पुराने भवन में ही लग रही ओपीडी
नालागढ़ (बद्दी), 25 नवंबर,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा।
करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बद्दी का नया नागरिक अस्पताल उद्घाटन के छह/सात दिन बाद भी मरीजों के लिए शुरू नहीं हो पाया है।
लोगों ने बताया कि भव्य कार्यक्रम के साथ लोकार्पण होने के बावजूद अस्पताल में न तो चिकित्सा सेवाएं शुरू की गई हैं और न ही आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त हो सकी हैं। लोगों की माने तो परिणामस्वरूप मरीजों को आज भी उपचार के लिए पुराने भवन में ही ओपीडी के बाहर लाइनें लगानी पड़ रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने बिना आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जल्दबाजी में उद्घाटन कर दिया, लेकिन अधूरी तैयारियों के चलते नया अस्पताल अब “सफेद हाथी” साबित हो रहा है। अस्पताल में न तो आवश्यक स्टाफ तैनात है और न ही मशीनरी एवं आवश्यक उपकरण स्थापित किए गए हैं।
नगर परिषद बद्दी की पूर्व चेयरमैन उर्मिला गुरमेल चौधरी ने कहा कि यह बद्दी–नालागढ़ की जनता के साथ सरासर धोखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिलान्यास और उद्घाटन की राजनीति में उलझी हुई है, जबकि जनता की वास्तविक जरूरतों की अनदेखी की जा रही है।
उनके अनुसार कांग्रेस सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर है, और नया अस्पताल इसका ताजा उदाहरण है।
उर्मिला चौधरी ने कहा कि जनता को उम्मीद थी कि नए अस्पताल के शुरू होने से आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन उद्घाटन के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में अभी तक पर्याप्त सफाई कर्मचारी, सिक्योरिटी और रेडियोलॉजिस्ट सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती नहीं की गई है।
उन्होंने बद्दी क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले 33 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद सीवरेज का काम पूरा नहीं हुआ और अब 37 करोड़ रुपये की नई डीपीआर के तहत फिर शिलान्यास कर दिया गया है।
करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद व्यवस्था सुधार न होना अनियमितताओं और लापरवाही की ओर संकेत करता है, जिसकी जांच आवश्यक है।
स्थानीय लोगों और अस्पताल आने वाले मरीजों में नाराज़गी साफ देखी जा रही है। जनता की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द नया अस्पताल पूर्ण रूप से संचालन में लाए, स्टाफ की नियुक्ति सुनिश्चित करे और उद्घाटन को केवल औपचारिकता बनाने की बजाय इसे वास्तविक रूप से जनता के बनाए।









