केंद्र ने बताई प्रगति और समय सीमा
शिमला, 7 अगस्त
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा
हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन द्वारा राज्यसभा में ऊना जिले के हरोली में बन रहे बल्क ड्रग पार्क की प्रगति को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने परियोजना की विस्तृत स्थिति, वित्तीय प्रगति और निर्माण कार्यों की जानकारी दी।

रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लिखित उत्तर में बताया कि 11 अक्टूबर 2022 को ₹1000 करोड़ की केंद्रीय सहायता से स्वीकृत इस परियोजना के तहत साझा आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है। इसके लिए पहली किस्त के रूप में ₹225 करोड़ पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

वहीं, हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपने हिस्से के ₹118.46 करोड़ स्वीकृत किए हैं, जिनमें से ₹35.53 करोड़ जारी हो चुके हैं।

परियोजना के तहत जलापूर्ति प्रणाली, विद्युत अवसंरचना, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP), जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) प्रणाली, स्टीम जनरेशन सिस्टम, कॉमन वेयरहाउस, सॉल्वेंट रिकवरी सिस्टम, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

केंद्र सरकार के अनुसार स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क का लगभग 12 प्रतिशत, आंतरिक सड़क एवं कंपाउंड वॉल का 10 प्रतिशत तथा रॉ, पोटेबल एवं डिमिनरलाइज्ड वाटर सिस्टम का करीब 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
अन्य प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं या निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
सरकार ने बताया कि पर्यावरण स्वीकृति, पेड़ों की कटाई की अनुमति और अन्य प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं के कारण परियोजना में देरी हुई। हालांकि 25 सितंबर 2025 को पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्यों में तेजी आई है और अधिकांश पैकेज अब क्रियान्वयन या खरीद प्रक्रिया के उन्नत चरण में हैं।
केंद्र ने यह भी बताया कि परियोजना की नियमित समीक्षा योजना संचालन समिति, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों तथा हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री की अध्यक्षता वाली हाई पावर्ड कमेटी द्वारा की जा रही है। परियोजना को समय पर पूरा करने के उद्देश्य से ‘प्रमोशन ऑफ बल्क ड्रग पार्क्स’ योजना की अवधि वित्त वर्ष 2026-27 तक बढ़ा दी गई है।
राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए एक ऐतिहासिक परियोजना है। इसके पूरा होने से प्रदेश में फार्मास्यूटिकल उद्योग को नई गति मिलेगी, हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, निवेश बढ़ेगा और हिमाचल देश के फार्मा सेक्टर में अपनी अग्रणी भूमिका को और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि वे संसद में लगातार प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दे उठाते रहेंगे ताकि हिमाचल को केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।










