शिमला 15 अप्रैल,
हिम नयन न्यूज /ब्यूरो /नयना वर्मा
दुनिया के साथ साथ भारत के पहाडी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी “डिजिटल न्यूज पब्लिकेशन” के पाठको की संख्या बढने लगी है और दिन प्रतिदिन प्रिंट मीडिया की ओर लोगो का रूझान कम होने लगा है । मिली जानकारी के मुताबिक एक आयु विशेष के पाठक वर्ग को छोड कर युवाओ में प्रिंट मीडिया की ओर रूझान कम होने लगा है । राजनीति करने वाले नेतागण भी इस तथ्य से वाकिफ है और अपने प्रचार प्रसार के लिए डिजिटल मीडिया का प्रयोग करने लगे है ।
यह दीगर बात है कि सरकारी तन्त्र अभी तक डिजिटल मीडिया को किसी भी तरह की नियमावली तय नही कर पा रही है । हिमाचल मंे पिछले कई सालो से डिजीटल मीडिया से जुडे पत्रकार अपने लिए सरकार से मान्यता के लिस संघर्ष कर रहे है जो अभी भी किसी मंच पर मान्य नही हो पाया है । हिमाचल में भाजपा की सरकार के दौरान भी यह मांग उठती रही और वर्तमान कांग्रेस सरकार में भी स्थिति यथावत बनी हुई है ।
डिजीटल मीडिया ने सरकार की उपलब्धियो व निर्णयो को भी पाठको को एक दिन का इन्तजार करवाने के बजाए तुरन्त परोसा जा रहा है । पाठक इस बात की सराहना करता है लेकिन इस कार्य से जुडे लोगो के प्रति सरकार कोई ठोस नीति नही बना पा रही है ्र जिस से डिजीटल मीडिया से जुडे पत्रकारो में निराशा देखने को मिल रही है ।
हिम नयन न्यूज, (डिजीटल न्यूज पब्लिकेशन ),ने इस के लिए आज से एक विशेष मुहिम शुरू करने का निर्णय लिया है जिस के लिए प्रदेश भर के लेखको व पत्रकारो के विचारो को नियमित रूप से प्रकासित किया जाएगा । इस के लिए हिम नयन न्यूज के सम्पादक के नाम वाटसैप नम्बर 9418450853 अथवा ई मेल पर कोई भी अपने लेख प्रेषित कर सकते है जिन्हे उचित स्थान प्रदान किया जाएगा ।
हिमाचल पहाडी क्षेत्र में पत्रकारिता का डिजीटिलाईजेशन होना वर्तमान युग की प्रतिस्पर्धा के लिए एक अहम कदम है दुनिया भर में आपके प्रदेश की एतिहासिक विरासत से ले कर सरकार के निर्णय व उपलब्धियो को तंुरन्त पाठको तक पहंचाने का कार्य बखूबी हो रहा है । यह बात अलग है कि सरकार अभी भी इस कार्य से लगे एक समूह को बडे बडे प्रिंट मीडिया घरानो के चलते मान्यता देने में असमर्थ है ,लेकिन समय के साथ साथ सब बदलता है सरकारे बदलती है तो सरकारे इस बारे में अपनी राय भी बदलेगी । आप सभी से आग्रह है कि अपने अपने विचार एक लेख के रूप में प्रकाशित करने के लिए हिम नयन न्यूज के पास अवश्य भेजे जिस से इस बारे में सरकारी तन्त्र की राय भी बन पाएगी ।










