शिमला (नालागढ़), 3 अक्टूबर,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा।
हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार एवं नालागढ़ निवासी प्रो. रणजोध सिंह की कहानी ‘उपहास’ तथा दून वैली पब्लिक स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा शगुन रनोट की कहानी ‘मॉडल चिल्ड्रेनस होम मशोबरा’ (ए ट्रिप टू शिमला) का चयन बाल रंग-मंच 2026 के लिए हुआ है।


मिली जानकारी के मुताबिक दोनों कहानियों का चयन प्रदेश के 16 लेखकों की चयनित कहानियों में किया गया है।
कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट शिमला तथा भाषा विभाग के सौजन्य से बाल रंग-मंच 2026 का आयोजन 7 से 9 अक्टूबर तक शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य युवा छात्र-छात्राओं और वरिष्ठ साहित्यकारों को एक मंच पर लाकर युवाओं में साहित्य के प्रति रुचि को बढ़ावा देना है।
आयोजन के तहत प्रदेश के 16 लेखकों की चयनित कहानियों पर हिमाचल प्रदेश के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा नाटक तैयार किए गए हैं। इन नाटकों का मंचन 7 से 9 अक्टूबर तक गेयटी थियेटर में किया जाएगा।
नालागढ़ के लिए यह विशेष उपलब्धि है कि वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. रणजोध सिंह की कहानी ‘उपहास’ का मंचन 7 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से 11:30 बजे के बीच किया जाएगा।
वहीं दून वैली पब्लिक स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा शगुन रनोट की कहानी ‘मॉडल चिल्ड्रेनस होम मशोबरा’ का मंचन 9 अक्टूबर को होगा।
उल्लेखनीय है कि प्रो. रणजोध सिंह की कहानियां इससे पहले भी गेयटी थियेटर शिमला में मंचित हो चुकी हैं। वर्ष 2023 में उनकी कहानी ‘कैंथ का पेड़’ तथा वर्ष 2024 में ‘धर्मराज के दरबार में’ का मंचन हुआ था।

दोनों कहानियों को प्रदर्शन श्रेणी में क्रमशः प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त होने पर पुरस्कृत किया गया था।
प्रो. रणजोध सिंह की कहानी और शगुन रनोट की कहानी का बाल रंग-मंच 2026 के लिए चयन नालागढ़ क्षेत्र के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
