शिष्य डॉ. आशीष राय को ए.आर. सेठ अवॉर्ड
चंडीगढ़, 21 सितम्बर ,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो /वर्मा।
पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के प्रोफेसर पिनाकी दत्ता को लंदन स्थित रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियंस की ओर से प्रतिष्ठित एफआरसीपी (FRCP) की उपाधि प्रदान की गई है।
यह सम्मान उन्हें एंडोक्राइनोलॉजी और चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए जुलाई 2025 में लंदन में आयोजित समारोह में दिया गया। इस अवसर पर विश्वभर के प्रमुख चिकित्सक और शोधकर्ता मौजूद थे।

राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रो. दत्ता को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। उन्हें एंडोक्राइन सोसाइटी ऑफ इंडिया (ESICON 2025) के वार्षिक सम्मेलन में पी.एन. शाह ओरशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

डॉ. पी.एन. शाह, जो इस सोसाइटी के संस्थापक सदस्य रहे हैं, और प्रो. दत्ता के गुरु डॉ. आर.जे. दाश ने वर्ष 1966 में अमेरिका की नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक रोजालिन यालो के साथ मिलकर भारत में हार्मोन की जाँच के लिए रेडियोइम्यूनोएसे तकनीक की शुरुआत की थी।
अपने ओरशन व्याख्यान में प्रो. दत्ता ने पिट्यूटरी ट्यूमर के प्रबंधन में मल्टी-ओमिक्स दृष्टिकोण पर आधारित अपने शोध कार्य को प्रस्तुत किया।

उन्होंने जीनोमिक और प्रोटीओमिक तकनीकों के जरिए सटीक चिकित्सा (प्रिसिशन मेडिसिन) के क्षेत्र में नए आयाम दिखाए, जो भविष्य में मरीजों के बेहतर उपचार में मददगार साबित होंगे।
उधर, उनके शिष्य डॉ. आशीष राय को भी इसी सम्मेलन में ए.आर. सेठ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार युवा वैज्ञानिकों के उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए दिया जाता है। डॉ. राय को पिट्यूटरी ट्यूमर के दोबारा होने की संभावना की पहचान करने वाले बायोमार्कर्स पर अपने शोध के लिए यह सम्मान मिला।
यह कार्य प्रो. दत्ता के मार्गदर्शन में किया गया है और भविष्य में रोगियों की दीर्घकालिक निगरानी और उपचार रणनीति को नई दिशा देगा।










