/व्यक्ति ष्ब्ीपसकतमद व िैजंजमष् कहलाएंगे तथा इनके
लिए ”सरकार ही माता – सरकार ही पिता“ का
दायित्व निभाएगी।
इस योजना के लिए 101 करोड़ रुपये की राषि से
मुख्य मन्त्री सुख-आश्रय कोश, बच्चों, निराश्रित
महिलाओं व बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए आश्रय गृहों को
अत्याधुनिक सुविधाओं सहित अपग्रेड किया जाना,
सुन्दरनगर एवम् ज्चालामुखी में ”आदर्ष ग्राम
सुख-आश्रय परिसर“ का निर्माण, सरकारी गृहों में
59
बेहतर सुविधाएं तथा गुणवत्ता षिक्षा, कैरियर परामर्ष
आदि सुविधाएं। अनाथ बच्चों को वर्श में एक बार राज्य
के बाहर षैक्षणिक दौरों पर भी ले जाया जाएगा तथा
उनको हवाई यात्रा तथा 3 स्टार होटल में रहने की
सुविधा भी।
18 से 27 वर्श की आयु वर्ग के अनाथ व्यक्तियों को
षिक्षा, छात्रावास, व्यवसायिक प्रषिक्षण व कौषल विकास
का व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन।
युवाओं को प्रदेष, देष व अन्तर्राश्टंीय स्तर पर रोज़गार
अवसर प्रदान करने के लिए ”मुख्य मन्त्री रोज़गार
संकल्प सेवा“ योजना।
विधवाओं एवम् दिव्यांगजनों को पैंषन पाने के लिए
आय सीमा समाप्त।
दिव्यांगजन ”राहत भत्ता योजना“ के तहत 9,000 नए
लाभार्थियों को लाभ।
सामाजिक सुरक्षा पैंषन के अन्तर्गत 40 हज़ार नए
पैंषन मामले।
7,000 विधवाओं और एकल नारियों को घर बनाने के
लिए एक नई योजना ”मुख्य मन्त्री विधवा एवम् एकल
नारी आवास योजना“।
गरीब बच्चों को उच्च षिक्षा के लिए ”मुख्य मन्त्री
विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’’ के अन्तर्गत ऋण के ब्याज
पर उपदान।
20 हज़ार मेधावी छात्राओं को म्समबजतपब ैबववजल पर 25
हज़ार रुपये तक का उपदान।
”मुख्य मन्त्री सुरक्षित बचपन अभियान“ आरम्भ।
”नषा एवम् मादक पदार्थ मुक्त हिमाचल अभियान“ का
आरम्भ।
मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने व अपराधियों को
पकड़ने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे तथा नषे की
60
तस्करी से अर्जित अवैध सम्पति को जब्त किया
जाएगा।
- किसानों, बागवानों, पषुपालकों एवम् मत्स्य क्षेत्र में
नए अवसर
ब्सनेजमत ।चचतवंबी के आधार पर कृशि के समग्र विकास
के लिए, एकीकृत ”हिम उन्नति“ योजना।
”मुख्य मन्त्री खेत संरक्षण योजना“ के अन्तर्गत
जालीदार बाड़ पर उपदान।
ष्ैनइ.डपेेपवद वद ।हतपबनसजनतम डमबींदप्रंजपवदष् के अन्तर्गत
किसानों को टैंक्टर पर 50 प्रतिषत उपदान।
कृशि, पषुपालन, बागवानी तथा मत्स्य क्षेत्र में ैजंतज.नचे
को प्रोत्साहित करने के लिए 2 प्रतिषत की दर से
ऋण।
दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ”हिम-गंगा“।
मिल्क प्रौसेसिंग प्लांट स्थापित तथा स्तरोन्नत किए
जाएंगे।
44 मोबाईल वैनज़ के माध्यम से पषु चिकित्सा सेवा।
1,292 करोड़ रुपये से ”हिमाचल प्रदेष षिवा
परियोजना“ के अन्तर्गत प्रदेष के 7 जिलों में बागवानी
का विकास।
थ्च्व्े के सहयोग से ग्रेडिंग/पैकिंग हाऊस, व कोल्ड स्टोर
स्थापित किए जाएंगे।
थ्पेी थ्ंतउपदह के लिए नई तकनीकों पर आधारित
