1,200 से अधिक ग्रामीण खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा।
कुल्लू, 6 अगस्त,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/वर्मा
भारत के सबसे बड़े ग्रामीण खेल महोत्सव ईशा ग्रामोत्सव का हिमाचल प्रदेश में पहली बार भव्य आयोजन हुआ।

कुल्लू के ढालपुर मैदान में आयोजित पहले क्लस्टर स्तरीय टूर्नामेंट में राज्य के विभिन्न गांवों से आए 1,200 से अधिक ग्रामीण खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आयोजन में पुरुष वर्ग की 62 वॉलीबॉल तथा महिला वर्ग की 40 थ्रोबॉल टीमों ने हिस्सा लिया, जिससे यह हिमाचल का अब तक का सबसे बड़ा ग्रामीण खेल महोत्सव बन गया।

ईशा फाउंडेशन द्वारा वर्ष 2004 में शुरू किए गए इस आयोजन का उद्देश्य खेल और संस्कृति के माध्यम से ग्रामीण समाज को जोड़ना तथा गांवों में एकता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देना है।

यह प्रतियोगिता विशेष रूप से किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों, गृहिणियों और अन्य ग्रामीण नागरिकों के लिए आयोजित की जाती है।
इस बार महिला खिलाड़ियों की भागीदारी विशेष आकर्षण रही। कई महिलाओं ने दो दशक से अधिक समय बाद खेल मैदान में वापसी की।

प्रतियोगिता की सबसे वरिष्ठ प्रतिभागी 65 वर्षीय वंती देवी रहीं।
महिला थ्रोबॉल प्रतियोगिता में गोपालपुर की पनिहार ए टीम विजेता बनी, जबकि शिकारीबीड़ ए टीम उपविजेता रही। रैसन की तेजस्विनी टीम तीसरे और गोपालपुर की पनिहार बी टीम चौथे स्थान पर रही।

पुरुष वॉलीबॉल प्रतियोगिता में जगतसुख गांव की ऋषि बॉयज़ टीम ने खिताब जीता। बराग्रां की टीम उपविजेता रही, जबकि नसोगी और कैस के सेओबाग की टीमों ने क्रमशः तीसरा और चौथा स्थान हासिल किया।

विजेता टीमों को 10 हजार रुपये, उपविजेताओं को 7 हजार रुपये, तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों को 5 हजार रुपये और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को 3 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

अब कुल्लू क्लस्टर की विजेता टीमें 9 अगस्त को हरियाणा के करनाल में होने वाले डिविजनल राउंड में हिस्सा लेंगी। वहां सफल रहने वाली टीमें 4 से 6 सितंबर तक कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में आयोजित राष्ट्रीय ग्रैंड फिनाले में खेलेंगी, जहां विजेता टीमों के लिए 5 लाख रुपये तक की पुरस्कार राशि निर्धारित है।

कार्यक्रम में कुल्लू नगर परिषद की अध्यक्ष आशा ठाकुर, उपाध्यक्ष शालिनी राय भारद्वाज, पार्षद कुब्जा ठाकुर और जीवन माला शर्मा सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस वर्ष आयोजित 18वें ईशा ग्रामोत्सव में देश के 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 40,000 से अधिक गांवों के 80,000 से अधिक खिलाड़ियों के भाग लेने की उम्मीद है। प्रतियोगिता को भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा नेशनल स्पोर्ट्स प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (NSPO) के रूप में मान्यता प्राप्त है।










