नालागढ़, 3 नवंबर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो /वर्मा।
नालागढ़ की विशेष अदालत ने चरस तस्करी के करीब आठ वर्ष पुराने मामले में दोषी स्वपन मंडल को सात साल के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले की जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी संदीप शर्मा ने बताया कि माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश NDPS एक्ट) पंकज गुप्ता की अदालत ने 3 नवंबर 2026 को यह फैसला सुनाया।
उन्होंने बताया कि 12 अगस्त 2018 को निरीक्षक लखबीर सिंह, प्रभारी SIU बद्दी, पुलिस टीम के साथ गश्त एवं गुप्त सूचना के आधार पर मादक पदार्थों की जांच के लिए रवाना हुए थे। शाम करीब 8:10 बजे जब पुलिस टीम बद्दी बस स्टैंड के पास मौजूद थी, तभी बस स्टैंड की तरफ से एक व्यक्ति अपने बाएं कंधे पर काला बैग उठाकर आता दिखाई दिया। पुलिस पार्टी को देखकर वह घबराकर पीछे मुड़ने लगा।
शक के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर मौजूद मान सिंह और भाग सिंह की उपस्थिति में बैग की तलाशी ली। बैग के अंदर नीले रंग के पॉलीथीन लिफाफे में 13 छोटे जिप पाउच मिले, जिनमें काले रंग का पदार्थ भरा हुआ था। जांच और अनुभव के आधार पर पदार्थ चरस पाया गया। तौल करने पर जिप पाउच सहित इसका कुल वजन 500 ग्राम निकला।
इस संबंध में पुलिस थाना बद्दी में अभियोग संख्या 198/2018 दिनांक 12 अगस्त 2018 को ND&PS एक्ट की धारा 20, 61 और 85 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की प्रारंभिक जांच निरीक्षक लखबीर सिंह तथा आगामी जांच मुख्य आरक्षी राजेश कुमार ने की।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर स्वपन मंडल को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।








