शिमला, 11 सितंबर,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर तीखा निशाना साधा है।
शिमला से जारी बयान में उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा चुनाव परिणाम को ‘नॉर्मल रूटीन’ बताए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि यह सामान्य प्रक्रिया थी तो सरकार ने पंचायती राज चुनावों को लेकर नियम-कानून और संविधान की मर्यादाओं को लेकर इतनी कवायद क्यों की।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार ने पंचायती राज चुनावों को बार-बार रोकने का प्रयास किया और डिजास्टर एक्ट का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार के विभिन्न फैसलों को लेकर न्यायालय में प्रदेश और सरकार की कई बार फजीहत हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता का दुरुपयोग कर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों और नेताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए तथा जिला पंचायत सदस्यों को प्रताड़ित करने के लिए अधिकारियों का इस्तेमाल किया गया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इससे पहले मुख्यमंत्री जिला परिषद और ब्लॉक समिति सदस्यों की ‘एक दिन की वैल्यू’ बताकर जनप्रतिनिधियों और जनादेश को लेकर टिप्पणी कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को कम से कम वास्तविकता स्वीकार करनी चाहिए और किसी उपलब्धि को छोटा बताकर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
कांग्रेस की गुटबाजी पर भी साधा निशाना
जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के अंदर चल रही कथित गुटबाजी को लेकर भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले से निर्धारित कैबिनेट बैठक टल गई है और जन संवाद कार्यक्रम भी नहीं हो रहा है। उनके अनुसार कांग्रेस के कई नेता दिल्ली की ओर दौड़ लगा रहे हैं और पार्टी में अंदरूनी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि प्रदेश और सरकार में इस समय क्या चल रहा है तथा कांग्रेस का कौन सा गुट प्रभावी है, इसकी वास्तविक स्थिति प्रदेश की जनता के सामने रखी जानी चाहिए।
‘सुख’ के नाम पर ‘शुल्क’ की सरकार चलाने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में ‘सुख’ के नाम पर ‘शुल्क’ की सरकार चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के अधिकांश आदेश और अधिसूचनाएं या तो सेवाओं को समाप्त करने, संस्थानों को बंद करने अथवा विभिन्न सेवाओं पर शुल्क लगाने से जुड़ी हैं।
उन्होंने परिवार रजिस्टर की नकल के लिए शुल्क लगाए जाने का भी उल्लेख किया। साथ ही स्टांप सहित अन्य आवश्यक जन सुविधाओं की कीमतों में वृद्धि के प्रावधान को लेकर उन्होंने सरकार की आलोचना की और कहा कि इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक एवं प्रशासनिक स्थिति को लेकर जनता के सामने स्पष्ट स्थिति रखने की मांग की।








