/पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित


युवाओं में बढ़ती निकोटीन और तंबाकू लत पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता


चंडीगढ़ 28 मई,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ वर्मा

पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत तंबाकू नियंत्रण संसाधन केंद्र ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 के अवसर पर छठे राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।

मिली जान कारी के मुताबिक सम्मेलन का विषय “आकर्षण का पर्दाफाश : निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला” रहा।

सम्मेलन में देश-विदेश के नीति निर्माता, जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ, शोधकर्ता, चिकित्सक, युवा प्रतिनिधि और तंबाकू नियंत्रण क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम में युवाओं और संवेदनशील वर्गों में बढ़ती तंबाकू एवं निकोटीन लत को लेकर गंभीर चर्चा की गई।

इस राष्ट्रीय सम्मेलन में 29 राज्यों से 600 से अधिक प्रतिभागियों तथा 12 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन, विभिन्न विश्वविद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों और जनस्वास्थ्य संगठनों के 40 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

मुख्य आयोजक एवं तंबाकू नियंत्रण संसाधन केंद्र के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. सोनू गोयल ने कहा कि तंबाकू उद्योग युवाओं को आकर्षित करने के लिए स्वादयुक्त उत्पादों, डिजिटल प्रचार और भ्रामक संदेशों का उपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए मजबूत कानूनों और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के उप महानिदेशक एवं निदेशक डॉ. एल. स्वास्तिचरण ने कहा कि भारत में प्रत्येक पांचवां वयस्क बिना धुएं वाले तंबाकू का सेवन करता है।

उन्होंने बताया कि तंबाकू उद्योग हजारों प्रकार के स्वादों के माध्यम से इन उत्पादों को आकर्षक बनाकर इनके दुष्प्रभावों को कम दिखाने का प्रयास कर रहा है।

जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. पी. सी. गुप्ता ने कहा कि भारत ने तंबाकू नियंत्रण में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन नए निकोटीन उत्पादों और उद्योग के बढ़ते हस्तक्षेप से निपटने के लिए सख्त क्रियान्वयन आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि आज किशोरों को इन उत्पादों की जानकारी कई बार वयस्कों से अधिक होती है।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने निकोटीन उत्पादों के बढ़ते प्रचलन और आक्रामक प्रचार रणनीतियों को गंभीर वैश्विक चिंता बताया। विशेषज्ञों ने सरकारों और सामाजिक संगठनों से युवाओं को तंबाकू और निकोटीन की लत से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।

सम्मेलन के समापन पर मजबूत तंबाकू नियंत्रण नीतियों, युवाओं की सक्रिय भागीदारी, सख्त कानून लागू करने और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।