नालागढ 1जुलाई,
हिम नयन न्यूज /ब्यूरो/ नयना वर्मा

औधोगिक नगरी बीबीएन के ग्राम पंचायत बरोटीवाला महाजन चौकी मे सप्तम दिन श्रीमद् सप्ताह ज्ञान यज्ञ के कथा व्यास पीठ विवेकानंद महाराज प्रयागराज वालों ने पंडाल में उमड़े सैकड़ों श्रोतागणों को रस सवादन करते हुए कहा की पातक शब्द का अर्थ क्या है एकी जिस मनुष्य ने अपने जन्म मे घोर पाप किए हो उसे पातक कहते है ।

मनुष्य की मृत्यू पर अपने विचार रखते हुए उन्होने कहा कि इंसान भगवान से अतिम समय में क्या प्रार्थना करता है ,कि गंगा जी का तट हो यमुना जी का बंसीवट हो, मेरा सांवरा निकट हो। मुख में राम नाम का सुमरीन हो । जिस वक्ति की मृत्य भागवत कथा सुमिरन एवं रुक्मणी विवाह के उपरांत हुई हो तो उसे बैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है। स्वामी ने कहा कि जो व्यक्ति अपने सारे काम का छोड़कर एसी में बैठकर कथा का विवेचन कर रहा हो तो उस कथा का क्या फायदा ।कथा का रसपान पंडाल में बैठकर करना चाहिए ।इसी का फल व्यक्ति को मिलता है।

उन्होंने दहेज प्रथा की कृतियों पर भी श्रोतागणों के समक्ष खुलकर प्रकाश डाला और उसका विस्तृत प्रचार एवं प्रसार प्रसंगों के माध्यम से किया। उन्होंने कृष्ण सुदामा की मित्रता के प्रसंगों का भी भजन सकीर्तन सुनाकर श्रोतागणों को भाव विभोर किया।

स्वामी ने कृष्ण सुदामा की मित्रता का भजन संकीर्तन के माध्यम से भजन सुनाते हुए कहा कि “अरे द्वारपालो अपने कन्हैया से कह दो कि दर पर सुदामा मित्र मिलने आया है” से श्रोताओ को मन्त्र मुग्ध कर दिया । इसके अलावा भी अन्य कई भगवान श्री कृष्ण के भजन सुना कर पंडाल में उमड़े श्रोतागणों को अपनी मधुर वाणी से भावविभोर किया ।

कथा के अंत में बांके बिहारी की भव्य आरती महाजन परिवारजन द्वारा संयुक्त रूप से उतारी गई ।उसके पश्चात तमाम श्रोतागणों को प्रसाद का भंडारा वितरित किया गया ।











