96 फार्मा इकाइयों पर उत्पादन संबंधी रोक
सोलन(नालागढ़) 24 अक्टूबर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/वर्मा
हिमाचल प्रदेश में निर्मित दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सितंबर 2026 की ड्रग अलर्ट रिपोर्ट सामने आई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले 330 दवा सैंपल सामने आए हैं। इनमें से 92 सैंपल हिमाचल प्रदेश स्थित दवा निर्माताओं से संबंधित हैं।
स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार के अनुसार, हिमाचल से संबंधित 92 सैंपलों में से 70 में दवा की मात्रा (Assay) और घुलने की क्षमता (Dissolution) जैसे महत्वपूर्ण मानकों में कमी पाई गई, जबकि 22 सैंपलों में लेबलिंग जैसी छोटी खामियां सामने आईं।

उन्होंने बताया कि देश की घरेलू दवा आपूर्ति में हिमाचल प्रदेश का योगदान लगभग 33 प्रतिशत है। जुलाई में देशभर के 239 सैंपलों में से 82 हिमाचल से संबंधित थे, जबकि अगस्त में 220 में से 64 और सितंबर में 330 में से 92 सैंपल हिमाचल के निर्माताओं से जुड़े पाए गए।
विभाग के अनुसार, घरेलू आपूर्ति में राज्य की हिस्सेदारी के अनुपात में गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले सैंपलों का प्रतिशत जुलाई के 34 प्रतिशत से घटकर सितंबर में 28 प्रतिशत रह गया है।
राज्य औषधि नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि मरीजों की सुरक्षा के लिए दवा नियंत्रण प्रशासन सख्त कदम उठा रहा है। संबंधित दवा कंपनियों को सुधारात्मक और निवारक कार्रवाई के सत्यापन तक दवाओं का उत्पादन नहीं करने दिया जा रहा है।
वर्तमान में 96 फार्मास्यूटिकल इकाइयों में पूरी इकाई या कुछ विशेष सेक्शन में उत्पादन पर रोक लगाई गई है। नियमों के तहत दवा निर्माण लाइसेंस निलंबित या रद्द करने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।
दवा इस्तेमाल करने से पहले अलर्ट जांचने की अपील
दवा नियंत्रण प्रशासन ने आम जनता और मरीजों से अपील की है कि वे गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने वाली घोषित दवाओं के संबंधित बैच का इस्तेमाल न करें।
इसके लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की आधिकारिक वेबसाइट CDSCO Drug Alerts पर सितंबर 2026 की ड्रग अलर्ट सूची देखकर दवाओं और उनके बैच की जानकारी जांचें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य में घटिया दवाओं के निर्माण और वितरण के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।







