चंडीगढ़ 22 मई,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा

चंडीगढ़ स्थित Postgraduate Institute of Medical Education and Research (PGIMER) के शोधकर्ताओं ने अल्ट्रासाउंड इमेज के आधार पर पित्ताशय (गॉलब्लैडर) कैंसर की पहचान के लिए एक अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित प्रणाली विकसित की है। यह तकनीक अल्ट्रासाउंड स्कैन में मौजूद संदिग्ध क्षेत्रों का स्वतः विश्लेषण कर कैंसर (Malignancy) और सामान्य (Benign) मामलों के बीच अंतर करने में सक्षम है।

जारी जानकारी के अनुसार AI मॉडल मरीज के कई अल्ट्रासाउंड स्कैन का एक साथ विश्लेषण करता है। ‘अटेंशन मैकेनिज्म’ तकनीक की मदद से यह संदिग्ध हिस्सों की पहचान कर महत्वपूर्ण विशेषताओं को प्राथमिकता देता है और अंत में कैंसर की संभावना के साथ एक कॉन्फिडेंस स्कोर प्रदान करता है।

प्रदर्शित उदाहरणों में सिस्टम ने कुछ मामलों को 95 प्रतिशत से अधिक सटीकता के साथ “Benign” तथा अन्य मामलों को “Malignant” के रूप में वर्गीकृत किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक प्रारंभिक चरण में रोग की पहचान को अधिक तेज और सटीक बना सकती है, जिससे समय रहते उपचार शुरू करने में सहायता मिलेगी। भारत में गॉलब्लैडर रोग और उससे जुड़े कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऐसी AI आधारित प्रणालियां भविष्य में चिकित्सकों के लिए महत्वपूर्ण सहायक उपकरण साबित हो सकती हैं।
यह नवाचार चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है और भविष्य में कैंसर निदान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।






