शिमला, 10 जुलाई,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ वर्मा
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों को इस वर्ष के अंत तक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि लोगों को राज्य में ही बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ की कमी दूर करने के लिए राज्य सरकार ने हजारों पदों पर भर्ती की है। उन्होंने बताया कि एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे मरीजों को उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर तथा अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी (एआईएमएसएस) चमियाणा में अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। आईजीएमसी शिमला में पीईटी स्कैन मशीन स्थापित की जा चुकी है, जबकि टांडा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों के लिए पीईटी स्कैन मशीनों की खरीद प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न पैरामेडिकल श्रेणियों के 71 पदों तथा 50 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 162 नए पैरामेडिकल पद भी स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा तथा प्रत्येक बैच में 60 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित की जाएगी। आईजीएमसी शिमला में तीन लेक्चर थिएटर और एक परीक्षा भवन के निर्माण के लिए 5.76 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि टांडा मेडिकल कॉलेज में लेक्चर थिएटर निर्माण के लिए अतिरिक्त 14.13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एआईएमएसएस चमियाणा में 23.75 करोड़ रुपये की लागत से क्रिटिकल ब्लॉक तथा 42 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त ब्लॉक का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने अधिकारियों को इन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने तथा आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध होने के बाद प्रदेशवासियों को अपने घर के निकट ही बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
बैठक में महाधिवक्ता अनुप रतन, प्रधान सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर, विशेष सचिव डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







