चंडीगढ़, 21 जुलाई,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा।
पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर), चंडीगढ़ में 22 से 31 जुलाई 2026 तक 10 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग लीडरशिप एवं मैनेजमेंट कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम (IPHMDP) के तहत सामुदायिक चिकित्सा एवं स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा विदेश मंत्रालय (MEA) के भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में 21 देशों के 50 वरिष्ठ नर्सिंग पेशेवर भाग लेंगे। इनमें बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, इथियोपिया, इस्वातिनी, घाना, इंडोनेशिया, केन्या, लाइबेरिया, मलावी, मालदीव, नेपाल, ओमान, फिलिस्तीन, पराग्वे, सेशेल्स, सिएरा लियोन, श्रीलंका, तंजानिया, उज्बेकिस्तान और जिम्बाब्वे के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को भारत की नर्सिंग नेतृत्व, स्वास्थ्य प्रबंधन और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की सफल कार्यप्रणालियों से अवगत कराया जाएगा, ताकि वे अपने-अपने देशों में स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बना सकें तथा सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति में योगदान दे सकें।
कार्यक्रम निदेशक एवं पीजीआईएमईआर के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. सोनू गोयल ने कहा कि यह कार्यक्रम भारत की वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग और क्षमता निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना के अनुरूप भारत अपने सफल स्वास्थ्य मॉडल मित्र देशों के साथ साझा कर रहा है, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों को सुदृढ़ बनाने में मदद मिल रही है।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को पीजीआईएमईआर के ग्रीन हॉस्पिटल, टेलीमेडिसिन एवं टेली-एविडेंस सुविधाओं, रीजनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (ROTTO), सेंट्रल स्टेराइल सर्विसेज विभाग (CSSD) तथा एआरटी/डॉट सेंटर का भ्रमण कराया जाएगा।
इसके अलावा आयुष्मान भारत मॉडल, फोर्टिस अस्पताल और चितकारा विश्वविद्यालय का शैक्षणिक दौरा भी कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पीजीआईएमईआर का IPHMDP भारत का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व एवं प्रबंधन कार्यक्रम है, जो चिकित्सा संस्थान द्वारा 161 ITEC साझेदार देशों के स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए संचालित किया जाता है।
पिछले दस वर्षों में इस कार्यक्रम के माध्यम से 97 देशों के 1,750 से अधिक स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिससे भारत की वैश्विक स्वास्थ्य कूटनीति और जनस्वास्थ्य क्षमता निर्माण को नई मजबूती मिली है।










