/चंडीगढ़ में EFICON 2026 का आगाज, 700 से अधिक जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ जुटे

चंडीगढ़ में EFICON 2026 का आगाज, 700 से अधिक जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ जुटे

चंडीगढ़, 3 अक्टूबर
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/वर्मा।

पब्लिक हेल्थ से जुड़े विशेषज्ञों, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाने वाला Epidemiology Foundation of India (EFICON 2026) का सातवां वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन चंडीगढ़ के पंजाब विश्वविद्यालय स्थित लॉ ऑडिटोरियम में शुरू हुआ।

तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन PGIMER चंडीगढ़ के कम्युनिटी मेडिसिन एवं स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ विभाग तथा पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।

सम्मेलन की थीम “Data to Decisions for Responsive and Resilient Health Systems” रखी गई है। उद्घाटन अवसर पर विनोद के. पॉल ने कहा कि भारत में जन स्वास्थ्य संबंधी कार्रवाई के लिए देश के अपने आंकड़ों पर निर्भरता महत्वपूर्ण है। जब पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध नहीं होते, तब भी उपलब्ध संसाधनों और सीमाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने पड़ते हैं।

सम्मेलन में देशभर से 700 से अधिक प्रतिनिधि और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं, जिनमें महामारी विशेषज्ञ, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति-निर्माता, कार्यक्रम प्रबंधक और विद्यार्थी शामिल हैं। सम्मेलन में 150 से अधिक राष्ट्रीय विशेषज्ञ एवं वक्ता भी भाग ले रहे हैं।

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रो. डॉ. विकास भाटिया ने की। इस अवसर पर डॉ. संजीव कुमार, मेजर जनरल (प्रो.) अतुल कोटवाल, डॉ. बिनोद कुमार पात्रो, डॉ. अरुण के. अग्रवाल, डॉ. शंकर प्रिंजा और डॉ. सोनू गोयल सहित अन्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

सम्मेलन के प्रमुख सत्रों में “Institutionalising Data-Driven Leadership” विषय पर पैनल चर्चा हुई। इसमें स्वास्थ्य आंकड़ों की गुणवत्ता, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध आंकड़ों के प्रभावी उपयोग, शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं के बीच बेहतर समन्वय, संस्थागत तंत्र विकसित करने, तथ्यों के सही संप्रेषण तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप सुझाव तैयार करने पर जोर दिया गया।

EFICON 2026 में जलवायु परिवर्तन एवं वायु प्रदूषण, पोषण निगरानी, गैर-संचारी रोग, स्वास्थ्य समानता, संक्रामक रोग निगरानी, हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट, डिजिटल हेल्थ, HIV रोकथाम एवं PrEP, मानसिक स्वास्थ्य तथा स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है।

सम्मेलन का वैज्ञानिक कार्यक्रम 4 अक्टूबर तक चलेगा। आगामी सत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, टीकाकरण, फील्ड एपिडेमियोलॉजी, AI एवं डिजिटल हेल्थ, One Health, तंबाकू नियंत्रण, पर्यावरणीय महामारी विज्ञान, वायरल हेपेटाइटिस, अल्कोहल से संबंधित रोगों और शोध को नीति एवं व्यवहार में लागू करने जैसे विषयों पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे।