सोलन (अर्की) 5 जून,
हिम नयन न्यूज/ ब्यूरो/ वर्मा ।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 6 जून (शनिवार) को सायं 7:00 बजे से पंचक प्रारंभ होंगे, जो 11 जून (गुरुवार) को प्रातः 8:15 बजे समाप्त होंगे।
यह जानकारी ज्योतिषाचार्य एवं वैद्य शास्त्री तिलक राज शर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में पंचक काल का विशेष महत्व माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं एवं अध्यात्मिक दृष्टिकोण के साथ-साथ कुछ वैज्ञानिक कारणों के आधार पर भी इस अवधि में कुछ कार्यों को वर्जित माना गया है।

परंपरा के अनुसार पंचक के दौरान गृह निर्माण की छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा, ईंधन एवं लकड़ी का संग्रह, चारपाई बनवाना तथा अंतिम संस्कार से जुड़े कुछ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है।
शास्त्री शर्मा ने कहा कि पंचक काल में धार्मिक अनुष्ठान, जप, तप, दान-पुण्य तथा ईश्वर आराधना का विशेष महत्व होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से पंचक के दौरान धार्मिक मर्यादाओं का पालन करने तथा आवश्यक कार्यों के लिए योग्य विद्वानों से परामर्श लेने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि पंचक की समाप्ति 11 जून को प्रातः 8:15 बजे होने के बाद सामान्य रूप से सभी शुभ एवं मांगलिक कार्य संपन्न किए जा सकेंगे।








