शिमला 28 अप्रैल,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्म
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में तीसरे विकल्प और वामपंथी ताकतों के उभार को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक मनमोहन सिंह ने सोशल मीडिया पर सामने आए एक पोस्टर के संदर्भ में कहा है कि यदि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने Rakesh Singha को भावी मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है, तो यह प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत हो सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीसरी ताकत के उभार पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं, लेकिन वास्तविक विकल्प के रूप में वामपंथ ही उभर सकता है।
उनका मानना है कि वामपंथी दलों को एकजुट होकर राकेश सिंघा को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर चुनावी मैदान में उतरना चाहिए, जिससे मतदाताओं को एक मजबूत और वैचारिक विकल्प मिल सके।
मनमोहन सिंह ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में राकेश सिंघा एक साफ-सुथरी छवि और प्रभावशाली नेतृत्व क्षमता वाले नेता के रूप में उभरते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वामदलों को कांग्रेस या अन्य दलों के साथ गठबंधन की बजाय अपनी विचारधारा, नीतियों और कार्यक्रमों के आधार पर जनता के बीच जाना चाहिए।
उन्होंने मजदूर, किसान, छात्र, कर्मचारी और युवा संगठनों को राजनीतिक रूप से मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि जन आंदोलनों में आज भी लाल झंडा ही सबसे अधिक सक्रिय दिखाई देता है और यही वामपंथ की सबसे बड़ी ताकत है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि वाम दल इस दिशा में ठोस रणनीति अपनाते हैं, तो प्रदेश की राजनीति में एक नए विकल्प के रूप में उभरने की संभावना को बल मिल सकता है।
हालांकि इसके परिणाम आने में समय लग सकता है, लेकिन इसे वामपंथ के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।








