शिमला, 22 अप्रैल ,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सहारा पेंशन योजना को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है।

शिमला से जारी बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि “सुख की सरकार” लोगों को मृत घोषित कर उनकी पेंशन बंद कर रही है, जो अत्यंत शर्मनाक और संवेदनहीन कदम है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई सहारा पेंशन योजना से प्रदेश के 30,000 से अधिक जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल रहा था, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह योजना लगभग ठप हो गई है। उन्होंने दावा किया कि कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां पात्र लोगों की पेंशन महीनों से बंद है और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए यह पेंशन जीवन का एकमात्र सहारा होती है, जिससे उनकी दवाइयों और देखभाल का खर्च चलता है। ऐसे में सरकार द्वारा उन्हें जीवित होते हुए भी मृत घोषित करना अमानवीय है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मुद्दे को कुटिलता से नहीं बल्कि संवेदनशीलता के साथ संभाला जाए और सत्यापन का कार्य स्वयं सरकार द्वारा किया जाए।

नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि चल-फिरने में असमर्थ लोगों पर “बर्डन ऑफ प्रूफ” डालना अनुचित है।
सरकार को चाहिए कि वह खुद उनके पास जाकर स्थिति का सत्यापन करे, न कि उन्हें दफ्तरों के चक्कर लगाने पर मजबूर करे।
इसके अलावा जयराम ठाकुर ने प्रदेश में बढ़ते शुल्कों को लेकर भी सरकार की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि “सुख की सरकार” अब “शुल्क की सरकार” बन गई है। अस्पतालों से लेकर सर्किट हाउस और पर्यटन निगम के होटलों तक हर जगह शुल्क बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों में बेड शुल्क, जांच सेवाएं, ऑपरेशन, आईसीयू, एनेस्थीसिया और अन्य मेडिकल सुविधाओं के दामों में भारी वृद्धि की गई है, जिससे मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जयराम ठाकुर ने सरकार से अपील की कि वह जनहित में लिए गए निर्णयों पर पुनर्विचार करे और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए।