कार्ययोजना। 120 नई टंाउट इकाईयों सहित निजी क्षेत्र
में 20 हैक्टेयर नए मछली तालाबों का निर्माण।
मछुआरों को 1,000 फेंकवा जाल ;ब्ंेज छमजद्ध उपदान
पर।
मछली तालाबों के निर्माण हेतु 80 प्रतिषत उपदान।
61
मछली पालन से जुडे़ किसानों को प्रषिक्षण हेतु ब्ंतच
थ्ंतउ ळंहतमज में प्रषिक्षण केन्द्र की स्थापना।
- आधारभूत संरचना एवम् निजी निवेष को प्रोत्साहन
”राजीव गांधी स्वरोज़गार योजना“ के अन्तर्गत
स्वरोज़गार हेतु क्मदजंस ब्सपदपबे में मषीनरी एवम् औजार,
मत्स्य इकाईयों, ई-टैक्सी तथा 1 मैगावाट तक के
सोलर पावर प्रोजेक्टस सम्मिलित। ई-टैक्सी पर मिलने
वाला उपदान सभी वर्गों के लिए 50 प्रतिषत होगा।
”नई ओद्यौगिक नीति“ तथा निवेषकों की सुविधा के
लिए श्ठनतमंन व िप्दअमेजउमदज च्तवउवजपवदश् की स्थापना।
2023-24 में 20 हज़ार करोड़ रुपये के निजी निवेष
के साथ 90,000 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोज़गार के
अवसर।
‘एक जिला एक उत्पाद’ को प्रोत्साहित करने के उद्देष्य
से श्न्दपजल डंससश् का निर्माण।
प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के
लिए 50 ‘हिम-ईरा’ दुकानें स्थापित की जाएंगी।
15 अगस्त, 2023 तक षेश बचे 1,040 ‘अमृत
सरोवरों’ का निर्माण पूरा किया जाएगा।
500 चिन्हित बस रूटों पर युवाओं को ई-वाहन चलाने
के लिए परमिट।
12 बस अड्डांे का निर्माण।
हमीरपुर में 10 करोड़ रुपये की लागत से ठने च्वतजण्
षहरी क्षेत्र में पार्किंग की समस्या से निजात दिलवाने
के लिए बड़े पार्किंग स्थलों का च्च्च् डवकम में निर्माण।
षिमला में पायलट आधार पर डनसजप न्जपसपजल क्नबज का
निर्माण तथा विभिन्न यूटिलिटी लाईनों को बिछाने के
लिए नीति।
62
”प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना ;च्डळैल्द्ध प् व प्प्श् के
अन्तर्गत 150 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण, 650
किलोमीटर सड़कों का उन्नयन, 200 किलोमीटर सड़कों
पर क्रॉस डंेनेज कार्य व 9 पुलों का निर्माण।
च्डळैल्.प्प्प् के अन्तर्गत 422 करोड़ रुपये की लागत से
440 किलोमीटर लम्बी 45 सड़कें स्वीकृत।
178 किलोमीटर लम्बाई के 5 राश्टंीय उच्च मार्गों को
2 लेन से 4 लेन स्तरोन्नत करने के लिए 4 हज़ार
700 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को प्रेशित।
नाबार्ड ;त्प्क्थ्द्ध के अन्तर्गत 250 किलोमीटर नई सड़कों,
350 किलोमीटर क्रॉस डंेनेज, 425 किलोमीटर पक्की
सड़कों व 27 पुलों का निर्माण।
ब्त्प्थ् के अन्तर्गत 500 करोड़ रुपये की 5 सड़कें/ पुल
परियोजनाएं भारत सरकार को वित्त पोशण हेतु प्रेशित।
”मुख्य मन्त्री सड़क एवम् रख-रखाव योजना“ का
आरम्भ।
पेयजल एवम् सिंचाई परियोजनाओं के प्राक्कलन में
ेवनतबम ेनेजंपदंइपसपजल के लिए कुल परियोजना लागत का
10 प्रतिषत् प्रावधान।
प्रदेष के 5 षहरों मनाली, बिलासपुर, पालमपुर, नाहन
व करसोग में सीवरेज स्कीमों का निर्माण।
पेजयल, सिंचाई तथा सीवरेज स्कीमों के रख-रखाव
