/भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का एसडीएम नालागढ़ ने किया निरीक्षण

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का एसडीएम नालागढ़ ने किया निरीक्षण


मुख्य मार्ग छोटे वाहनों के लिए बहाल, भारी वाहनों की आवाजाही से फिलहाल बचने की अपील

नालागढ़ 7 सितंबर,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो /वर्मा।

नालागढ़-शिमला वाया रामशहर मार्ग पर कुम्हारहट्टी के समीप हुए भूस्खलन के बाद सोमवार को उपमंडलाधिकारी नालागढ़ नरेंद्र अहलूवालिया ने प्रभावित क्षेत्र का मौके पर निरीक्षण किया।

उन्होंने मुख्य सड़क मार्ग तथा मित्तियां संपर्क मार्ग को हुए नुकसान का जायजा लिया और भूस्खलन से उत्पन्न स्थिति तथा प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम आगे उस स्थान पर भी पहुंचे, जहां भूस्खलन का मलबा गिरने से चिकनी खड्ड का प्राकृतिक जल बहाव बाधित हो गया है।

जल निकासी अवरुद्ध होने के कारण पानी का जमाव बढ़ गया है और वहां कृत्रिम झील जैसी स्थिति बन गई है। उन्होंने जलभराव के फैलाव, पानी के स्तर तथा आसपास के क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का जायजा लिया।


एसडीएम ने कहा कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी मशीनरी तैनात कर दी है और जल निकासी के मुहाने को खोलने का कार्य लगातार जारी है। पानी को एक साथ तेजी से नीचे की ओर बहने से रोकने के लिए नियंत्रित एवं सावधानीपूर्वक निकासी की जा रही है, ताकि अचानक तेज बहाव अथवा फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।


उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि आवश्यकता के अनुसार जल निकासी के मुहाने को और अधिक खोला जाए, ताकि पानी का प्राकृतिक बहाव सुचारू हो सके और जलभराव को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जलभराव अभी भी काफी क्षेत्र में फैला हुआ है और पानी का स्तर तथा इसका फैलाव चिंता का विषय है।



नरेंद्र अहलूवालिया ने मौके पर उपस्थित संबंधित पटवारी को निर्देश दिए कि कृत्रिम झील के रूप में बने जलभराव से प्रभावित निजी भूमि का विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ लोगों की जमीन भी जलभराव की चपेट में आई है। ऐसे में प्रभावित भूमि और संबंधित भूमि मालिकों की जानकारी मौके पर सत्यापित कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावित लोगों की पहचान कर नियमानुसार राहत एवं सहायता प्रदान करने की आगामी कार्रवाई की जा सके।



एसडीएम ने बताया कि नालागढ़ से शिमला वाया रामशहर मुख्य सड़क मार्ग को छोटे एवं सामान्य वाहनों की आवाजाही के लिए दुरुस्त कर दिया गया है। हालांकि सड़क पर मिट्टी फिसलने की संभावना को देखते हुए उन्होंने वाहन चालकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की।


उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अनावश्यक रूप से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में न रुकें और सड़क पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं। विशेष रूप से भारी एवं बड़े वाहनों के चालकों से फिलहाल इस मार्ग पर आवाजाही से बचने का आग्रह किया गया है, ताकि सड़क पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और किसी अप्रिय घटना की संभावना को कम किया जा सके।


उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थानीय ग्रामीण भी प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ राहत कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।
इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी नालागढ़ अरविंद कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता नालागढ़ परवसर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।