हमीरपुर 4 अक्टूबर,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर बार-बार ऐसे नियम, कानून और नीतियां बनाने का आरोप लगाया है, जिन्हें न्यायालय में चुनौती मिलने के बाद असंवैधानिक ठहराया जा रहा है। उन्होंने मेडिकल अफसरों की भर्ती में डॉक्टरों को जॉब ट्रेनी बनाए जाने के फैसले को असंवैधानिक बताते हुए उच्च न्यायालय द्वारा इसे रद्द किए जाने का स्वागत किया।
हमीरपुर दौरे के दौरान जारी बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं को कानून का जानकार और अध्ययनकर्ता बताते हैं, लेकिन सलाहकारों की पूरी टीम होने के बावजूद सरकार के फैसलों की बार-बार न्यायालय में फजीहत हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार द्वारा बनाए गए नियम, कानून और नीतियां न्यायिक समीक्षा में बार-बार असंवैधानिक क्यों साबित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने विधानसभा में भी सरकार को आगाह किया था कि प्रतिशोध और वैमनस्य की भावना से लाए जा रहे कई कानून न्यायिक समीक्षा में टिक नहीं पाएंगे। जॉब ट्रेनी नीति का भी भाजपा ने विरोध किया था और इसे युवाओं के भविष्य के लिए नुकसानदायक बताया था। इसके बावजूद सरकार ने पहले से चल रही भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित डॉक्टरों को भी जॉब ट्रेनी बना दिया।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नाम पर सरकार संविधान और व्यवस्थाओं की गरिमा को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के कई फैसले संविधान की मूल भावना के विपरीत नजर आते हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में विभाग तो हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी है। कई जगह मशीनें उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए तकनीशियन और विशेषज्ञ स्टाफ नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में एमआरआई सहित कई मशीनें खरीदी गई हैं, लेकिन उनके संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में करीब 10 महीने से ओपन हार्ट सर्जरी बंद है। कहीं मशीनें हैं तो तकनीशियन नहीं, कहीं तकनीशियन हैं तो मशीनें नहीं और जहां दोनों उपलब्ध हैं, वहां जांच के लिए आवश्यक केमिकल व अन्य सामग्री की कमी है।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यवस्थाओं को मजबूत करने की मांग करते हुए कहा कि केवल भाषणों और दावों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था नहीं सुधरेगी। लोगों की जान से जुड़े इस क्षेत्र में सरकार को तत्काल आवश्यक डॉक्टर, तकनीकी स्टाफ, दवाइयां और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए।