एवम् परिचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 5 हज़ार
पद भरे जाएंगे।
जाठिया देवी, षिमला में नए षहर का विकास।
- डिजिटाईजेषन एवम् गर्वनेंस
प्रदेष सचिवालय, सभी निदेषालयों तथा उपायुक्त
कार्यालयों में ई-ऑफिस की व्यवस्था।
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‘मुख्यमन्त्री सेवा संकल्प हेल्पलाईन’ के लिए ॅींजेंचच
व स्वचालित ब्ींज ठवज का उपयोग।
आवारा पषुओं की सूचना के लिए एक नई मोबाईल
ऐप का ‘मुख्यमन्त्री सेवा संकल्प हेल्पलाईन’ के साथ
एकीकरण।
लाभार्थियों को विभिन्न लाभ बिना किसी देरी के सीधे
पहँुचाने के लिए क्ठज् च्वतजंस ।
डंोन व डंोन प्रौद्योगिकी उद्योग के लिए एक व्यापक
नीति व डंोन-सक्षम षासन।
श्ैजंजम क्ंजं ब्मदजतमश् का विस्तार।
परिवारों से सम्बन्धित आवष्यक सूचना के साथ ”हिम
परिवार“ की स्थापना। इससे विभिन्न सरकारी योजनाओं
का लाभ लेने में सुविधा होगी।
प्रदेष में 4ळ तथा 5ळ सेवाओं का विस्तार।
लोकमित्र केन्द्रों की संख्या बढ़कर 6,000 होगी।
प्राथमिक कृशि सहकारी सभाओं का कम्प्यूटरीकरण।
- पैरा वर्करज़, मनरेगा कामगार, छोटे दुकानदार तथा
अन्य वर्गों का कल्याण
बढ़े हुए मानदेय के साथ आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को
अब 9,500 रुपये मासिक, मिनि आँगनवाड़ी
कार्यकर्ताओं को 6,600 रुपये, आँगनवाड़ी सहायिका
को 5,200 रुपये, आषा वर्कर को 5,200 रुपये,
मिड डे मील वर्कर्ज़ को 4,000 रुपये, वाटर कैरियर
1⁄4षिक्षा विभाग1⁄2 को 4,400 रुपये, जल रक्षक को
5,000 रुपये, जल षक्ति विभाग के डनसजप च्नतचवेम
ॅवतामते को 4,400 रुपये, पैरा फिटर तथा
पम्प-ऑपरेटर को 6,000 रुपये, दिहाड़ीदारों को 25
रुपये बढ़ौतरी के साथ 375 रुपये प्रतिदिन दिहाड़ी,
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आउटसोर्स कर्मी को अब न्यूनतम 11,250 रुपये,
पंचायत चौकीदार को 7,000 रुपये, राजस्व चौकीदार
को 5,500 रुपये, राजस्व लम्बरदार को 3,700 रुपये
प्रतिमाह मिलेंगे। इसके साथ सिलाई अध्यापिकाओं के
मानदेय में 500 रुपये, ैडब् अध्यापकों के मानदेय में
500 रुपये, प्ज् ज्मंबीमते को 2,000 रुपये, ैच्व्े को
500 रुपये प्रतिमाह बढ़ौतरी दी जाएगी।
पंचायती राज संस्थाओं में जिला परिशद के अध्यक्षों
एवम् उपाध्यक्षों के मानदेय में 5,000 रुपये, सदस्य
जिला परिशद, अध्यक्ष, पंचायत समिति, उपाध्यक्ष पंचायत
समिति, सदस्य, पंचायत समिति, प्रधान व उप प्रधान
ग्राम पंचायत के मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह की
वृद्धि के साथ सदस्य ग्राम पंचायत को प्रति बैठक
मिलने वाले मानदेय में 200 रुपये की वृद्धि।
स्थानीय नगर निकायों में महापौर एवम् उप-महापौर
नगर निगम के मानदेय मंे 5,000 रुपये, काऊंसलर
नगर निगम, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवम् पार्शद नगर परिशद
तथा प्रधान, उप-प्रधान एवम् सदस्य नगर पंचायत के
मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि।
मनरेगा दिहाड़ी में 28 रुपये की बढ़ौतरी की जाएगी।
इससे लगभग 9 लाख मनरेगा मजदूरों को लाभ
मिलेगा। बढ़ी हुई दिहाड़ी पर 100 करोड़ रुपये राज्य
सरकार वहन करेगी।
”मुख्य मन्त्री लघु दुकानदार कल्याण योजना“ के
अन्तर्गत छोटे दुकानदारों जैसे दर्जी, नाई, चाय वाले,
रेड़ी-फड़ी वाले इत्यादि को 50 हज़ार रुपये तक के
ऋण पर लगने वाले ब्याज का 50 प्रतिषत उपदान
दिया जाएगा।
- अन्य
‘विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना’ की राषि अब प्रति
विधान सभा क्षेत्र 2 करोड़ 10 लाख रुपये होगी।
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‘विधायक ऐच्छिक निधि’ को बढ़ाकर 13 लाख रुपये
किया गया।
‘विधायक प्राथमिकता योजनाओं’ के लिए माननीय
विधायकों द्वारा प्राप्त सुझावों के आधार पर नए
दिषा-निर्देष जारी किए जाएंगे।
सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध खनन् पर अंकुष लगाने के
लिए ष्थ्सलपदह ैुनंकष् का गठन।
भ्त्ज्ब् द्वारा बसों, चार्जिंग स्टेषन व अन्य सुविधाओं की
जानकारी के लिए ळप्ै इंेमक ”व्हीकल लोकेषन ऐप“।
राजस्व विभाग में व्दसपदम त्महपेजतंजपवद के कार्य को पूरे
प्रदेष में किया जाएगा।
‘स्वामित्व योजना’ को षेश बचे जिलों में मार्च, 2024
तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
”हिमाचल प्रदेष भू-जोत अधिकतम सीमा अधिनियम,
1972“ में संषोधन कर बेटियों को अलग इकाई
बनाया जाएगा।
लाहौल-स्पिति व किन्नौर जिलों में मौसम की जानकारी
के लिए डॉपलर राडार स्थापित किए जाएंगे।
‘आपदा मित्र योजना’ के अन्तर्गत बाढ़, भूस्खलन व
भूकम्प की आषंका वाले जिलों में 1,500 सामुदायिक
स्वयं सेवकों को प्रषिक्षित किया जाएगा।
थ्वतमेज ब्समंतंदबम बंेमे के षीघ्र निपटान के लिए जिला
स्तरीय समीतियों का गठन।
श्डनाीलं डंदजतप ळतममद ब्वअमत डपेेपवदश् के अन्तर्गत
जलवायु अनुकूल हरित आवरण।
आम जनता की सुविधा व प्रक्रिया में सरलीकरण के
उद्देष्य से हिमाचल प्रदेष भू-कोड व भू-अभिलेख
मैनुअल का संषोधन।
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षहरी क्षेत्रों में पुलिस कर्मियों को आवासीय सुविधा।
अपराधों तथा खनन गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखने
के लिए पुलिस विभाग द्वारा डंोनज़ का प्रयोग।
प्रदेष की संस्कृति एवम् कला के प्रचार व प्रसार के
लिए राज्यों के प्रमुख षहरों में ”हिमाचल उत्सव“ का
आयोजन।
25,000 सरकारी पदों पर भर्ती।
- अतिरिक्त संसाधन
ळैज् मुआवजे़ के घाटे को कम करने के लिए श्ळैज्
त्मअमदनम म्दींदबमउमदज च्तवरमबजश् ।
‘सद्भावना योजना 2023’ के अन्तर्गत व्यापारियों,
निर्माताओं, थोक व खुदरा विक्रेताओं के विभिन्न
अधिनियमों के तहत लम्बित मामलों को निपटाया
जाएगा।
आबकारी नीति को पारदर्षी बनाने के लिए बदलाव।
षराब पर प्रति बोतल 10 रुपये ”दूध सेस“। जिसका
प्रयोग दूध उत्पादकों की आय में वृद्धि के लिए किया
जाएगा।
बिजली बनाने के लिए लगने वाले पानी पर ‘वॉटर
सैस’।
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